Myths About Periods : मासिक धर्म से जुड़ी अफवाह

Swati Bundela
29 Aug 2022
Myths About Periods : मासिक धर्म से जुड़ी अफवाह

वैसे तो आज भी इस विषय पर खुलकर बात नही होती है जो की एक बहुत ही गलत तरीका है। महिलाओं को मासिक धर्म होना एक सामान्य प्रक्रिया है।

शरीर में होने वाली बाकी प्रक्रियाओं की तरह इसका होना भी सामान्य है जिस में शर्म की कोई बात नहीं है। किसी भी विषय की अधूरी जानकारी हानिकारक हो सकती है। यदि किसी भी लड़की को अपने शरीर से जुड़ी कोई गलत जानकारी होगी तो अवश्य ही वो उसके शरीर के लिए हानिकारक साबित हो सकती है।

मासिक धर्म ऐसा विषय है जिसके बारे में कई वर्षो से गलत जानकारी या अफवाह बताई जा रही है जिसका कोई वैज्ञानिक सबूत नहीं है। हम कुछ ऐसी ही अफवाहों और उनके सच के बारे में बता रहे है जो आपके लिए लाभदायक साबित हो सकती है।  

खट्टी चीजें नहीं खानी चाहिए

विशेष रूप से ऐसा कहा जाता है की इस समय महिलाओं को आचार नहीं खाना चाहिए। यह भी सच नही है, खट्टा खाना न खाने से संबंधित कोई वैज्ञानिक सबूत नहीं है। हां संतुलित भोजन करना बेहद जरूरी है। ऐसा भी देखा गया है कि कई महिलाओं को पीरियड के दौरान खट्टा जैसे नीबू या अचार खाने से ज्यादा दर्द होता है।  

मासिक धर्म के समय बाल  न धोना

अपने पूरे जीवन में हर लड़की यह बात कभी न कभी सुनती है। घर की कोई बड़ी महिला जैसे दादी, नानी, या मां घर की लड़की को यही बताती है की इस समय में अपने बाल नही धोने चाहिए। इस कथन में बिल्कुल भी सच्चाई नहीं है। माह के इस समय में आपको अपनी सवछता का ध्यान सबसे अधिक रखने की जरूरत है। हल्के गुनगुने पानी से नहाने से पीरियड्स के दौरान होने वाले दर्द में आराम मिलता है।

मासिक धर्म के दौरान निकलने वाला खून गंदा होता है

यह बिल्कुल भी सत्य नही है। पीरियड्स में निकलने वाला खून कई चीजों का मिश्रण होता है। यह शरीर की बाकी प्रक्रियाओं की तरह ही है। इसमें कोई भी जीवाणु या जहरीला प्रदार्थ नही होता।

पौधों को न छूना

महिलाओं को यही बताया जाता है की मासिक धर्म के समय अगर वें किसी पौधे को छू लेंगी तो वो पौधो मुरझा जाएगा। यह बिल्कुल भी सत्य नही है। आप पौधो को छू भी सकती है और उनकी देखभाल भी कर सकती है।

पीरियड्स के समय बिस्तर पर न सोएं

मासिक धर्म के समय महिलाओं का शरीर अपनी पूरी ऊर्जा में नही होता। ऐसे में उन्हें पूरे आराम की जरूरत है। जैसे आप आराम महसूस करें वैसे सोएं। बिस्तर पर या जमीन पर इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है। 

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