कोवेक्सीन का ट्रायल बच्चों पर  – हैदराबाद के भारत बायोटेक ने बच्चों के लिए दवाई बनाई है जिस का ट्रायल अब बच्चों के ऊपर शुरू किया जायेगा। एक्सपर्ट्स का कहना है कि फेज 2 और फेज 3 क्लीनिकल ट्रायल अब 2-18 उम्र के बच्चों पर होगा शुरू।

इंडिया के कोरोना के हालात क्या है ?

इंडिया में टोटल केसेस 4 लाख तक पहुंचने वाले हैं और कुल 4205 मौत हो चुकी हैं सिर्फ 24 घंटे के अंदर। इंडिया में अभी कविदशील्ड और कोवेक्सीन के 100 मिलियन डोसेस मौजूद हैं।

बच्चों को वैक्सीन के लिए तैयार कैसे करें ? कोवेक्सीन का ट्रायल बच्चों पर

सब के लिए वैक्सीन लगने अनिवार्य है खास कर कि बच्चे और 50 से ऊपर ऊमरा के लोगों को। वैक्सीन लगवाने से पहले अपने बच्चे को पूरी प्रक्रिया के बारे में समझा दें क्योंकि बच्चे कोरोना को लेकर बहुत डरे हुए हैं। उन्हें हर चीज़ समझाएं जब कहीं लेकर जाएं ताकि वो डरे ना। अगर बच्चा ज्यादा छोटा है तो उनको खेल खेल में सब समझाएं।

भारत में हमें जो वैक्सीन लगेगी उसके बीच 4 हफ्ते यानि 28 दिन का अंतर रखने को कहा गया है। आप ये ना सोचें की आपको वैक्सीन लग गयी है तो अब आपको इतिहाद बरतने की जरुरत नहीं है। वैक्सीन लगने के बाद भी आपको सामाजिक दूरी बनाकर रखना है ,हाँथ धोते रहना है और मास्क पहन कर रखना है।

कोरोना की आने वाली तीसरी लहर हो सकती है बच्चों के लिए खतरनाक

इंडिया के कई हिस्सों में कोरोना संक्रमण छोटे बच्चों में और 18 से कम उम्र के बच्चों में भी देखा जा रहा है। इसी के चलते एक्सपर्ट्स ने ये अंदेशा लगाया है कि अब बच्चों को बचने की है जरुरत। कोरोना वायरस की दूसरी लहर पहली से चार गुना ज्यादा खतरनाक है और इसके चलते केसेस अचानक से बहुत ज्यादा बड़े हुए हैं और सभी जगह खतरा बना हुआ है।

एक्सपर्ट्स के मुताबित 18 साल से कम उम्र के बच्चे और नवजात बच्चे कोरोना की तीसरी लहर में खतरे में हो सकते हैं। इसका सबसे बड़ा कारण ये भी हैं किउनके लिए कोई भी वैक्सीन नही बनी है। अभी तक की सभी वैक्सीन 18 से ज्यादा उम्र के बच्चों के लिए ही बनी है और उन्ही के हिसाब से टेस्ट की गयी है।

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