क्यों लड़कियों को Beauty Standards से गुजरना पड़ता है?

Swati Bundela
29 Sep 2022
क्यों लड़कियों को Beauty Standards से गुजरना पड़ता है?

सुंदरता को हमारे समाज में बहुत ऊँचा दर्जा मिला है।ख़ासकर लड़कियों पर सुंदर होने का बहुत दबाव डाला जाता है। समाज ने सुंदरता का पैमाना बनाया हुआ है अगर कोई लड़की उस पर पूरी नहीं होती तो उसे सुंदर नहीं माना जाता। क्या सुंदर होने का मतलब गोरे होना है? क्या सुंदर सिर्फ़ वहीं है जिसके फ़ेस पर कोई पिम्पल नहीं है? नहीं, सुंदर होने का कोई पैमाना नहीं होता।

क्यों लड़कियों को Beauty Standards से गुजरना पड़ता है?

  • बचपन से ही शुरू हो जाता है ब्यूटी टेस्ट: लड़कियों जब से स्कूल जाना शुरू करती है तब से ही उनका ब्यूटी टेस्ट शुरू हो जाता।अगर लड़की का रंग थोड़ा सांवला हो तो क्या जाता है फ़ेस पर कुछ ब्यूटी क्रीम लगाया करो या फिर वेसन का लेप लगाया करो।इतने पिम्पल है फ़ेस पर इनको बालों से ढक लो।
  • पढ़ाई से ज़्यादा ब्यूटी पर ज़ोर डाला जाता: लड़कियों को शुरू से ही सिखाया जाता है कि तुम अपनी  सुंदरता पर ध्यान दो। पढ़ाई से ज़्यादा उनके सुंदर बनने पर ज़ोर दिया जाता है।सुंदर बनने के लिए उन्हें अलग-अलग चीजें सिखाई जाती है। उन्हें सलाहे दी जाती है। उनको महसूस कराया जाता कि तुम सुंदर नहीं हो।तुमे सुंदर बनना पढ़ेगा।
  • तुम्हारी शादी नहीं होगी: कहा जाता है कि अगर तुम सुंदर नहीं होगी तो तुमसे कोई भी शादी नहीं करेगा।क्यों उसे  शादी के लिए समाज के बनाए जो ब्यूटी स्टैंडर्ड्ज़ से गुजरना पढ़ेगा। शादी का मतलब सिर्फ़ सुंदर लड़की से शादी करवाना है।लड़कों को शादी के लिए कोई नहीं बोलता कि तुम तुम्हारा सुंदर होना ज़रूरी है। ज़्यादातर लड़कियों को ही सुंदर होने पर ज़ोर डाला जाता है।
  • किसने बनाए यह ब्यूटी स्टैंडर्ड्ज़: हमारे समाज ने ही लड़कियों के लिए यह ब्यूटी स्टैंडर्ड्ज़ बनाए है। फिर उनको इन पर पूरा उतरने के लिए ज़ोर डाला जाता है। लड़की जब से जवान होने लगती है उस पर इन चीजों का ज़ोर डालना शुरू कर दिया है। उसे महसूस करवाया कि तुम सुंदर नहीं हो। तुमसे कोई शादी नहीं करेंगा। उसको नीचा दिखाया जाता है। जिससे उनका आत्म-विश्वास कम होने लगता और कई बार तो वे ग़लत क़दम भी उठा लेती है।
  • क्या है सुंदरता की परिभाषा: सुंदरता की कोई परिभाषा नहीं होती है। हर व्यक्ति अपने तरीक़े से सुंदर होता है। कोई किसी से कम या ज़्यादा सुंदर नहीं होता। अपने तरीके से सब सुंदर होते है। उन्हें किसी के साथ तुलना करने की कोई ज़रूरत नहीं है। किसी को कहना कि तुम ज़्यादा सुंदर या काम बिल्कुल सही नहीं है। कमियाँ हर किसी में होती है लेकिन उनकी वजह से किसी को नीचा किसी तरह से सही नही है। हम सब अपने तरीक़े से सुंदर और बेस्ट है।

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