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Via (iStock)
दिल्ली, देश की राजधानी, जहां हर दिन लाखों लोग अपनी ज़िंदगी की दौड़ में शामिल होते हैं, वहां से एक shocking news सामने आई है। पिछले 15 दिनों में 800 से अधिक लोग लापता हो गए हैं। इसका मतलब है कि औसतन हर दिन लगभग 54 लोग गायब हो रहे हैं। यह आंकड़ा न केवल डराने वाला है बल्कि समाज और प्रशासन दोनों के लिए एक गंभीर चेतावनी भी है।
चौंकाने वाला आंकड़ा: Delhi Missing Cases Rising – 15 दिन में 800 से अधिक लोग गायब
Missing Cases का बढ़ता ग्राफ
दिल्ली पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, लापता लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इनमें बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग भी शामिल हैं। कई मामलों में लोग घर से बाहर काम या पढ़ाई के लिए निकले और फिर कभी वापस नहीं लौटे। कुछ मामलों में human trafficking और अपराध की आशंका जताई जा रही है।
🚨 807 people are missing in Delhi in just 15 days of Jan 2026
— Outline India (@OutlineIndia) February 2, 2026
➡️ Avg 54 per day
➡️ 63% women & girls
This is not just a number - it’s a public safety concern.
📊 Source: Delhi Police | NCRB#MissingPersons#Delhi#WomenSafety#PublicSafety#Data#DataForImpact#OutlineIndiapic.twitter.com/h1hqurz0tn
Women and Children सबसे ज्यादा प्रभावित
रिपोर्ट्स बताती हैं कि लापता होने वालों में बड़ी संख्या महिलाओं और बच्चों की है। यह स्थिति बेहद चिंताजनक है क्योंकि महिलाओं की सुरक्षा पहले से ही दिल्ली में एक बड़ा मुद्दा रही है। बच्चों के मामले में अक्सर kidnapping for forced labour या अन्य अपराधों की संभावना होती है।
Police Investigation और Challenges
दिल्ली पुलिस का कहना है कि वे हर missing complaint को priority पर लेते हैं। लेकिन इतने बड़े पैमाने पर मामलों के सामने आने से जांच और खोजबीन में मुश्किलें बढ़ जाती हैं। कई बार लोग खुद घर छोड़कर चले जाते हैं और बाद में वापस लौट आते हैं, लेकिन कई मामले ऐसे होते हैं जहां no clue मिलता है।
समाज की भूमिका
लापता लोगों की समस्या केवल पुलिस या सरकार की नहीं है। समाज को भी सतर्क रहना होगा। अगर किसी इलाके में कोई suspicious activity दिखे तो तुरंत रिपोर्ट करना ज़रूरी है। परिवारों को भी बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए।
Technology का इस्तेमाल
आज के समय में technology एक बड़ा हथियार बन सकती है। CCTV cameras, mobile tracking और social media alerts से कई मामलों को सुलझाया जा सकता है। लेकिन इसके लिए ज़रूरी है कि पुलिस और जनता मिलकर काम करें।
दिल्ली में 15 दिन में 800 से अधिक लोग लापता होना एक alarming situation है। हर दिन 54 मामले सामने आना यह दिखाता है कि सुरक्षा व्यवस्था में कहीं न कहीं बड़ी कमी है। यह समय है जब सरकार, पुलिस और समाज को मिलकर इस समस्या का समाधान ढूंढना होगा।
लापता लोगों की तलाश सिर्फ एक आंकड़ा नहीं है, यह उन परिवारों की उम्मीद और दर्द से जुड़ा है जो अपने प्रियजनों की राह देख रहे हैं। हमें यह समझना होगा कि safety is not optional, it is essential.
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