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Photograph: instagram via (@imharmanpreet_kaur)
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान Harmanpreet Kaur ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 356 मैच खेलकर दुनिया की सबसे ज़्यादा मैच खेलने वाली महिला क्रिकेटर बनने का रिकॉर्ड बनाया। यह उपलब्धि सिर्फ एक व्यक्तिगत माइलस्टोन नहीं, बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट के लगातार बढ़ते प्रभाव और मजबूती का प्रतीक भी है।
इतिहास के पन्नों में नाम दर्ज: हरमनप्रीत कौर बनीं महिला क्रिकेट की सबसे ज़्यादा मैच खेलने वाली खिलाड़ी
सफर संघर्ष से सफलता तक
हरमनप्रीत कौर का क्रिकेट करियर आसान नहीं रहा। पंजाब के मोगा जैसे छोटे शहर से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचना उनके जुनून और मेहनत की कहानी है। शुरुआती दिनों में सीमित सुविधाओं और अवसरों के बावजूद उन्होंने अपने खेल पर विश्वास बनाए रखा।
उनकी आक्रामक बल्लेबाज़ी और बड़े मैचों में जिम्मेदारी उठाने की क्षमता ने उन्हें टीम का अहम खिलाड़ी बना दिया। समय के साथ वह सिर्फ मैच विनर ही नहीं, बल्कि टीम की प्रेरणादायक लीडर भी बन गईं।
रिकॉर्ड के पीछे की निरंतरता
356 मैच खेलना केवल प्रतिभा से संभव नहीं होता, इसके पीछे फिटनेस, अनुशासन और निरंतर प्रदर्शन की भूमिका होती है। हरमनप्रीत ने टेस्ट, वनडे और टी20 — तीनों फॉर्मेट में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए कई यादगार पारियां खेलीं।
उनकी कप्तानी में India women's national cricket team ने कई महत्वपूर्ण सीरीज़ और टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया। यह रिकॉर्ड उनकी लंबे समय तक टीम में स्थिर मौजूदगी और भरोसे का प्रमाण है।
महिला क्रिकेट के लिए प्रेरणा
हरमनप्रीत की यह उपलब्धि आने वाली युवा महिला खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। आज जब भारत में महिला क्रिकेट को अधिक पहचान और समर्थन मिल रहा है, ऐसे रिकॉर्ड खेल के प्रति लड़कियों का आत्मविश्वास बढ़ाते हैं।
उनकी सफलता यह संदेश देती है कि छोटे शहरों से आने वाली खिलाड़ी भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर इतिहास रच सकती हैं।
आक्रामक बल्लेबाज़ी बनी पहचान
हरमनप्रीत कौर को उनकी निडर बल्लेबाज़ी के लिए जाना जाता है। बड़े टूर्नामेंटों में दबाव के बीच लंबी और तेज पारियां खेलना उनकी खासियत रही है। उनकी मैच जिताने वाली पारियों ने कई बार भारत को मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकाला है।
साथ ही, ऑफ-स्पिन गेंदबाज़ी और शानदार फील्डिंग ने उन्हें एक बेहतरीन ऑलराउंडर के रूप में स्थापित किया है।
आगे की राह
यह रिकॉर्ड हासिल करने के बाद भी हरमनप्रीत की भूख कम नहीं हुई है। उनका लक्ष्य टीम को आईसीसी ट्रॉफी जिताना और महिला क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है।
उनकी यह उपलब्धि भारतीय क्रिकेट इतिहास में लंबे समय तक याद रखी जाएगी और आने वाली पीढ़ियों को बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित करती रहेगी।
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