आपने भी अपने बच्चों को कई बार अलग तरह से व्यवहार करते हुएं देखा होगा। दरअसल बच्चों के मन में कई बात चल रही होती हैं। लेकिन डर के कारण कई बार अपनी बात नहीं बता पाते है। जिसके कारण आपको भी उनके व्यवहार में बदलाव नजर आता होगा। बच्चों की ज़रूरत को समझना माता पिता का फर्ज है। वरना वह चिड़चिड़े हो जातें हैं और उनके मन में कई बात बैठ जाती हैं। बच्चों की जरूरतों को समझने के लिए अपनाएं ही 5 तरीके।

1. बात करें

कई बार हम उनके व्यवहार में बदलाव या उनके अंदर चिड़चिड़ापन देखते हैं। ऐसा इसीलिए होता है क्योंकि वह अपनी मन की बात बता नहीं पाते हैं। इसीलिए जब भी आप अपने बच्चे का ऐसा व्यवहार देखें तो उनके साथ बैठ कर बात करें और उनके मन की बात जानने की कोशिश करें। साथ ही यह भी जाने कि उन्हें क्या चाहिए और उनकी आपसे क्या उम्मीदें हैं।

2. ज्यादा समय दें

छोटे बच्चों को पैसे या फोन का लालच नहीं होता हैं। बल्कि उन्हें अपने माता-पिता की वक्त की जरूरत होती है। उन्हें अच्छा लगता है जब उनके माता-पिता उनके साथ समय बिताते हैं। वही ज्यादा समय बिताने से आप अपने बच्चे को अच्छे से समझ भी पाएंगे।

3. उनके दोस्त बनें

डर के मारे वह आपसे कई बातें शेयर नहीं करते हैं। उन्हें लगता है कि आप उन्हें डांटेंगे। इसलिए दोस्त बने अगर वह कुछ गलत कर रहे हैं तो डांटने के बजाय उन्हें समझाएं। इसके अलावा उनकी बात समझने की कोशिश करें क्योंकि आपकी और उनकी सोच अलग हो सकती हैं।

4. उन्हें कहीं घुमाने ले जाएं

बच्चे कोमल और समझदार होते हैं। कई बार वो अपनी मन की बात इसलिए नहीं कहते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि वह आपको परेशान ना कर दें। लेकिन आपका फर्ज है कि आप उनकी बात को समझें। उन्हें बाहर घुमाने ले जाएं जिससे आप उनके करीब आ सकते है और उनकी मन की बात जान सकते है।

5. उन्हें उनका प्राइवेट स्पेस दें

कई माता-पिता बच्चों से स्ट्रिक्ट हो जातें हैं और उनका फोन चेक करते हैं या उन पर हर वक्त नजर रखते हैं। लेकिन ऐसा करना गलत है बड़े होने के बाद उनकी भी अपनी लाइफ होती है। इसीलिए उन्हें भी स्पेस दे। अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो शायद आपके बच्चे आपसे चिड़ भी सकते हैं।

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