जब बेबी आता है तब मदर को कई बार मजबूर होकर जॉब छोड़ना भी पड़ता है या तो घर वाले फ़ोर्स करते हैं या फिर ऑफिस में बॉस बोलते हैं। वर्किंग मदर्स को सबसे ज्यादा इसी बात का सामना करना पड़ता है कि लोग उनके बारे में कई तरह के सवाल उठाते हैं। घर के लोगों से और बाहर के लोगों से उन्हें अक्सर सुनने मिलता है कि वह बच्चे का ध्यान नहीं रख पा रहीं हैं अच्छे से और उन्हें जॉब छोड़ देनी चाहिए। आज हम आपको बताएंगे कोरोना वायरस से कैसे वर्किंग मॉम्स का प्रेशर बड़ा है –

1. घर में रहकर काम मुश्किल है

जब आप घर से दूर या बाहर होते हैं तो आप घर से निकल चुके होते हैं और थोड़ा फ्री होकर काम करते हैं। जब आप घर में ही हों तब आपका बार बार घर के कामों और बच्चो पर ध्यान जाता है। कोरोना के चलते ज्यादातर मॉम्स घर से ही काम कर रही हैं और वो सभी इस से परेशान हैं।

2. फैमिली काम को सीरियस नहीं लेती – वर्किंग मॉम्स का प्रेशर

जब आपका काम घर से चल रहा हो तब सबको यही लगता है कि कुछ आसान सा काम है और ऐसे ही होता रहेगा। न तो घर के लोग माँ को समझते हैं और न ही कभी कभी इसका काम इजी करते हैं बल्कि और दिक्कतें पैदा कर देते हैं।

3. खुद के लिए कोई समय नहीं मिलता

दिन भर ऑफिस में काम करने के बाद उन्हें घर आकर घर की ज़िम्मेदारियाँ भी सम्भालनी होती है। बच्चे का ध्यान , घर का खाना सब उन्हें देखना होता है। वर्किंग मदर्स की प्रॉब्लम्स बड़ती जाती हैं और कोई समझ नहीं पाता है।

कैसे बना सकते हैं आसान ?

4. नैनी या आया रखने के फायदे क्या हैं ?

अगर आपका बच्चा ज्यादा छोटा है तो घर पर एक नैनी और आया रखना बहुत जरुरी हो जाता है। इसलिए आप घर पर आया रखें वो आप के सामने ही आपके बच्चे का ध्यान रखती रहेगी। इस से आप बच्चे को लेकर थोड़ा रिलैक्स हो जाएंगे और काम अच्छे से कर पाएंगे।

5. अपना गिल्ट कम करें

आप हमेशा ऐसे ना सोचें कि आप वर्क को बच्चे से ज्यादा समझते हैं। ऐसा नहीं है और इसके बारे में ज्यादा ना सोचें और इस चीज़ को आपके दिमाग से निकल दें। इस से आप खुश नहीं रह पाएंगे और किसी भी चीज़ पर फोकस नहीं कर पाएंगे।

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