5 Motherhood Myths: मां थकती नहीं है, जैसे 5 मिथ जो सच नहीं है

5 Motherhood Myths: मां थकती नहीं है, जैसे 5 मिथ जो सच नहीं है 5 Motherhood Myths: मां थकती नहीं है, जैसे 5 मिथ जो सच नहीं है

Sanjana

15 Jul 2022

हमारे समाज में आज भी लोग कुछ ऐसे मिथ में भरोसा रखते हैं जो बिल्कुल झूठ है। यहां तक कि पढ़े-लिखे लोग भी इन बातों में विश्वास रखते हैं। हद तो तब हो जाती है जब बॉलीवुड लोगों को यह मिथ बताएं। जी हां क्या आपने कभी किसी बॉलीवुड फिल्म में देखा है कि कोई मां काम करते करते थक गई हो? नहीं, क्योंकि बॉलीवुड के लिए तो मां एक सफर वूमेन है जो कभी नहीं थकती।

लेकिन मां भी तो एक इंसान होती है। उसका थकना भी दूसरे लोगों की तरह ही प्राकृतिक है। ऐसे में कुछ मां अगर थक जाती हैं या अपने कुछ जिम्मेदारियां पूरी तरह से नहीं संभाल पाती हैं तो उन्हें पछतावा होने लगता है। उनके पछतावे का कारण यह मिथ हैं। लेकिन मां के पछतावा नहीं होना चाहिए। आज हम आपको बताएंगे मदरहुड से जुड़े 5 मिथ -

1. मां थकती नहीं है

बॉलीवुड नई आज तक सबको यह दिखाया है कि मां एक सुपर वूमेन है। वह सुबह उठकर सबके लिए नाश्ता बनाएगी, घर का काम करेगी, ऑफिस भी जाएगी लेकिन थकेगी नहीं। भला ऐसा कैसे मुमकिन है कि कोई व्यक्ति दिन भर बिना रुके काम करने के बाद भी ना थके? यह केवल एक मिथ है। हमें इस पर विश्वास नहीं करना चाहिए और अपनी मां को आराम करने देना चाहिए।

2. अपने बच्चों से हमेशा प्यार करती है

हर मां अपने बच्चों से प्यार करती है इस बात में कोई शक नहीं है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं होता है कि वह हर वक्त केवल उन्हे प्यार ही करते रहेगी। बच्चे गलतियां करते हैं, इरिटेट करते हैं, ऐसे में किसी का भी फ्रस्टेट हो जाना आम बात है। एक मां को भी अपने बच्चे का गुस्सा आता है। कभी-कभी कुछ सही सिखाने के लिए बच्चे को डांटना भी जरूरी है।

3. कुछ महिलाओं के पास सब कुछ अच्छा है

अपनी कुतूहल भरी जिंदगी से परेशान होकर महिलाएं जब दूसरी महिलाओं को देखती हैं तो उन्हें लगता है कि उनकी जिंदगी में सब कुछ अच्छा है। उनका घर साफ रहता है, उनके बच्चे समझदार हैं, उनका पति अच्छा कमाता है, आदि। लेकिन जरूरी नहीं है कि हर चीज जैसी दिखती है वह अंदर से भी वैसे ही हो। आप नहीं जानते हैं कि उनकी पर्सनल जिंदगी की क्या समस्याएं हैं।

4. बच्चों की समस्या मां की समस्या है

हमारे समाज में एक अच्छी मां होने की शर्त यह होती है कि बच्चों की परेशानी को मां अपनी परेशानी समझे। आप बच्चों को पढ़ा सकते हैं, उन्हें प्रोत्साहन दे सकते हैं, उन्हें गलत रास्ते पर जाने से रोक सकते हैं, लेकिन आखिरकार यह फैसला उन्हीं का होगा कि उन्हें अपनी समस्या से कैसे डील करना है। बच्चों की समस्या की जिम्मेदारी मां को लेने की कोई जरूरत नहीं है।

5. 18 साल ही है रिश्ता मज़बूत करने के लिए

ज्यादातर 18 साल की उम्र पार करते ही बच्चे अपने काम और पढ़ाई के सिलसिले में घर से दूर रहने चले जाते हैं। इसलिए कुछ महिलाओं को लगता है कि अपने बच्चों के साथ अपने संबंध अच्छी करने के लिए उनके पास केवल 18 साल है। लेकिन आप उनके दूर जाने के बाद भी उनसे अच्छे संबंध स्थापित कर सकते हैं।

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