Tips For Period Cramps: पीरियड क्रैम्प से राहत पाने के 5 असरदार तरीके

Tips For Period Cramps: पीरियड क्रैम्प से राहत पाने के 5 असरदार तरीके Tips For Period Cramps: पीरियड क्रैम्प से राहत पाने के 5 असरदार तरीके

Monika Pundir

23 May 2022

पेनकिलर टेम्पररी राहत देती हैं, मगर इनके रेगुलर सेवन से लोंगटर्म साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं। इस ब्लॉग में हम मेंस्ट्रूएशन या पीरियड के दर्द को कम करने के कुछ नेचुरल तरीके बताएंगे। मेंस्ट्रूएशन या पीरियड के दर्द को कम करने के कुछ नेचुरल तरीके:

खुद को हाइड्रेट करें: अधिक पानी पीने से ब्लोटिंग कम होती है। ब्लोटिंग से दर्द और भी बदतर हो जाते है। प्रतिदिन 6 से 8 गिलास पानी पीने से दर्द को कम करने में मदद मिलती है। कुछ महिलाओं को पीरियड के समय दस्त होती है। इसके कारण खोये पानी को रिप्लेस करना बहुत ज़रूरी है।

जंक फ़ूड कम करें: नमक फ्लूइड रिटेंशन और ब्लोटिंग को बढ़ावा देता है। जिन खाद्य पदार्थों में ज़्यादा नमक होता है, जैसे चिप्स, नाचोस और लगभग सभी फास्ट फूड से बचना चाहिए।ट्रांस-फैटी एसिड से बचें जो कमर्सिअली तैयार खाद्य पदार्थों जैसे फ्रेंच फ्राइज़, कुकीज़ और पिज़्ज़ा में पाए जाते हैं। शराब से बचें, जो निर्जलीकरण, तंबाकू और कैफीन को बढ़ावा देता है। ये सभी चीजें सूजन को बढ़ाती हैं और पीरियड्स के दर्द को बढ़ावा दे सकती हैं। यह दिखाने के लिए कुछ सबूत हैं कि हानिकारक वसा का सेवन कम करने से भी दर्दनाक अवधियों को दूर करने में मदद मिल सकती है।

डाइट पर ध्यान दें : पीरियड्स के दौरान मीठा या नमकीन खाने की क्रेविंग हो सकती है, लेकिन ये खाद्य पदार्थ सेहत के लिए अच्छे नहीं हैं। चेरी, ब्लूबेरी, टमाटर और बेल पेपर जैसे खाने अच्छे विकल्प हैं। अधिक कैल्शियम युक्त बीन्स, बादाम और साग खाने की सलाह दी जाती है क्योंकि उनमें सूजन से लड़ने वाले गुण होते हैं। यह चीज़े केवल पीरियड के समय नहीं बल्कि पूरे महीने हमे ध्यान में रखने चाहिए। कभी कभी पार्टी में कुछ उन्हेअल्थी खान गलत नहीं, मगर बाकी समय हमें कोशिश करना किये की हम बैलेंस्ड डाइट मने।

मैग्नीशियम: मैग्नीशियम पीएमएस के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकता है, खासकर जब विटामिन बी 6 के साथ लिया जाता है। एक रिसर्च में पाया गया कि जिन लोगों ने प्रतिदिन 250 मिलीग्राम मैग्नीशियम और 40 मिलीग्राम विटामिन बी 6 लिया, उन्होंने पीएमएस के लक्षणों में सबसे बड़ी कमी का अनुभव किया। इसका ये मतलब नही की आप मैग्नीशियम सप्लीमेंट ले क्योंकि यह खतरनाक हो सकता है। खाने से पाया मैग्नीशियम सुरक्षित होता है। मैग्नीशियम के अच्छे सोर्स है बादाम, पालक, काजू, मूंगफली और काली बीन्स।

गर्मी का सहारा ले: अपने पेट या कमर पर हीटिंग पैड, हीट रैप या गर्म पानी की बोतल लगाने से पीरियड क्रैम्प्स से राहत मिलती है। गर्मी मसल को रिलैक्स करने में मदद करती है। एक रिसर्च के अनुसार 18 से 30 वर्ष की आयु की महिलाओं में पाया गया कि जिन लोगों ने 104 डिग्री फारेनहाइट तक गर्म किया गया हीट पैच लगाया, उन्होंने आइबूप्रोफेन पेनकिलर के  समान दर्द निवारक लाभों का अनुभव किया। हीटिंग पैड के साथ पेनकिलर के साइड इफेक्ट्स नहीं जुड़े होते। 

व्यायाम: कई लोग मानते हैं कि पीरियड के समय व्यायाम नहीं करना चाहिए, पर पाया गया हैं कि व्यायाम करने से पीरियड क्रैम्प्स से राहत मिलती है। व्यायाम से एंडोर्फिन निकलते हैं जो 'हैप्पी हार्मोन' के रूप में काम करते हैं, और दर्द कम करते हैं। चाहे आप चलने, दौड़ने, या तैरने (टैम्पोन/मेंस्ट्रुअल कप का उपयोग करके) का आनंद लें, पीरियड के दौरान इन सभी गतिविधियों में भाग लेना सुरक्षित है। थकान का अनुभव होने पर आपको योग करना आसान लग सकता है। पीरियड क्रैम्प्स कम करने में मदद करने वाले कुछ पोज़ में ब्रिज, स्टाफ पोज़ और बाउंड एंजेल शामिल हैं। 

पीरियड के दौरान लगभग सभी को दर्द का अनुभव होता है, लेकिन यह दर्द इतना भी नहीं होना चाहिए कि आपको बिस्तर से उठने में तकलीफ हो। कभी-कभी सामान्य से अधिक दर्दनाक पीरियड का अनुभव हो सकता है, लेकिन लंबे समय तक ऐसे दर्दनाक पीरियड्स अंडरलाइंग स्वास्थ्य समस्या या रिप्रोडक्टिव  हेल्थ इशू जैसे एंडोमेट्रियोसिस, हार्मोनल इम्बैलेंस आदि का संकेत हो सकता है। 

यदि दर्द इतना हो की आपको रेगुलर काम करने में दिक्कत हो , तो गाइनेकोलॉजिस्ट की सलाह लेना उचित है। ज़्यादातर लोग को दर्द की आदत हो जाती हैं और सोचते हैं कि यह नॉर्मल है। 

पीरियड्स का इतना दर्दनाक होना जरूरी नहीं है, और इंटरनल समस्या का इलाज करने से दर्द काफी हद तक कम हो सकता है। मेरे गाइनेकोलॉजिस्ट के शब्दों में, "अगर पीरियड्स से औरत कमज़ोर होती तो प्रकृति ने पीरियड्स नहीं बनाया होता।" हम सामाजिक स्टिग्मा के कारण डॉक्टर से और इलाज कराने से बचते हैं, पर हर महीने एक सप्ताह के लिए जीवन को रुकने की ज़रूरत नहीं है।


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