आज भी हमारे सोसायटी में ऐसी काफी महिलाएं है जो सेक्स एंजॉय नही कर पाती लेकिन मर्दों को खुश करना अपनी ड्यूटी मानती हैं। इसमें इन महिलाओं की गलती बिल्कुल नहीं है। ऐसा होने के पीछे कारण है महिलाओं को मर्दों द्वारा और खुद कुछ महिलाओं द्वारा उन्हें केवल एक सेक्स ऑब्जेक्ट की तरह पेश करना जिनकी बॉडी से जितना मन चाहे उतना सेक्शुअल प्लेज़र लिया जा सकता है। लेकिन ज़रूरत है कि महिलाएं इस बात को समझें कि सेक्शुअल प्लेज़र उनके लिए भी काफी मैटर करता है और सेक्स करना सिर्फ उनकी ड्यूटी नहीं है।

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ऑर्गेस्म गेप (Orgasm gap) का डाटा इस बात का सबूत है कि काफी महिलाओं ने अपने लाईफटाईम में एक बार भी ऑर्गेस्म को प्राप्त नही किया है। उन्हें कभी ऑर्गेस्म आया ही नही। ये बात अपने आप में एक बहुत बड़ी और दुखद बात है जिसे बदलने की सख्त ज़रूरत है। अगर आप भी अपने सेक्शुअल रिलेशनशिप में सेक्शुअल प्लेज़र को एंजॉय नही कर पा रहे तो आपको नीचे बताई गई बातों पर ध्यान देने की और उन्हें अपनाने की सख्त ज़रूरत है, जैसे –

-खुद को वेल्यू दें, उसे जानें-पहचानें

अगर आपको ऑर्गेस्म नही आता तो इसके लिए सिर्फ आप ही नही आपका पार्टनर भी ज़िम्मेदार है। सेक्स दो लोगों के बीच होने वाली एक एक्टिविटी है अगर उसमें किसी एक पार्टनर को मज़ा नही आ रहा तो ज़रूर दूसरे पार्टनर में कुछ कमी है। अक्सर लोगों के इसके लिए यह वज़ह बताते हुए सुना गया है कि महिलाओं को ऑर्गेस्म लेट से आता है। लेकिन इसका मतलब ये नही कि वो कभी क्लाइमेक्स तक पहुंचे ही ना। आपको अपना पूरा समय लेने का और क्लाइमेक्स तक पहुंचने का हक़ है। अगर आपका पार्टनर इसमें नाकामयाब है तो ये उसकी गलती है आपकी नही।

-खुद को एक्सप्लोर करें

अगर आपको ये नही पता कि आपको क्या पसंद है तो सबसे पहले आप इसका पता लगाइये। भले इसमे ज्यादा टाईम लगे लेकिन आपको पता होना चाहिए कि आपकी बॉडी क्या चाहती है, आपको कौन-सी चीज़ अच्छे ढ़ंग से सटिस्फाइड कर सकती है। कुछ बातें होती हैं जो किसी दूसरे को पसंद नही होती लेकिन इसका मतलब ये नही कि वो किसी को पसंद नही होगी। हो सकता है कि आपको वो अच्छी लगें। ज़रूरत है तो बस अपनी पसंद को सबके सामने एक्सेपट करने की। मेन प्वाइंट होना चाहिए प्लेज़र मिलने की, अगर हमें किसी चीज़ से सेक्शुअल प्लेज़र मिलता है तो हमे वही सेलेक्ट करना चाहिए।

– फेक (Fake) इमोशन्स और शॉ-ऑफ से दूरी बना लें

काफी महिलाओं को लगता है कि फेक प्लेज़र दिखाने से वो अपने पार्टनर्स को सटिस्फाई कर रही हैं, उन्हें अच्छा फील करा रही है। लेकिन ऐसा करने से वो खुद को तो सेक्शुअल प्लेज़र से दूर कर ही रही हैं साथ ही अपने पार्टनर की कमियां उनसे छिपा रही हैं। अगर आप भी अपने पार्टनर के साथ ऐसा कर रही है तो आप उनके इगो को टेम्पोरेरी बढ़ा रही हैं और ग्रोथ को कम कर रही हैं। इसके साथ ही, अगर आप पहले उनके सेक्शुअल पॉवर की झूठी तारीफ करती है और बाद में सच्चाई बताती हैं तो इसके ज्यादा चांसेस है कि आपका पार्टनर आप पर भरोसा ना करे।

-अपने बीच की अनबन को सुधारने की कोशिश करें

कई बार रिलेशनशिप में लंबे समय तक रहने से कपल्स के बीच की सेक्शुअल एक्टिविटी काफी कम हो जाती है। इसके कई कारण होते हैं लेकिन एक कारण ज्यादातर पाया जाता है वो है रिश्तों में खटास या किसी बात को लेकर कोई मनमुटाव जिसे दोनो ही पार्टनर द्वारा सुलझाया ना गया हो। कुछ लोग रिश्ते को ना तोड़ पाते है ना छोड़ पाते हैं, ऐसे में ज़रूरत है कि आप अपने पार्टनर से बात करें, शेयर करें और मन से अपनी खिस खत्म कर लें।

-अपने ट्रॉमा को पहचानने की कोशिश करें

World Health Organization की 2017 के एक रिपोर्ट में ये सिद्ध हुआ है कि हर 3 महिलाओं में से 1 महिला फिज़िकल या सेक्शुअल अब्यूज़ का शिकार है। ये भी बात सच हुई है कि जिन लोगों का पास्ट में खराब सेक्शुअल रिलेशनशिप रहा है वो एक हेल्थी सेक्शुअल रिलेशनशिप बनाने में नाकामयाब रहते हैं। काफी महिलाएं ऐसी चीज़ो को ये कहकर नॉर्मलाइज़ करती है कि ऐसा सबके साथ होता है। अगर .ये सबके साथ होता है फिर भी इसे नॉर्मल इशू बनाना काफी गलत है। जब आप अपने ट्रॉमा को पहचाने लेंगे तब किसी से हेल्प भी मांगिये। हेल्प मांगना कोई गलत नही है लेकिन घुट-घुट के सहना गलत है।

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