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6 विचार जो हर महीने पीरियड्स होने पर मुझे घेर लेते हैं

Published by
Shilpa Kunwar

हर महीने के वो 4-5 दिन सब लड़कियों के लिए सबसे खराब दिनों में से एक है। लेकिन, इनसे भी ज़्यादा खराब दिन वो होते हैं जब पीरियड्स का हम स्वागत करने को तैयार बैठे हो और वो आएं ही ना। जी, जी बिल्कुल समझ सकते है हम आपकी परेशानी। पीरियड्स आएं तो परेशानी, ना आएं तो डबल परेशानी। हम आपकी इन परेशानियों को कम तो नही कर पाएंगें लेकिन हां ये ज़रूर बताएंगें कि इस परेशानी को झेलने वाली आप अकेली बिल्कुल नही हैं, हम सब इसमें एक साथ एक तरह की परेशानी झेल रहे हैं। और अगर नीचे लिखी बातें भी बिल्कुल वैसी ही है जैसा कि आप सोचती है तब तो ये साबित हो ही जाएगा कि इस दुख में आप अकेली नही है।

“थैंक गॉड, मैं प्रेगनेंट नही हूं।”

पीरियड का पता चलते ही सबसे पहले मन में खुशी इसी बात की होती है। दर्दभरे क्रेम्प्स होने के बावजूद मन में एक खुशी की लहर उठ आती है।

“कोई मुझे चॉक्लेट से भरे रूम में बंद कर दो”

उफ्फ, चॉक्लेट क्रेविंग्स इन दिनों में आपके आलस को दूर कर खुद चॉक्लेट बनाने तक के लिए मज़बूर कर देता है। पीरियड्स और चॉक्लेट क्रेविंग्स का रिश्ता बड़ा पुराना है। इन दिनों में अगर ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर में चॉक्लेट और चॉक्लेट से बनी चीज़े दी जाएं तो शायद ही कोई लड़की मना कर पाएं।

“(7-8 कपड़े ट्राई करने के बाद) मुझ पर कुछ अच्छा ही नही लग रहा, मेरे पास कपड़े ही नही है”

आपके पास कपड़े भी हैं और आप सुंदर भी लग रही है लेकिन मेन बात है कि आप अपना कम्फर्ट वाला पजामा किसी टाईट कपड़े से रिप्लेस ही नही करना चाहती। आप कही बाहर नही जाना चाहती बस अपने कमरे में आराम से सो कर फोन चलाना चाहती हैं या टीवी देखना चाहती है।

“मेरा मन डोले, मेरा तन डोले….सेक्स करने को बोले”

काफी थ्योरिज़ ऐसी है जो इस बात को सच मानती है कि ऑव्यूलेशन के दौरान ज्यादातर महिलाओं को सेक्स करने का मन करता है। अगर आपका भी करता है तो इसमे कुछ गलत नही है। सब हॉर्मोन्स का खेल है।

“ये सरकार महिलाओं को Period Leave क्यों नही देती?”

पीरियड्स स्टार्ट होते ही इतना दर्द होता है जो कुछ महिलाओं के लिए असहनीय रहता है। इतना दर्द कि उसमें चलने तो दूर उठकर बैठना मुश्किल हो जाता है फिर भी ऐसे दर्द में काफी महिलाओं को ऑफिस जाना पड़ता है। तब मन में बस एक ही बात आती है कि महिलाओं को Period Leave लेने के लिए अगर आंदोलन भी करना पड़े तो करना चाहिए।

“आज लास्ट दिन है…खैर पीरियड्स इतने बुरे भी नही। अब आदतों गयी है”

जब 4-5 दिन दर्द सह कर काट लिए जाते हैं तब फीलिंग आती है कि औरत होना भी कोई वॉरियर से कम नहीं

पढ़िए : इर्रेगुलर पीरियड्स से हैं परेशान? अपनाएं ये उपाय

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