What Is Gingivitis? क्या होता है जिंजिवाइटिस? क्यों आती है मुँह से बदबू

Apurva Dubey
04 Oct 2022
What Is Gingivitis? क्या होता है जिंजिवाइटिस? क्यों आती है मुँह से बदबू

अक्सर कई लोग मुँह से बदबू आने की समस्या से परेशान होते हैं। यह काफी तकलीफदेह हो सकता है, मुँह की बदबू न सिर्फ आपको असहज महसूस कराती है बल्कि समाज में आपको ऐम्बर्रेसमेंट भी हो सकती है। कई घरेलु उपचार हैं, जिनके माध्यम से हम मुँह की बदबू से छुटकारा पा सकते हैं। लेकिन क्या होगा जब कोई घरेलू नुस्खा काम न आये? असामान्य स्थिति में इस मुँह की बदबू आने के रोग को जिंजिवाइटिस कहते हैं। आप चाहे लॉन्ग-इलायची खा ले, तरह-तरह के माउथ वाश और टूथपेस्ट इस्तेमाल करले; फिर भी आपके मुँह से बदबू आ रही है, तो यह आर्टिकल जरूर पढ़े-         

What Is Gingivitis? क्या होता है जिंजिवाइटिस? क्यों आती है मुँह से बदबू 

जिंजिवाइटिस मसूड़ों की बहुत कॉमन बीमारी है। जिसमे मुँह से असामान्य तरीके से बदबू आने लगती है। जिंजिवाइटिस दो शब्दों से बना- "जिंजिवा" और "आईटिस"। "जिंजिवा" मसूड़ों को कहते हैं, और "आईटिस" शब्द का इस्तेमाल तब किया जाता है जब शरीर के किसी भाग में सूजन आ जाती है। इसका मतलब है न सिर्फ आपके मुँह से बदबू आती है; मगर इस बिमारी में आपके मसूढ़ों में सूजन भी आ सकती है।  

क्या है इसका कारण?

जब हम कुछ खाते-पीते हैं तो दांतों के ऊपर एक परत जमती है, ये बैक्टीरिया की एक परत होती है जिसे प्लाक कहते हैं। जब ये प्लाक हमारे दांतों में काफ़ी समय तक जमा रहता है तो ये बैक्टीरिया टॉक्सिन बनाते हैं। जिसकी वजह से मसूड़ों में सूजन आती है।  इसलिए दांतों की सफ़ाई रखना ज़रूरी है।  हर 12 घंटे में दांतों की सफ़ाई करने पर ये प्लाक दांतों से हटती है।  ऐसे मसूड़ों की बीमारियों से बचा जा सकता है।  इसलिए दिन में 2 बार दांतों की सफ़ाई ज़रूर करें।  और कारणों से भी मसूड़ों में सूजन आती है जैसे प्रेग्नेंसी, जिसमें हॉर्मोन्स का लेवल बदलता है।

दवाईयों से भी बढ़ती है समस्या 

कई बार मसूढ़ों की सूजन कई तरह की दवाईयों का कारण हो सकता है। बीपी और कैंसर में दी जाने वाली दवाईयां; मसूढ़ों में दर्द, सूजन और ग्रोथ कर सकते हैं। जिसके कारण ही हमे जिंजिवाइटिस हो जाता है।    

क्या लें Precaution

जिंजिवाइटिस का सबसे आम कारण है दांतों पर प्लाक जम जाना है। इसका बचाव यही है कि दांतों को साफ़ रखें। दांतों को 2 बार ब्रश करें हर 12 घंटे पर, जिससे ये परत न जमे और बैक्टीरिया अपने टॉक्सिन न बना पाएं जिससे मसूड़ों में सूजन आए। 

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