What Is Food Sequencing? आपके ग्लूकोज लेवल को कंट्रोल करने में सहायक

What Is Food Sequencing? आपके ग्लूकोज लेवल को कंट्रोल करने में सहायक What Is Food Sequencing? आपके ग्लूकोज लेवल को कंट्रोल करने में सहायक

Sanjana

21 Jun 2022

ग्लूकोज  रिवॉल्यूशन के लेखक जेस्सी इंचाउस्पे का कहना है कि अपनी डाइट में फेरबदल करने से आपकी पूरी जिंदगी बदल सकती है। वह इंस्टाग्राम और सोशल मीडिया पर अपनी सलाह में कहती हैं कि खाने को एक आर्डर में खाने से आपकी जिंदगी और शरीर से जुड़ी काफी समस्याएं दूर हो सकती हैं।

आप पहले सलाद खाते हैं और अपने खाने को कार्बोहाइड्रेट और स्टार्च के साथ खत्म करते हैं तो यह आपके ग्लूकोज  स्पाइक में हेरफेर कर देता है। यह आपके लिए बिल्कुल भी अच्छा नहीं है।

ग्लूकोज स्पाइक क्या है?

ग्लूकोज  स्पाइक आपके ब्लड स्ट्रीम में कार्बोहाइड्रेट का सेवन करने के 30 से 60 मिनट के बाद होती है। यह ग्लूकोज स्पाइक कितनी देर तक रहेगी इसे तय करने के लिए बहुत सी चीजों को देखना पड़ता है। जैसे आपने कार्बोहाइड्रेट के साथ या उससे पहले क्या खाया था, आपके कार्बोहाइड्रेट में कितना फाइबर है, आपकी इंसुलिन उत्पत्ति की क्षमता क्या है, आदि।

कुछ लोगों को इस ग्लूकोज  स्पाइक के लंबे समय तक रहने से कुछ बीमारियां भी हो सकती है। इससे हमारे हार्मोन में बदलाव आने लगते हैं जिसके कारण इन्फ्लेमेशन की समस्या हो सकती है। यह समस्या डायबिटीज और दिल की बीमारियों का कारण भी बन सकती है।

अलग अलग फूड से होती है अलग अलग स्पाइक

हमारी ग्लूकोज  स्पाइक को प्रभावित करने वाले कई कारक हैं। वैज्ञानिकों ने पता लगाया है कि फाइबर से भरपूर फूड खाने से ग्लूकोज  हमारे शरीर के विभिन्न भागों तक धीरे-धीरे पहुंचता है। इसलिए हमारे इंटेस्टाइन तक ग्लूकोज और दूसरे न्यूट्रिएंट पहुंचने में समय लग जाता है और हमारा खून भी जल्दी इन्हें सोख नहीं पाता।

फूड सीक्वेंसिंग क्या है? और यह कैसे काम करती है?

फूड सीक्वेंसिंग का मतलब होता है कि हम अपने फूड को एक नियमित ऑर्डर में खाएं। रिसर्च के अनुसार कार्बोहाइड्रेट का सेवन करने से पहले अगर हम फाइबर, फैट या प्रोटीन का सेवन करते हैं तो हमारी ग्लूकोज  स्पाइक्स का लेवल बहुत बढ़ जाता है। इसलिए प्रीलोड का सेवन कार्बोहाइड्रेट खाने से 30 मिनट पहले करना चाहिए।

एक स्टडी में यह देखा गया कि मैश पोटैटो खाने से 30 मिनट पहले प्रोटीन शेक पीने पर हमारी ग्लूकोज  स्पाइक कम हो गई। यह खाने से पहले पानी पीने के तरीके से बेहतर साबित हुआ।

इंचाउस्प कहते हैं कि फाइबर, फैट और प्रोटीन हमारे पेट में एक साथ मिक्स नहीं होते हैं। न्यूट्रिएंट्स हमारे पेट से बाहर तब तक नहीं जाते जब तक उनके बहुत ही छोटे टुकड़े ना हो जाए। लिक्विड हमारे शरीर से सॉलिड के मुकाबले जल्दी बाहर निकल जाता है।

अगर आप ग्लूकोज  स्पाइक की समस्या से बचना चाहते हैं तो अपने फूड को एक ऑर्डर में खाएं। यह आपकी सेहत के लिए फायदेमंद है।

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