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ओलिव ऑइल एक बहुत ही हेल्दी ऑइल है। इसमें ना सिर्फ प्रचुर मात्रा में अच्छे फैटी एसिड्स मौजूद है बल्कि इसमें एंटीऑक्सिडेंट्स भी भरपूर है। ओलिव ऑइल में बहुत ज़्यादा विटामिन ई भी होता है जो हमारे शरीर के अंदर मौजूद फ्री रेडिकल्स से लड़ कर हमारी कोशिकाओं को बचाता है। इन सब के कारण ओलिव ऑइल ऑक्सीडेटिव डैमेज से हमें नैचुरली प्रोटेक्ट करता है। ओलिव ऑइल का स्मोकिंग पॉइंट भी बहुत हाई होता है जिस कारण ये खाना बनाने के लिए श्रेष्ठ है। ओलिव ऑइल के फायदें बहुत ज़्यादा है। जानिए क्या है ओलिव ऑइल को इस्तेमाल करने के फायदें:
ओलिव ऑइल एक नेचुरल ऑइल है जिसे ऑलिव्स के द्वारा एक्सट्रेक्ट किया जाता है। सबसे ज़्यादा 73 प्रतिशत इसमें ओलिक एसीड होता है जो शोध के मुताबिक इंफ्लमैशन घटाता है और कैंसर वाले जीन्स से भी लड़ता है। इसमें ओमेगा 3 और ओमेगा 6 फैटी एसिड्स भी होता है। इसलिए इसे भोजन में इस्तेमाल करना एक सही ऑप्शन है।
ओलिव ऑइल में विटामिन ई और के बहुत अधिक मात्रा में होता है। इसमें एंटीऑक्सिडेंट्स भी बहुत होते हैं। ये एंटीऑक्सिडेंट्स हमें क्रोनिक डिसीसेस के खतरे से बचाता है। ये हमारे ब्लड कोलेस्ट्रॉल को ऑक्सीडाइज़ होने से बचाता है जिस कारण हम में हार्ट डिजीज का खतरा भी घटता है।
स्ट्रोक हमारे ब्रेन में जाने वाले ब्लड फ्लो में होने वाले डिस्टर्बेंस के वजह से होता है। ओलिव ऑइल और स्ट्रोक के बीच के लिंक को बहुत ज़्यादा पढ़ा गया है। शोध बताते हैं की रेगुलरली ओलिव ऑइल के सेवन से स्ट्रोक का रिस्क कम होता है।
ज़रूरत से ज़्यादा फैट्स कंस्यूम करने से हमारे वेट में इनक्रीस होता है। शोध बताते हैं की मेडिटरेनियन रिच डाइट यानी की ओलिव ऑइल से बना हुआ खाना वेट गेन नहीं होने देता है। ये भी पाया गया है की इसके सेवन में हमें वेट लॉस में मदद मिलती है। इसलिए ओबेसिटी को हटाने के लिए ओलिव ऑइल एक कारगर उपाय है।
रयूमेटाइड आर्थराइटिस एक ऑटो इम्यून डिजीज है जिसके कारण हमें जॉइंट्स में पेन होता है। ओलिव ऑइल एक अच्छा इन्फ्लैमटॉरी मार्कर है जिस कारण ये र्यूमेटाइड आर्थराइटिस से गुज़र रहे लोगों में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करता है। न सिर्फ ये, इसके सेवन से मॉर्निंग स्टिफनेस और जॉइंट गृप पेन में भी राहत मिल सकती है।
ये सार्वजानिक रूप से एकत्रित जानकारी है। यदि अआप्को कोई विशिष्ट जानकारी चाहिए तो कृपया अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
1. ओलिव ऑइल में है बहुत हेल्दी मोनोअनसैचुरेटेड फैट्स
ओलिव ऑइल एक नेचुरल ऑइल है जिसे ऑलिव्स के द्वारा एक्सट्रेक्ट किया जाता है। सबसे ज़्यादा 73 प्रतिशत इसमें ओलिक एसीड होता है जो शोध के मुताबिक इंफ्लमैशन घटाता है और कैंसर वाले जीन्स से भी लड़ता है। इसमें ओमेगा 3 और ओमेगा 6 फैटी एसिड्स भी होता है। इसलिए इसे भोजन में इस्तेमाल करना एक सही ऑप्शन है।
2. ओलिव ऑइल में है एंटीऑक्सिडेंट्स
ओलिव ऑइल में विटामिन ई और के बहुत अधिक मात्रा में होता है। इसमें एंटीऑक्सिडेंट्स भी बहुत होते हैं। ये एंटीऑक्सिडेंट्स हमें क्रोनिक डिसीसेस के खतरे से बचाता है। ये हमारे ब्लड कोलेस्ट्रॉल को ऑक्सीडाइज़ होने से बचाता है जिस कारण हम में हार्ट डिजीज का खतरा भी घटता है।
3. स्ट्रोक प्रिवेंट कर सकता है ओलिव ऑइल
स्ट्रोक हमारे ब्रेन में जाने वाले ब्लड फ्लो में होने वाले डिस्टर्बेंस के वजह से होता है। ओलिव ऑइल और स्ट्रोक के बीच के लिंक को बहुत ज़्यादा पढ़ा गया है। शोध बताते हैं की रेगुलरली ओलिव ऑइल के सेवन से स्ट्रोक का रिस्क कम होता है।
4. वेट गेन और ओबेसिटी नहीं होने देता है
ज़रूरत से ज़्यादा फैट्स कंस्यूम करने से हमारे वेट में इनक्रीस होता है। शोध बताते हैं की मेडिटरेनियन रिच डाइट यानी की ओलिव ऑइल से बना हुआ खाना वेट गेन नहीं होने देता है। ये भी पाया गया है की इसके सेवन में हमें वेट लॉस में मदद मिलती है। इसलिए ओबेसिटी को हटाने के लिए ओलिव ऑइल एक कारगर उपाय है।
5. ये ट्रीट कर सकता है रयूमेटाइड आर्थराइटिस को
रयूमेटाइड आर्थराइटिस एक ऑटो इम्यून डिजीज है जिसके कारण हमें जॉइंट्स में पेन होता है। ओलिव ऑइल एक अच्छा इन्फ्लैमटॉरी मार्कर है जिस कारण ये र्यूमेटाइड आर्थराइटिस से गुज़र रहे लोगों में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करता है। न सिर्फ ये, इसके सेवन से मॉर्निंग स्टिफनेस और जॉइंट गृप पेन में भी राहत मिल सकती है।
ये सार्वजानिक रूप से एकत्रित जानकारी है। यदि अआप्को कोई विशिष्ट जानकारी चाहिए तो कृपया अपने डॉक्टर से परामर्श लें।