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Workplace Stress का मानसिक सेहत पर क्या असर पड़ता है

कर्मचारियों का मानसिक स्वास्थ्य उनके पुरे स्वास्थ्य में एक महत्वपूर्ण निर्धारक है और कार्य की जगह पर खराब मानसिक स्वास्थ्य और तनाव कई तरह की शारीरिक बीमारियों जैसे उच्च रक्तचाप, मधुमेह और हृदय संबंधी बीमारी हो सकती  है।

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Pushpa Chauhan
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What Effect Does Work place Stress Have On Mental Health: कर्मचारियों का मानसिक स्वास्थ्य उनके पुरे स्वास्थ्य में एक महत्वपूर्ण निर्धारक है और कार्य की जगह पर खराब मानसिक स्वास्थ्य और तनाव कई तरह की शारीरिक बीमारियों जैसे उच्च रक्तचाप, मधुमेह और हृदय संबंधी बीमारी हो सकती  है। इसके अलावा भी, खराब मानसिक स्वास्थ्य कर्मचारियों में बर्न-आउट का कारण भी बन जाता है, जो उनके व्यक्तिगत और रोजाना जीवन दोनों में पुरे रूप से योगदान करने की उनकी क्षमता को गंभीर रूप से प्रभावित करता है।

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Workplace stress का मानसिक सेहत पर क्या असर पड़ता है

1. चिंता और अवसाद

लंबे समय तक कार्यस्थल का तनाव चिंता (anxiety) और अवसाद (depression) का कारण बन सकता है। यह मानसिक स्वास्थ्य स्थितियाँ व्यक्ति की दैनिक जीवन की गुणवत्ता को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती हैं।

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2. नींद की समस्याएँ

कार्यस्थल का तनाव नींद की गुणवत्ता और मात्रा को प्रभावित कर सकता है। (अनिद्रा) या नींद में खलल जैसे समस्याएँ हो सकती हैं, जिससे थकान और ऊर्जा की कमी हो जाती है।

3. चिड़चिड़ापन और मूड स्विंग्स

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लगातार तनाव के कारण व्यक्ति चिड़चिड़ा सा हो सकता है और उसके मूड में बार-बार परिवर्तन हो सकते हैं। यह सामाजिक संबंधों को भी प्रभावित कर सकता है।

4. ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई

तनाव के कारण ध्यान केंद्रित करने में मुश्किल हो सकती है। इससे कार्य प्रदर्शन में कमी आ सकती है और गलतियों की संभावना बढ़ सकती है।

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5. मनोवैज्ञानिक थकान

अत्यधिक तनाव मनोवैज्ञानिक थकान का कारण बन सकता है, जिससे व्यक्ति मानसिक और भावनात्मक रूप से थकान महसूस करता है। यह स्थिति व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारियों को निभाने में अक्षम बना सकती है।

6. स्व-आलोचना और आत्म-सम्मान में कमी

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कार्यस्थल पर लगातार दबाव और आलोचना का सामना करने से व्यक्ति का आत्म-सम्मान कम हो सकता है। व्यक्ति स्वयं को नकारात्मक रूप में देखने लगता है और आत्म-आलोचना बढ़ जाती है।

7. समाज से दूरी

तनाव के कारण व्यक्ति समाज से दूरी बनाने लगता है। वह अपने दोस्तों और परिवार के साथ कम समय बिताने लगता है, जिससे सामाजिक समर्थन प्रणाली कमजोर हो जाती है।

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8. बर्नआउट

लंबे समय तक कार्यस्थल का तनाव बर्नआउट (burnout) का कारण बन सकता है। यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें व्यक्ति शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से पूरी तरह से थकान महसूस करता है और कार्य के प्रति नकारात्मक दृष्टिकोण विकसित कर लेता है।

9. सामान्य स्वास्थ्य पर प्रभाव

मानसिक तनाव शारीरिक स्वास्थ्य पर भी असर डाल सकता है। इससे हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, मधुमेह और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम बढ़ जाता है। कार्यस्थल के तनाव को कम करने के लिए आवश्यक है कि व्यक्ति स्वयं की देखभाल करे, अपने मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखे और यदि आवश्यक हो तो विशेषज्ञ की मदद ले। तनाव प्रबंधन की तकनीकें, जैसे योग, मेडिटेशन, समय प्रबंधन और सामाजिक समर्थन भी इस दिशा में सहायक हो सकते हैं।

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