ऑटोइम्यून डिजीज क्या है – हर व्यक्ति के शरीर को इम्यून सिस्टम की जरूरत होती है। यह सेल्स और अंगों का जटिल नेटवर्क होता है, जो हमारे शरीर का कीटाणु और अन्य संक्रमण से बचाता है। लेकिन प्रतिरोधक क्षमता के कमजोर हो जाने से हमारे शरीर को कई तरह की समस्याओं को झेलना पड़ता है। हालांकि ऐसी कुछ स्थिति भी होती है जब हमारा इम्यून सिस्टम सही से काम नहीं करता है, इस स्थिति को आमतौर पर ऑटोइम्यून डिजीज कहते हैं।

ऑटोइम्यून डिजीज क्या है ?

ऑटोइम्यून डिजीज जिसमें हमारा इम्यून सिस्टम हमारे बॉडी में ही अटैक करती है। आमतौर पर इम्यून सिस्टम फॉरेन सेल्स और खुद के सेल्स में अंतर बताने में सक्षम होता है। लेकिन इस स्थिति में इम्यून सिस्टम सेल्स में अंतर नहीं पहचान पाता है और हमारे शरीर के हिस्सों पर अटैक करता है, जैसे कि त्वचा या हड्डियों पर हमला करता है।

यह हमारे शरीर में प्रोटीन रिलीज करता है जिसे ऑटोएंटीबॉडीज कहते हैं और यह ऑटोएंटीबॉडीज हमारे शरीर के हेल्थी सेल्स पर अटैक करता है। यहां तक कि कुछ ऑटोइम्यून डिजीज एक ऑर्गन पर ही हमला करते हैं। यह आदमी के मुकाबले औरतों में ज्यादा होता है।

जानिए इसके लक्षण

  • थकान
  • मसल्स में दर्द करना
  • सूजन और लालिमा हो जाना
  • बुखार होना और कंसंट्रेशन करने में दिक्कत होना
  • त्वचा पर रैशेज होना
  • बालों का झड़ना

कुछ कॉमन ऑटोइम्यून डिजीज

1. टाइप 1 डायबिटीज

हमारे शरीर में पेनक्रियाज इंसुलिन प्रोड्यूस करता है, जो ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है। लेकिन टाइप 1 डायबिटीज में इम्यून सिस्टम पैंक्रियास में इंसुलिन बनाने वाली कोशिकाओं पर हमला करता है और नष्ट कर देता है।

2. रूमेटॉयड आर्थराइटिस (Rheumatoid arthritis)

रूमेटॉयड आर्थराइटिस में इम्यून सिस्टम जोड़ों पर हमला करती है। इस हमले के कारण जोड़ों में लालिमा, गर्मी, सौरनेस और जकड़न हो जाती है।

3. प्सोरियातिक आर्थराइटिस (psoriatic arthritis)

स्किन सेल्स सामान्य रूप से विकसित होती हैं और जब उनकी आवश्यकता नहीं रहती है तो वह हट जाती है। लेकिन सोरायसिस के कारण स्कीम से जल्दी विकसित होने लगते हैं। जिसके कारण एक्स्ट्रा सेल्स का निर्माण होता है और सिल्वर व्हाइट पैचेस के साथ सूजन वाले लाल धब्बे पड़ जाते हैं।

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