Monsoon Skincare Tips: मॉनसून में मुँहासे से बचने के टिप्स

Monsoon Skincare Tips: मॉनसून में मुँहासे से बचने के टिप्स Monsoon Skincare Tips: मॉनसून में मुँहासे से बचने के टिप्स

Swati Bundela

12 Jul 2022

मॉनसून में अक्सर मौसम थोड़ा उमस भरा हो जाता है। दिन भर ताप्ती गर्मी फिर अचानक से बारिश और टेम्प्रेचर में गिरावट के कारण आसपास का मौसम थोड़ा उमस वाला हो जाता है। इस मौसम में अक्सर चेहरे पर मुँहासे और पिम्पल्स-एक्ने बढ़ने लगते हैं। इसका कारण होता है चिपचिपी गर्मी और उमस के कारण हमारे स्किन के पोर्स गन्दगी से क्लोज यानि बंद पड़ जाते हैं और उसके बाद पिम्पल्स होने लगते हैं। 

मॉनसून में पिम्पल्स बढ़ने के कारण 

मलसेज़िया फंगस नम मौसम में पनपता है इसीलिए ऐसे मौसम में बालों में डैंड्रफ और चहरे पर एक्ने-पिम्पल की समस्या आम है। असल में फंगल एक्ने नार्मल एक्ने की तारा बिलकुल नहीं दिखता। यह चेहरे पर छोटे-छोटे बम्प्स की तरह दिखाई देता है। जिसमें थोड़ी रेडनेस भी हो जाती है। बेसिक तौर पर कहें तो यह हेयर फॉलिकल का एक तरह का इन्फेक्शन है। फंगल मुहासों को चहरे पर किसी स्पेसिफिक एरिया में ही देखा जा सकता है, जैसे हमरा टी जोन। यह हमारे चहरे का सबसे ऑयली क्षेत्र होता है।  जहाँ पिम्पल्स होने के चान्सेस सबसे ज्यादा होते हैं। 

Monsoon Skincare Tips: मॉनसून में मुँहासे से बचने के टिप्स

मॉनसून में अक्सर डैंड्रफ की समस्याहोने लगती है। अगर आपको भी डैंड्रफ है तो ध्यान दें क्योंकि डैंड्रफ से होता हुआ फंगस आपके हैरलिने से आपके चहरे पर भी आ सकता है। उसके बाद आपको डैंड्रफ के साथ-साथ फंगल एक्ने को भी संभालना पड़ेगा। इसके लिए जरुरी है कि आप अपने बालों की डैंड्रफ की समस्या को जल्द से जल्द ख़त्म करें। इसके लिए आप बाजार में उपलब्ध कई सारे एंटी डैंड्रफ शैम्पू का इस्तेमाल कर सकते हैं। 

फंगल एक्ने से बचाव के लिए क्या करें 

इस नम और उमस भरे मौसम में अपने साथ हमेशा एक मिनी फैन लेकर घूमें। दिखने में छोटा फैन आपके चहरे को घंटो आयल फ्री और फ्रेश रखेगा। जिसकी मदद से आप तरोताज़ा महसूस करेंगी और पसीने की परेशानियों को भूल जाएँगी। मिनी फैन आसानी से हैंडल तो किया जा ही सकता है बल्कि यह पोर्टेबल भी है और आसानी से कही भी ट्रेवल में ले जाया जा सकता है। 

रोजाना सोने से पहले और सुबह उठने पर अपने फेस को अच्छे फेसवाश से क्लीन करें। क्लींजिंग बहुत इम्पोर्टेन्ट स्टेप होता है स्किनकेयर रूटीन में। इसीलिए इसे नज़रअंदाज़ बिलकुल भी न करें। 

उमस के दिनों में वैसे ही चहरे पर आयल सेक्रीट होता है तो ऐसे में किसी भी तरह के हैवी मॉइस्चराईज़र का इस्तेमाल करने से बचें। 

स्किन डॉक्टर की सलाह लें 

अगर आपकी समस्या आम समस्या से ज्यादा बढ़ गयी है। इस मौसम में जितना हो सके ब्यूटी प्रोडक्ट का इस्तेमाल कम से कम करें। कोई भी बेसुती प्रोडक्ट आपके ओपन पोर्स को क्लोज करके उनमें इन्फेक्शन का खतरा बढ़ने लगता है। अगर आपकी कंडीशन बेकार होते जा रही है तो फ़ौरन किसी बेहतर स्किन डॉक्टर से सलाह लेना न भूलें। 

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