डेटिंग का नया फॉर्मूला: क्या है ‘6–7 डेटिंग’ और क्यों Gen Z इसे अपना रही है

इस बदलते पर्सपेक्टिव में सबसे चर्चा पर है ‘6–7 डेटिंग’ ट्रेंड एक ऐसा डेटिंग स्टाइल जो परफेक्ट रोमांस की नीड से ज़्यादा कंफर्ट, स्टेबिलिटी और लेस्स प्रेशर को प्रिऑरिटीज़ देता है। 

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Dimpy Bhatt
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What is 6 7 dating and why is Gen Z adopting it

Photograph: (freepik)

डेटिंग की लैंग्वेज बदल रही है, और Gen Z—रिलेशनशिप की डेफिनिशन ट्रेडिशनल रोमांस से कहीं ज़्यादा प्रैक्टिकल और इमोशनल सेफ़्टी पर बेस्ड है। इस बदलते पर्सपेक्टिव में सबसे चर्चा पर है ‘6–7 डेटिंग’ ट्रेंड — एक ऐसा डेटिंग स्टाइल जो परफेक्ट रोमांस की नीड से ज़्यादा कंफर्ट, स्टेबिलिटी और लेस्स प्रेशर को प्रिऑरिटीज़ देता है। 

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डेटिंग का नया फॉर्मूला: क्या है ‘6–7 डेटिंग’ और क्यों Gen Z इसे अपना रही है

क्या है ‘6–7 डेटिंग’?

‘6–7 डेटिंग’ टर्म सुनने में सिंपल लग सकता है, लेकिन इसमें रिलेशनशिप की थिंकिंग चेंज करने वाली बात छिपी है। इस ट्रेंड के अनुसार, Gen Z एक ऐसे पार्टनर चुनते हैं जिन्हें वो किसी रीज़न के “10/10” रोमांटिक आइडियल के बजाय “6 या 7” के स्केल पर देखते हैं—मतलब वे ऐसे रिश्तों को प्रायोरिटी देते हैं जो बहुत ज़्यादा ब्राइट स्टाइल में न दिखें, लेकिन कंसिस्टेंसी, इमोशनल सेफ़्टी, काइंडनेस और ट्रस्ट के साथ टिकते हों। 

यह ट्रेंड रोमांटिक कनेक्शन की तलाश से हटकर एक शांत, सपोर्टिव और स्टेबल रिलेशनशिप को चुनने का संकेत देता है। कोई स्ट्रांग केमिस्ट्री न भी हो, लेकिन अगर पार्टनर ऐसा है जिससे कम्फर्टेबले टॉक होती है, और इमोशनली सेफ महसूस करते हो, तो Gen Z उसे ही सही मानते जा रहा है। 

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Gen Z डेटिंग में क्यों बदलाव?

आज की डेटिंग ऐप कल्चर, कम्पैरिसन, और डेटिंग बर्नआउट ने युथ के इमोशनल हेल्थ को ज़्यदा कॉन्ससियस बना दिया है। कई युवा अब हाई-इंटेंसिटी रोमांस के बजाय एक स्टेबल और प्रिडिक्टेबल रिलेशनशिप चुनते हैं, ताकि अनसर्टेनिटी, डिसअप्पोइंटमेंट और इमोशनल थकान न हो। 

वे अब “परफेक्ट 10” पार्टनर की तलाश से हटकर यह सोचते हैं कि कोई पार्टनर अगर ट्रस्टवर्ती, रिस्पेक्टफुल, सिमिलर वैल्यूज वाला हो, तो वह रिश्ता ज़्यादा स्टेबल और हेल्दी हो सकता है। इस पर्सपेक्टिव में ‘6–7’ डेटिंग कमिटमेंट और कैज़ुअल डीटिंग के बीच एक ग्रे ज़ोन भी बनाती है—जहां कोई रिलेशनशिप ज़्यादा प्रेशर वाला नहीं होता, लेकिन उसकी इमोशनल वैल्यू क्लियर और सिक्योर होती है। 

क्या ‘6–7 डेटिंग’ हेअल्थी है?

‘6–7’ डेटिंग ट्रेंड इमोशनल मैच और स्टेबिलिटी को प्रिऑरिटीज़ देना सिखाते हैं, खासकर उन लोगों के लिए जिन्होंने बार-बार ब्रेकअफ्ट या इमोशनल डिसअप्पोइन्त्मेन्त का सामना किया है। ये सोच एंग्जायटी और डेटिंग के प्रेशर को कम कर सकती है और रिलेशन में बैलेंस लाने में मदद कर सकती है। 

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‘6–7 डेटिंग’ ट्रेंड ये सिग्न देता है कि Gen Z अब “आइडियल रोमांस” की बजाय इमोशनल स्टेबिलिटी, कंफर्ट और मैच को प्राथमिकता दे रही है। यह एक हेल्दी, बैलेंस्ड और रियलिस्टिक डेटिंग का नया तरीका है—जहां प्यार और स्ट्रेंथ दोनों की वैल्यू होती है, बिना प्रेशर के।

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