Raw Milk Or Boiled Milk? कौन सा विकल्प है सेहत के लिए बेहतर

Raw Milk Or Boiled Milk? कौन सा विकल्प है सेहत के लिए बेहतर Raw Milk Or Boiled Milk? कौन सा विकल्प है सेहत के लिए बेहतर

Sanjana

05 Aug 2022

पहले के जमाने में शहरीकरण ज्यादा नहीं था और तब दूध इंडस्ट्री में नहीं बनता था। लेकिन अब दूध, दही जैसे डेरी प्रोडक्ट इंडस्ट्री में तैयार होते हैं। आप माने या ना माने लेकिन लोगों को इंडस्ट्रीज पर लोकल के मुताबिक ज्यादा विश्वास है। इंडस्ट्री में दूध को पाश्चराइज कर दिया जाता है जिससे दूध में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया मर जाते हैं।

इसके कारण लोगों के मन में एक सवाल उठता है कि क्या दूध को कच्चा ही इस्तेमाल कर लिया जाए या इसे उबालने की जरूरत है। यूं तो दोनों दूध के अपने-अपने फायदे होते हैं। एक तरफ कच्चा दूध स्किन को साफ करने में काम आता है तो वहीं दूसरी तरफ उबला हुआ दूर लोग पीने के लिए इस्तेमाल करते हैं। लेकिन आपकी सेहत के लिए कौन सा दूध बेहतर है? कच्चे दूध को उबालने की जरूरत क्यों है?

कच्चा दूध क्यों नहीं?

कभी-कभी जब बच्चे आलस पन में कच्चा दूध ही पीते हैं तो घर के बड़े बुजुर्ग कहते हैं कि दूध को हमेशा उबालकर पीना चाहिए। लेकिन क्या आपने सोचा ऐसा क्यों? कच्चा दूध एक बेवरेज से ज्यादा एक इकोसिस्टम है जहां पर हजारों बैक्टीरिया निवास करते हैं। इसमें वाइट ब्लड सेल और कई तरह के एंजाइम मौजूद होते हैं जो हमारी सेहत के लिए हानिकारक है।

यह बहुत कम देखा गया है कि कच्चे दूध के हमारी सेहत को फायदे हो। पाश्चराइजेशन के पहले कच्चा दूध में ट्यूबरकुलोसिस डिप्थीरिया और टाइफाइड जैसी बीमारिया फैलाने वाले बैक्टीरिया होते हैं।

दूध उबालकर पीना है ज़रूरी

दूध एक ऐसा खाद्य पदार्थ हैं जिसमें बैक्टीरिया बहुत जल्दी आसानी से पनप जाते हैं। यह हमारी सेहत के लिए हानिकारक हो सकते हैं। लोगों को दूर वाले की जरुरत बैक्टीरिया की खोज होने से पहले ही समझ आ गई थी। वैज्ञानिकों के द्वारा लोगों को यह सलाह दी जाती है कि वह दूध का किसी भी तरह से इस्तेमाल करने से पहले उसे जरूर उबाल लें।

दूध को उबालने से इसमें मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया अधिक तापमान के कारण मर जाते हैं। केवल इतना ही नहीं बल्कि उबालने से दूध में एक पका हुआ फ्लेवर ऐड हो जाता है जो इसे स्वादिष्ट बना देता है। 

दूध उबालने का न्यूट्रिशन पर प्रभाव

दूध उबालने से इसमें मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया तो मर जाते हैं लेकिन साथ ही इसकी न्यूट्रिशनल वैल्यू भी कम हो जाती है। स्टडीज में ऐसा देखा गया है कि दूध उबालने पर इसमें मौजूद व्हे प्रोटीन का लेवल कम हो जाता है। साथ ही उबले हुए दूध में विटामिन और मिनरल्स की मात्रा भी कच्चे दूध के मुकाबले कम पाई गई है। इनमें विटामिन b2, b3, b6 और फोलिक एसिड शामिल है।

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