वर्किंग मदर्स की प्रॉब्लम्स – आज के ज़माने में ज्यादातर महिलाएं काम कर रही हैं और पुराने काम जैसे की सिर्फ बहु होना , माँ होना उनसे ऊपर उठकर जॉब भी कर रही हैं। वह घर का ख्याल रखने के साथ साथ पैसे भी कमा रही हैं। कई महिलाएं काफी अच्छी और बड़ी पोस्ट पर भी काम संभाल रही हैं। लेकिन महिलाओं का काम इतना आसान नहीं होता। उन्हें अपना घर भी उतना ही संभालना पढ़ता है और अपने बच्चों का भी ख्याल रखना पढ़ता है।

कई महिलाओं  को बच्चा होने के बाद वर्क फ्रॉम होम की सुविधा मिल जाती है। लेकिन सभी के साथ ऐसा नहीं हो पाता। कुछ वर्किंग मदर्स को काफी मुसीबतों का सामना करना पढ़ता है।

ये हैं वर्किंग मदर्स की 5 प्रॉब्लम्स (working mothers ki problems) – 

1. सुबह अधिक जल्दी उठना 

जिन महिलाओं को काम और बच्चे दोनों का ख्याल रखना पढ़ता है उन्हें सुबह बहुत जल्दी उठना पढ़ता है ताकि वह अपने बच्चे को तैयार कर उसका टिफ़िन लगाकर उसे स्कूल भेज दें और साथ ही खुद को भी तैयार होकर ऑफिस जाना होता है।

2. हर तरह का काम नहीं कर सकती 

जिन महिलाओं के बच्चे हैं और जिन पर घर की ज़िम्मेदारियाँ वह हर तरह का काम नहीं कर सकती। क्यूंकि उन्हें घर का ध्यान भी रखना होता है। इसलिए वह नाईट शिफ्ट्स या कोई ट्रैवेलिंग जॉब नहीं कर सकती।

3. मजबूर होकर काम छोड़ना भी पढ़ता है 

जब बेबी आता है तब मदर को कई बार मजबूर होकर जॉब छोड़ना भी पढ़ता है या तो घर वाले फाॅर्स करते हैं या फिर ऑफिस में बॉस बोलते हैं।

4. कई तरह के सवाल उठाये जाते हैं 

वर्किंग मदर्स को सबसे ज्यादा इसी बात का सामना करना पड़ता है की लोग उनके बारे में कई तरह के सवाल उठाते हैं। घर के लोगों से और बहार के लोगों से उन्हें अक्सर सुनने मिलता है की वह बच्चे का ध्यान नहीं रख पा रहीं हैं अच्छे से और उन्हें जॉब छोड़ देनी चाहिए।

5. खुद के लिए कोई समय नहीं मिलता 

दिन भर ऑफिस में काम करने के बाद उन्हें घर आकर घर की ज़िम्मेदारियाँ भी सम्भालनी होती है। बच्चे का ध्यान , घर का खाना सब उन्हें देखना होता है। वर्किंग मदर्स की प्रॉब्लम्स 

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