What Is Ideal Pregnancy Gap? क्या डिलीवरी के बाद दोबारा प्रेग्नेंट होना सेफ है?

What Is Ideal Pregnancy Gap? क्या डिलीवरी के बाद दोबारा प्रेग्नेंट होना सेफ है? What Is Ideal Pregnancy Gap? क्या डिलीवरी के बाद दोबारा प्रेग्नेंट होना सेफ है?

Apurva Dubey

31 Aug 2022

आमतौर पर लोग कहते हैं कि, प्रेगनेंसी के लिए कभी भी 'सही समय' नहीं होता है - यह कभी-कभी पसंद की बात होती है और कभी-कभी मौके की! जबकि अमेरिकन कॉलेज ऑफ ओब्स्टेट्रिशियन एंड गायनेकोलॉजिस्ट आपके बच्चे को जन्म देने के 6 महीने के भीतर गर्भवती होने की सलाह नहीं देते हैं, यदि आप ऐसा करते हैं, तो आपको शॉर्ट इंटरवल प्रेगनेंसी के जोखिम फैक्टर्स और उन्हें प्रबंधित करने के तरीके के बारे में पता होना चाहिए।

What Is Ideal Pregnancy Gap? क्या डिलीवरी के बाद दोबारा प्रेग्नेंट होना सेफ है? 

एक्ट्रेस देबिना बनर्जी और गुरमीत चौधरी, जिन्होंने हाल ही में एक बच्ची को जन्म दिया है, उन्होंने सोशल मीडिया पर 3 अप्रैल, 2022 को, अपने सेकंड प्रेगनेंसी की अनाउंसमेंट की! उन्होंने अपनी बेटी के जन्म के ठीक चार महीने बाद एक बार फिर प्रेग्नेंट होने का फैसला लिया। 

देबिना के बेबी नंबर 2 पर देबिना की इंस्टाग्राम पोस्ट को पढ़ें, "कुछ फैसले ईश्वरीय समय पर होते हैं और कुछ भी इसे बदल नहीं सकता है ... यह एक ऐसा आशीर्वाद है.. जल्द ही हमें पूरा करने के लिए आ रहा है।" एक फैन ने कमेंट किया, "मैम आपकी पहली प्रेगनेंसी में आपको बहुत सारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है, क्या आपको नहीं लगता कि आपको दूसरे बच्चे के लिए कम से कम एक साल तक इंतजार करना चाहिए?", जिसके जवाब में देबिना ने कहा, "आप मुझे क्या सुझाव दे रहें है? क्या इस चमत्कार को मै अबो्र्ट कर दूँ?"

प्रेगनेंसी गैप पर क्या कहते हैं डॉक्टर्स 

प्लानिंग और अवेयरनेस में माँ के शरीर पर पड़ने वाले प्रभावों को जानना शामिल होना चाहिए और स्वस्थ गर्भावस्था की दिशा में हर संभव प्रयास किया जाना चाहिए। शॉर्ट इंटरवल प्रेग्नेंसी के जोखिम कारकों और गर्भावस्था के सही अंतर के बारे में यह बात है कि दो या अधिक प्रेगनेंसी के बिच गैप होना फॅमिली प्लांनिग का हिस्सा होता है। क्योंकि यह माँ को ठीक होने और दूसरे बच्चे के लिए अपने शरीर को तैयार करने की अनुमति देती है। 

ज्यादा जल्दी-जल्दी प्रेग्नेंट होने से माँ और बच्चे के हेल्थ पर बुरा असर पड़ सकता है। जिसमे कई बार प्री-मच्योर डिलीवरी हो जाती है, जिमे बच्चे का पूर्ण विकास नहीं हो पता और ऐसे मै माँ को इन्फेक्शन और बच्चे की जान को खतरा होता है।  

इस तरह के गर्भधारण दूसरे जन्म के बच्चों में ऑटिज़्म के बढ़ते जोखिम से निकटता से जुड़े होते हैं। 12 महीने से कम समय के गर्भ में ऐसे लक्षण विकसित होने की संभावना सबसे अधिक होती है।


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