PCOD: PCOD में राहत देते हैं किचन के मसाले, जानें कौन से हैं वह मसाले

मेथी दाने के बीज इंसुलिन के लेवल और ग्लूकोज को स्थिर करने में हेल्प करते हैं। यह हार्मोन को भी बैलेंस करते हैं जो बदले में बहुत ज्यादा टेस्टोस्टेरोन के उत्पादन को बेअसर करने में हेल्प करता है। जानें अधिक जानकारी इस हैल्थ ब्लॉग में -

Vaishali Garg
14 Jan 2023
PCOD: PCOD में राहत देते हैं किचन के मसाले, जानें कौन से हैं वह मसाले

Kitchen Spices That Controls Pcod

पॉलीसिस्टिक ओवरी डिसऑर्डर (PCOD) जिसे कई लोग पॉलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) भी कहते हैं। यह बीमारी औरतों में बहुत आम है। यह आश्चर्य की बात नहीं है कि इसके लिए कई महिलाएं दवाओं का उपयोग कर रहीं हैं। बहुत सी महिलाएं अपनी लाइफस्टाइल में बदलाव कर रही हैं। अधिकतर महिलाएं स्थिति को कंट्रोल में रखने के लिए फिटनेस सेशन स्टार्ट कर रही हैं।

क्या आप इसे कंट्रोल करने के घरेलू उपायों के विषय में जानते हैं? आपको PCOD से राहत के लिए अपनी किचन में कदम रखने की जरूरत है। कुछ रोज़मर्रा के मसालो को आप अपनी डाइट में शामिल कर के आप PCOD से राहत पा सकते हैं। जानिए इन मसालों के नाम और गुणों के बारे में।

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1. सौंफ का इस्तेमाल

सौंफ शरीर में एंड्रोजन को कम करने में हेल्प करती है। सौंफ से बालों के झड़ने को कम करने में भी हेल्प मिलती है। इसमें फाइटोएस्ट्रोजेन होता है, जो इसे हार्मोनल बैलेंस के लिए एक अच्छा ऑप्शन बनाता है। इसमें प्रोजेस्टोजेनिक पदार्थ भी मौजूद होते हैं जो थायरॉयड हार्मोन को बैलेंस करने में हेल्प करते हैं।

2. काली मिर्च का इस्तेमाल

काली मिर्च एंटी-ऑक्सीडेंट से भरपूर खाद्य पदार्थ है। यह पीसीओएस को रोकने में हेल्प करते हैं। काली मिर्च में  एंटी-ऑक्सीडेंट्स भी होते हैं जो एक्स्ट्रा फैट को कम करने में हेल्प करते हैं। काली मिर्च इंसुलिन में सुधार करती है जिससे हार्मोन बैलेंस हो जाते हैं।

3. मेथी दाना का इस्तेमाल

मेथी दाने के बीज इंसुलिन के लेवल और ग्लूकोज को स्थिर करने में हेल्प करते हैं। यह हार्मोन को भी बैलेंस करते हैं जो बदले में बहुत ज्यादा टेस्टोस्टेरोन के उत्पादन को बेअसर करने में हेल्प करता है। काली मिर्च वेट लॉस में सहायता और हेल्दी हार्ट फंक्शनिंग को बैटर करने में भी हेल्प करता  है।

4. दालचीनी का इस्तेमाल

दालचीनी टाइप 2 diabetes के इलाज में काफी फायदेमंद साबित होता है। यह ब्लड फ्लो के स्तर को स्टेबल करने में हेल्प करता है। एक अध्ययन में यह भी पता लगाया गया है कि यह मसाला प्रेगनेंसी की बाधाओं को कम करता है। दालचीनी को मिल्कशेक के साथ या दही के साथ या फिर चाय में डाल कर भी खाया जा सकता है। इसमें लगभग कोई कैलोरी नहीं होती है इसलिए आपको कैलोरीज के बारे में चिंता करने कि कोई ज़रूरत नहीं है।

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