Importance Of Sunscreen: हर मौसम में क्यों जरूरी है सनस्क्रीन?

Importance Of Sunscreen: हर मौसम में क्यों जरूरी है सनस्क्रीन? Importance Of Sunscreen: हर मौसम में क्यों जरूरी है सनस्क्रीन?

Swati Bundela

21 Jul 2022

लोगों का मानना है कि गर्मियों की चिलचिलाती धुप से बचने के लिए और अपने स्किन कलर को प्रोटेक्ट करने के लिए हमे सनस्क्रीन की जरुरत होती है। लेकिन शायद आपको यह जान कर हैरानी होगी कि असल में हमे हर मौसम में सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना चाहिए। सनसक्रीन एक ऐसा स्किन केयर प्रौडक्ट है जिस का रोजाना इस्तेमाल करना हमारी स्किन के लिए बहुत जरूरी है। अधिकतर महिलाओं को लगता है सनस्क्रीन को सिर्फ गर्मियों में लगाया जाता है, लेकिन सनस्क्रीन को हर मौसम में इस्तेमाल करना चाहिए। सनस्क्रीन आप की स्किन को डैमेज होने से बचाता है। 

Importance Of Sunscreen - 

गर्मियों में सनस्क्रीन का प्रयोग 

गर्मियों में तेज धूप और सूरज की हानिकारक किरणों की वजह से स्किन पर टैनिंग, फ्रेक्ल्स, सनबर्न जैसी समस्या हो सकती है, जिस से आप की स्किन की खूबसूरती ढल सकती है। फ्रेक्ल्स को रोकने के लिए सनस्क्रीन लगाना बहुत जरूरी है। कई लोग घर में रहते हैं तो अपनी स्किन की देखभाल करने में आलस दिखाते हैं। अगर आप घर में किचन में ज्यादा समय बिताती हैं तो भी सनस्क्रीन का इस्तेमाल जरूर करें। सनस्क्रीन खरीदते समय एसपीएफ पर जरूर ध्यान दें। 

सर्दियों में सनस्क्रीन के फायदे 

आपको लगता होगा कि सर्दी के मौसम में धूप तो बहुत हल्की होती है, धूप की किरणें शरीर तक पहुंचती ही नहीं, तो फिर सनस्क्रीन की क्या जरूरत है? अगर आप भी ऐसा सोचती हैं तो बिल्कुल गलत सोच रही हैं। इस मौसम में सूरज की किरणें काफी तेज होती हैं और स्किन को डैमेज कर सकती हैं। ऐसे में स्किन को प्रोटेक्ट करने के लिए सनस्क्रीन की जरूरत पड़ती है।

एक स्टडी के मुताबिक कोहरे और ठंडी हवाओं के कारण भी स्किन में टैनिंग होती है।सर्दियों के मौसम में UVB के मुकाबले UVA किरणें ज्यादा पड़ती हैं, जिससे स्किन पर सनबर्न, झुर्रियां और काले धब्बे हो सकते हैं। सर्दियों में 30 एपीएफ की सनस्क्रीन क्रीम जरूरी होता है।

बरसात के मसम में भी सनस्क्रीन की है जरुरत 

स्किन एक्सपर्ट्स के मुताबिक यूवी किरणें मौसम की परवाह किए बिना हमारी त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती हैं।  मानसून के मौसम में भी, यूवी किरणें बादलों से गुजर सकती हैं और नुकसान पहुंचा सकती हैं।  त्वचा विशेषज्ञ बताते हैं कि सूरज की किरणें, जिनमें हानिकारक यूवी और इंफ्रारेड रेज़ होती हैं, समय से पहले बुढ़ापा, टैनिंग, झाइयां, लेंटिगिन्स और सनबर्न जैसी स्किन से जुड़ी की कई समस्याओं का कारण बन सकती हैं. बादल हमें यूवी किरणों से नहीं रोक पाते, यही वजह है कि मानसून के मौसम में भी अपनी स्किन को प्रोटेक्ट करने के लिए सनस्क्रीन लगाना जरूरी है। 

सनस्क्रीन लेते वक्त इन बातों का रखें ख्याल 

स्किन एक्सपर्ट्स के मुताबिक यूवी रेज के हार्मफुल इफेक्ट्स सनबर्न, रिंकल्स, पिगमेंटेशन, यहां तक कि स्किन कैंसर की भी वजह बन सकते हैं।  हालांकि अपनी स्किन को प्रोटेक्ट करते वक्त सही प्रोडक्ट का चुनाव बेहद जरूरी है। दरअसल बाजार में वैरायटी ऑफ प्रोडक्ट की रेंज उपलब्ध हैं जिन्हें देखकर लोग कंफ्यूज हो जाते हैं कि कौन सा सनस्क्रीन उनकी स्किन के लिए अच्छा रहेगा।  ऐसे में सलाह दी जाती है कि मौसम कोई भी हो सनस्क्रीन का इस्तेमाल करने से पहले प्रोडक्ट के इनग्रेडिएंट्स पढ़ लेना जरूरी है। 

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