Teaching Consent: बच्चों को कंसेंट के बारे में सीखने की ज़रूरत और तरीके

Monika Pundir
17 Jun 2022
Teaching Consent: बच्चों को कंसेंट के बारे में सीखने की ज़रूरत और तरीके

कंसेंट एक अंग्रेजी शब्द है जिसका मतलब है ‘इजाज़त’। अक्सर हम इजाज़त, आज्ञा, परमिशन जैसे शब्द किसी ऑथोरिटी से इजाज़त के संदर्भ में इस्तमाल करते हैं, जैसे, माता पिता, टीचर या बॉस से परमिशन लेना। कंसेंट शब्द प्रत्येक इंसान के स्वतंत्रता के बारे में बात करता है। इसमें उम्र या पोज़िशन से फर्क नहीं पड़ता। अगर आप इंसान है, तो आपके कुछ हक हैं, कुछ स्वतंत्रता हैं, और आपकी मर्ज़ी के बिना कोई आपके इस स्वतंत्रता का उलंघन नहीं कर सकता है। 

वर्तमान अंग्रेजी-भाषी कंसेंट शब्द का प्रयोग सेक्सुअल कंसेंट के संदर्भ में युस करते हैं। इसका मतलब है किसी भी व्यक्ति के बोडिली ऑटोनोमी (अपने शरीर पर अधिकार) का उल्लंघन करना गलत है। किसी के साथ सेक्सुअल रिलेशन से कंसेंट ज़रूरी है ही, पर बोडिली ऑटोनोमी में, हग, किस, या केवल चूना (बिना सेक्सुअल वजह से) भी आता है। अगर आप चाहे तो किसी से कह सकते हैं कि वे आपको न छुए।

हम यह साडी बातें बड़ों को समझना आसान समझते हैं, और बच्चों को कहने से डरते हैं या शरमाते हैं, पर ऐसा नहीं होना चाहिए। बच्चों को कंसेंट के बारे में पता होना चाहिए। युवा अवस्था यह सीखने के लिए बहुत देर है। जबसे आपका बच्चा स्कूल जाये, तभी से उन्हें यह चीज़े सीखनी चाहिए। उम्र के हिसाब से धीरे धीरे जानकारी और डिटेल्स बढ़ाना सही है।

बच्चों को कंसेंट के बारे में क्यों सीखना ज़रूरी है?

  • बच्चों को पता होना चाहिए कि उन्हें अगर किसी के छूने से तकलीफ है, तो वे उन्हें ‘ना’ कह सकते हैं।
  • प्यूबर्टी से पहले बच्चों को अपने प्राइवेट पार्ट्स के बारे में अपने माता पिता से बात करने में शर्माते नहीं है। इसलिए वे खुली और साफ़ मन से आपकी बात सुनेंगे
  • यह भी बताना ज़रूरी है की अजनबियों का उनको बिना इजाज़त छूने की इजाज़त नहीं है।
  • उन्हें पता होना चाहिए की कौन उन्हें छू सकता है (माता, पिता, डॉक्टर, आदि)
  • उन्हें पता होना चाहिए की बिना इजाज़त उन्हें किसी को चूना नहीं चाहिए।
  • उन्हें पता होना चाहिए की किसी भी समय वे अपना कंसेंट वापस ले सकते हैं, अगर वे अनकंफर्टेबल हो रहे हो।
  • उन्हें पता होना चाहिए की वे आपसे इस बारे में बात कर सकते हैं।

आजकल चाइल्ड अब्यूस, चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज और जुवेनाइल क्राइम (18 से कम वर्ष के बच्चों द्वारा जुर्म) बढ़ रहा है। ऐसे में हर बच्चे को जानना ज़रूरी है की उनके साथ हो रहा क्या सही है और क्या गलत। छोटी उम्र में सीखने से बच्चों के मन में बुरे ख्याल भी कम होते हैं।

कंसेंट के बारे में कैसे सिखाए?

1. सबसे पहले अपने बच्चे को गुड टच और बैड टच के सिखाए

अगर आपको समझने में असुविधा हो रही है, तो इस टॉपिक पर बहुत सारे एनिमेटेड यूट्यूब विडिओ होते हैं, जो स्कूल में युस होती हैं। आप ऐसी कोई वीडियो चुन क्र अपने बच्चे को दिखा  सकते हैं, या उनके साथ देख सकते हैं।

2. उनसे पूछे कि उन्हें क्या समझ आया  

जब वे आपको अपनी बात समझते हैं, आप किसी भी गलतफहमी को दूर कर सकते हैं। 

3. उन्हें बताए की वे आपसे इन टॉपिक्स पर बात कर सकते हैं 

कई बार बच्चे अपनी बॉडी के बारे में किसी से बात नहीं कर पाते क्योंकि वे डरते हैं, या शर्माते हैं। कई बार माता पिता उन्हें इन टॉपिक्स पर बात करने से मना करते हैं। कृपया ऐसा न करें और उन्हें सेफ महसूस कराए।

4. खुद कंसेंट फॉलो  करें 

अपने बच्चे को हग या किस करने से पहले उनसे पूछे की क्या वे ऐसा चाहते हैं? उनके कमरे में घुसने से पहले नॉक करें। अक्सर, अगर वे न कहे, तो थोड़ी देर बाद खुद ही आपके पास आकर आपसे प्यार जताएंगे। इसलिए उनके मना करने पर इमोशनल न हो। अगर वे लगातार छूने से मना करते रहें, तो उनसे शांत तरीके से सवाल पूछियेगा। क्रोधित न हो।

5. टीनएजर बच्चों से सीधा बात करें 

अपने टीनएजर बच्चों से साफ़ साफ़ सेक्सुअल कंसेंट के बारे में बात करें। अगर आपने नॉन सेक्सुअल कंसेंट के बारे में बात नहीं की है, तो वह भी सिखाए। यह सीखने के लिए 18 वर्ष का इंतज़ार न करें। 13-14 वर्ष तक सबको इस सब के बारे में पता होनी चाहिए 

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