Delay in Vaccine Doses – अभी पूरे देश में कोरोना के खिलाफ वैक्सीनेशन की प्रक्रिया चल रही है। सभी जगह कोई कोवाक्सिन लगवा रहा है तो कोई कोविदशील्ड। किसी का वैक्सीन का स्लॉट जल्दी बुक हो रहा है तो किसी को टाइम लग रहा है। कोई कोई पहला डोज़ ले चूका है और अब अपना दूसरा डोज़ लगवाने वाले हैं। ऐसे में अगर किसी भी कारण से आपका दूसरा डोज़ लेट हो जाता है तो उसके क्या इफेक्ट्स होंगे ये आज हम आपको बताएंगे –

पूरे वैक्सीन के डोज़ लेना क्यों है जरुरी ?

वैक्सीन के दोनों डोज़ लेना बहुत ज़रूरी है पहला डोज़ लेने बाद आपका दूसरे डोज़ का वेट करना है और सही वक़्त आने अपर लगवाना है। दोनों डोज़ लगने के 14 दिन बाद आप कोरोना वायरस से सुरक्षित होंगे।

कोवाक्सिन का दूसरा डोज़ क्यों है जरुरी ?

कोरोना के खिलाफ भारत है मुख्य दो वैक्सीन हैं एक कविदशील्ड और एक कोवाक्सिन। कोवाक्सिन का दूसरा डोज़ 6 हफ्ते के गैप में लगवाना जरुरी है। कोवाक्सिन इतनी जल्दी पहले डोज़ से स्ट्रांग एंटीबाडी नहीं डेवलप करता है इसलिए दूसरा डोज़ जल्दी ही लगवाना जरुरी है ताकि इम्युनिटी बन सके।

अगर आपको पहला डोज़ लेने के बाद कोरोना हुआ है तो आपको दूसरे डोज़ के लिए 2 से 3 महीने का इंतज़ार करना जरुरी है। क्योंकि कोरोना ठीक होने के बाद हमारी बॉडी में एंटीबाडी डेवलप हो जाता है। कोशिश करें कि वैक्सीन का दूसरा डोज़ अगर कोरोना नहीं हहआ है तो डेट के आस पास ही लगवाएं और कुछ दिन आगे पीछे चल सकते है ऑनलाइन बुकिंग न मिलने के कारण।

कन्ट्रीज क्यों कर रही हैं कविदशील्ड बैन ?

कई देशों ने वैक्सीन बैन की सबसे पहले डेनमार्क ने इसकी पहल की थी उसके बाद ऑस्ट्रिया, नॉर्वे, आइसलैंड, बुल्गारिया, नेदरलॅंड्स, स्पेन और थाइलेंड। कई और देश भी इसी वजह से वैक्सीन बंद करने की सोच रहे हैं क्योंकि उनके मन में भी शंखा आ रही है। कुछ लोगों की शिकायतें प्लेटलेट काउंट कम होने की भी आ रही हैं।

इंडिया की वैक्सीन वैसे तो सभी जगह अच्छे रिजल्ट्स दे रही है लेकिन फिर भी कुछ देशों में इसको बैन कर दिया गया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि जो लोग इस वैक्सीन को लगवा रहे हैं इनको बहुत साइड इफेक्ट्स हो रहे हैं जैसे कि ब्लड क्लॉट्स और लोगों के मन में शंखा है कि ये म्युटेंट वायरस के खिलाफ असरदार है या नहीं।

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