ब्लॉग

क्या आप अपनी Vagina से जुड़ी ये 5 बातें जानते हैं ?

Published by
Ayushi Jain

वजाइना महिलाओं के शरीर का बहुत ही नाज़ुक हिस्सा होता है इसलिए महिलाओं उससे जुडी प्रोब्लेम्स के बारे में खुलकर सामने नहीं आती और नतीजा यह निकलता है की उससे जुड़े सभी मिथ्स को हम फॉलो करते हैं। आज हम बात करेंगे वजाइना से जुड़े 5 मिथ्स के बारे में। वजाइना से जुडी बातों को अक्सर हम इग्नोर करते हैं जो बहुत गलत है। वजाइना बहुत ही डेलिकेट हिस्सा होता है जिसकी प्रोब्लेम्स को हमे इग्नोर नहीं करना चाहिए। Vagina important facts

  1. “वजाइना” वह नहीं है जो आप सोचते हैं कि यह है

जब वजाइना के बारे में बात की जाती है, अगर आपको लगता है कि आप किसी महिला के प्राइवेट पार्ट्स की बात कर रहे हैं, तो आप गलत हैं। जब रिप्रोडक्टिव पार्ट्स की बात आती है, तो सही मतलब जानना ज़रूरी है, न कि सिर्फ आधी -अधूरी जानकारी का इस्तेमाल करना। वजाइना शब्द वास्तव में फीमेल रिप्रोडक्टिव सिस्टम के एक मैं पार्ट के बारे में बताता है। यह मस्कुलर कैनाल है जो सर्विक्स को एक्सटर्नल फीमेल जेनिटलिए (External Female Genetelia) से जोड़ती हैं (जिसमें लेबिया और क्लाइटोरिस शामिल हैं)।

  1. वजाइना अपने आप साफ हो जाती है

वजाइना एक स्व-सफाई ओवन की तरह है: इसमें बहुत सारे बैक्टीरिया होते है जो वजाइना के पीएच को मैंटेन करने के लिए काम करते हैं।  उसके ऊपर, वजाइना में ग्लांड्स होते हैं जो फ्लूइड सेक्रीट करते है और इसको क्लीन करते हैं। और यही कारण है कि वजाइना को साफ करने के लिए सुगंधित साबुन और बाकी सुगंधित प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल से बचना चाहिए।

और पढ़ें: क्या आप अपनी वजाइना के बारें में यह दिलचस्प बातें जानते हैं?

  1. आप वहां टैम्पोन नहीं खो सकते हैं

आपके वजाइना में टैम्पोन खो जाना असंभव है, आपने इसके बारे में काफी डरावनी कहानियां सुनी होंगी। वजाइना के ऊपर जो ओपनिंग होती है वो काफी छोटी होती है जीके कारण टैम्पोन अंदर जा ही नहीं सकता।  इसके आलावा, आपका वजाइना के एन्ड में सर्विक्स होता है, जो बच्चे के जन्म के समय ही खुलता है और बाकी टाइम बंद रहता है। तो, वहां से अंदर कुछ भी नहीं जा सकता। हालांकि, यह संभव है कि एक टैम्पोन वहां फंस जाए। उस स्थिति में, आपको इसे हटाने के लिए अपने डॉक्टर को दिखाने की जरूरत है।

  1. वजाइना की एक स्मेल होती है

आप ये तो जानते ही हैं की वजाइना में बहुत सारे बक्टेरिअस होते हैं जो आपके वजाइना का पीएच मैंटेन करने के लिए ज़िम्मेदार होते हैं।   खैर, किसी भी अन्य बैक्टीरिया की तरह, इनकी भी अपनी अलग स्मेल है। और इसलिए, वजाइना में एक विशेष स्मेल होना नार्मल है। यह कुछ भी नहीं है जिसे सुगंधित बॉडी वॉश या पर्फुम्स द्वारा कवर किया जाना चाहिए। लेकिन निश्चित रूप से, यदि आप एक नई गंध को देख रहे हैं जो अजीब या तीखी है, तो कृपया डॉक्टर को दिखाए यह इन्फेक्शन का साइन हो सकता है।

  1. आप जो खाते हैं वह वजाइना की खुशबू को इफ़ेक्ट करता है

क्या आप जानते हैं कि आपकी डाइट कण्ट्रोल करती है कि आपके प्राइवेट पार्ट्स से कैसी स्मेल आती है? उदाहरण के लिए, जैसे की कहा जाता है की पिनेअपले खाने से वजाइना से स्वीट स्मेल आती है और गार्लिक और प्याज़ भी वजाइना की स्मेल को इफ़ेक्ट करते हैं। अन्य खाद्य पदार्थों में माना जाता है कि वजाइना की स्मेल को बदलने के लिए लहसुन और प्याज, साथ ही पनीर शामिल हैं। किसी भी अजीब सी स्मेल के पीछे अनहेअल्थी खाने की आदत हो सकती है। तो, अगली बार जब आप चिंतित हों कि सुगंधित साबुन के इस्तेमाल से भी आपको अजीब स्मेल आ रही है तो इसके पीछे आप क्या खाते हैं यह कारण हो सकता है।

और पढ़ें: इनर केयर: क्यों जरूरी है अपनी वजाइना को साफ रखना?

Recent Posts

शादी का प्रेशर: 5 बातें जो इंडियन पेरेंट्स को अपनी बेटी से नहीं कहना चाहिए

हमारे देश में शादी का प्रेशर ज़रूरत से ज़्यादा और काफी बार बिना मतलब के…

10 hours ago

तापसी पन्नू फेमिनिस्ट फिल्में: जानिए अभिनेत्री की 6 फेमस फेमिनिस्ट फिल्में

अभिनेत्री तापसी पन्नू ने बहुत ही कम समय में इंडियन एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में अपनी अलग…

11 hours ago

क्यों है सिंधु गंगाधरन महिलाओं के लिए एक इंस्पिरेशन? जानिए ये 11 कारण

अपने 20 साल के लम्बे करियर में सिंधु गंगाधरन ने सोसाइटी की हर नॉर्म को…

12 hours ago

श्रद्धा कपूर के बारे में 10 बातें

1. श्रद्धा कपूर एक भारतीय एक्ट्रेस और सिंगर हैं। वह सबसे लोकप्रिय और भारत में…

13 hours ago

सुष्मिता सेन कैसे करती हैं आज भी हर महिला को इंस्पायर? जानिए ये 12 कारण

फिर चाहे वो अपने करियर को लेकर लिए गए डिसिशन्स हो या फिर मदरहुड को…

14 hours ago

केरल रेप पीड़िता ने दोषी से शादी की अनुमति के लिए SC का रुख किया

केरल की एक बलात्कार पीड़िता ने शनिवार को सुप्रीम कोर्ट का रुख कर पूर्व कैथोलिक…

16 hours ago

This website uses cookies.