High Testosterone In Women: महिलाओं में उच्च टेस्टोस्टेरोन के 5 लक्षण

अक्सर देखने को मिलता है कि महिलाओं के अंदर जब टेस्टोस्टरॉन हार्मोन्स का मात्रा बढ़ती और घटती है तो महिलाओं के अंदर एक अलग प्रकार की चिड़चिड़ापन पैदा हो जाती। जानें अधिक इस हैल्थ ब्लॉग में -

Amrita Kumari
20 Jan 2023
High Testosterone In Women: महिलाओं में उच्च टेस्टोस्टेरोन के 5 लक्षण

High Testosterone In Women

High Testosterone In Women: यह हार्मोन का नाम सुनकर आप सबके मन में यह बात जरूर आई होगी कि यह हार्मोन महिलाओं से कैसे संबंधित है, तो हम आपको बता दें कि कुछ महिलाओं के अंदर भी टेस्टोस्टेरोन हार्मोन पाया जाता है जो कि उनके खराब खानपान, उनके अपने शरीर के ऊपर ध्यान ना देना, तरह तरह की गतिविधियों के कारण होता है। अधिकतर महिलाएं अपने शरीर को लेकर बहुत ही ज्यादा लापरवाह रहती है। वह कभी भी अपना ख्याल नहीं रखती और उनको पता नहीं होता है कि अपने शरीर का ख्याल न रखना बाद में उनके लिए बहुत ही बड़ा समस्या खड़ी कर सकता है। आप अपने आसपास जरूर उन महिलाओं को देखे होंगे जिनकी थोड़ी बहुत दाढ़ी आ रही है, ऐसा इसलिए होता है क्योंकि महिलाओं के अंदर टेस्टोस्टेरोन हार्मोन की बढ़ोतरी हो जाती है। 

Symptoms Of High Testosterone In Women-

1.दाढ़ी मूछ आना

अगर महिलाओं को दाढ़ी मूछ आ रही हैं तो इसे हल्के में न लें। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि उनके अंदर टेस्टोस्टेरोन हार्मोन की बढ़ोतरी हो जाती है। जिसकी वजह से उनके सर के बाल तो नहीं लेकिन शरीर के बाकी अंगों में बालों की बढ़ोतरी होती है। दाढ़ी आना, पैरों के बाल हाथों के बाल और भी कई जगहों के बाल उगने लग जाते हैं।

2.ब्रेस्ट साइज में कमी

जी हां, यह भी बात सत्य है कि टेस्टोस्टेरोन हार्मोन के बढ़ने के कारण ही महिलाओं के अंदर ब्रेस्ट साइज छोटा होने लग जाता है और उसका संपूर्ण रूप से विकास नहीं हो पाता है। टेस्टोस्टेरोन के बढ़ने की वजह से ही महिलाओं का ब्रेस्ट का विकास नहीं हो पाता है।

3.पिंपल्स और ऑइली स्किन

अगर महिलाओं के शरीर में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन की मात्रा बढ़ जाती है तो उसकी वजह से उनका स्किन हमेशा ऑइली रहने लगती है जिसकी वजह से उनके चेहरे पर हमेशा पिंपल्स दाग, धब्बे बने ही रहते हैं। यही मुख्य कारण है कि महिलाओं को अक्सर पिंपल्स की परेशानी से जूझना पड़ता है।

4.असंतुलित पीरियड्स

जब महिलाओं के शरीर में टेस्टोस्टेरोन का मात्रा बढ़ जाता है तो इसकी वजह से उनकी पीरियड्स साईकिल में असंतुलन पैदा हो जाता है। उनके कभी भी नियमित रूप से पीरियड्स नहीं आ पाते हैं। यह एक गंभीर समस्या है। इसे नजरअंदाज ना करें। ऐसा होने पर तुरंत ही डॉक्टर को संपर्क करें।

5.डिप्रेशन

अक्सर देखने को मिलता है कि महिलाओं के अंदर जब टेस्टोस्टरॉन हार्मोन्स का मात्रा बढ़ती और घटती है तो महिलाओं के अंदर एक अलग प्रकार की चिड़चिड़ापन पैदा हो जाती है जिसकी वजह से वह बहुत ज्यादा परेशान रहती है और लास्ट में वह डिप्रेशन में चली जाती है।

Disclaimer: यह सार्वजनिक रूप से एकत्रित जानकारी है। यदि आपको किसी विशिष्ट सलाह की आवश्यकता है तो कृपया डॉक्टर से परामर्श करें।

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