Studying abroad: विदेश में पढ़ने के लाभ

Studying abroad: विदेश में पढ़ने के लाभ Studying abroad: विदेश में पढ़ने के लाभ

Monika Pundir

20 Jun 2022

कई छात्रों के लिए विदेश में पढ़ने की इच्छा होती है, पर साथ में कन्फ्यूषन भी, की क्या यह सही फैसला होगा। ऐसा भी हो सकता है कि आपके माता पिता आपको रोकना चाहे क्योंकि वे सोचते हैं आपको घर से इतना दूर नहीं होना चाहिए। हो सकता है कि आपके माता पिता उत्सुक हो, पर कोई रिश्तेदार आपको डरा रहा है। 

जैसे हर सिक्के के दो पहलू होते हैं, वैसे ही विदेश में पढ़ने के दो पहलु है। इस पोस्ट में हम इसके लाभ के बारे में बात करेंगे। 

विदेश में पढ़ने के लाभ:

1. CV में अच्छा लगता है

CV (सीवी) या रेज़्युमे वह डॉक्युमेंट होता है जिसके आधार पर कंपनी आपको इंटरव्यू के लिए सेलेक्ट करता है। चाहे आप विदेश में ही नौकरी ढूंढे या अपने देश में, CV पर विदेश में पढाई के बारे में लिखना, आपके सेलेक्ट होने के चान्सेस बढ़ता है। इसका सिंपल वजह है कि जो व्यक्ति परिवार से दूर, अकेले रहना और पढ़ना मैनेज कर सकता है, उसमें कुछ स्किल्स बाकियों से बेहतर होगा।

2. स्वतंत्रता 

अगर आप अपने ही शहर में अकेले रहने या स्वतंत्रता की मांग करें, आपका परिवार दुखी हो सकता है, पर विदेश में पढ़ने से, किसी मन नहीं दुखेगा, और आपको स्वतंत्रता भी मिल जाएगी। आपको अपने सरे कम खुद करने का बोझ रहेगा, पर साथ ही आप अपनी मर्ज़ी के हिसाब से समय को भाग कर पाएंगे। आपको नए देश को एक्सप्लोर करने का समय भी मिलेगा।

3. लोअर ट्यूशन फीस 

कई देशों और कई कॉलेज में इंटरनेशनल स्टूडेंट्स के लिए फीस कम होती है। इस कम फीस में आपको बेहतर क्वालिटी एड्युकेशन मिलेगी। सभी जानते हैं की कुछ कॉलेज के एड्युकेशन की क्वालिटी बाकियों से बेहतर होती है। भारत में भी, लोग IIT को कोई और कॉलेज से बेहतर मानते हैं। कुछ विदेश के कॉलेज में ‘इंटरनेशनल फंडिंग’ भी उपलब्ध होता है, जिसमें इंटरनेशनल स्टूडेंट होने के कारण प्रेफरेंस मिलेगी, और आपकी फीस का कोई एक हिस्सा (उदाहरण- हॉस्टल या खाना) फ्री हो जायेगा।

4. परिवार की एप्रिसिएशन 

अगर आप घर से दूर पढ़ने जाते हैं, तो आपको अपने घर, परिवार, देश, कल्चर आदि की ज़्यादा अप्रिसिएशन होगी। हो सकता है की आप अपने कल्चर को अलग नज़रिये से देख पाए। आप अगली बार अपने परिवार से मिलेंगे तो झगड़ा कम और खुशियाँ ज़्यादा होंगी। साथ ही, विदेश में होने से आप छोटे चीज़ों को ज़्यादा अप्रिशिएट करेंगे क्योंकि वे अब आपसे बहुत दूर हो जायेंगे। आप अभी जिस भेल पूरी को हर हफ्ते खाते है, और दो बार नहीं सोचते, विदेश से आने के बाद उस खाने के लिए शुक्रगुज़ार होंगे।

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