गंगूबाई काठियावाड़ी कहानी एक बहुत ही मजबूत औरत के बारे में। ये फिल्म संजय लीला भंसाली के द्वारा निर्देशित है। इस फिल्म में गंगूबाई का किरदार आलिया भट्ट निभा रही हैं। दीपिका पादुकोण और संजय लीला में इस फिल्म के मुख्य किरदार को लेकर विवाद भी चल रहा है। ये फिल्म एक माफिया क्वीन गंगूबाई के ऊपर आधारित है। गंगूबाई काठियावाड़ी मुंबई में एक वैश्यालय की मालिक थी इन ने सेक्स वर्कर्स के राइट्स के बारे मे आवाज उठाई थी वो भी 60 ‘s के ज़माने में। आज हम आपको बताएंगे गंगूबाई काठियावाड़ी कैसी फेमिनिस्ट थीं –

गंगूबाई काठियावाड़ी मुंबई में एक वैश्यालय की मालिक थी –

1. गंगू भले ही सेक्स वर्कर थीं पर इन्होंने कभी भी किसी महिला के साथ जोर जबरजस्ती नहीं होने दी। हमेशा से गंगू सेक्स वर्कर के प्रति भावनात्मक थीं और कभी भी किसी के साथ जबरजस्ती नहीं करती थी।

2. गंगूबाई काठियावाड़ी मुंबई में एक वैश्यालय की मालिक थी इन ने सेक्स वर्कर्स के राइट्स के बारे मे आवाज उठाई थी वो भी 60 ‘s के ज़माने में। गंगूबाई ने महिलाओं को उनके राइट की अहमियत सिखाई। इन्होंने फीमेल की पॉवर को भी दर्शाया और बताया कि वो कितनी मजबूत हो सकती है।

3. गंगू का खुद का एक बार भयानक रेप भी हुआ जो की करीम लाला के मेंबर ने किया था न्याय के लिए वो खुद लाला के पास गई और लाला ने उन्हें अपनी बहन भी बनाया। ये खुद के लिए खड़ी हुई और सभी से खुद के लिए इंसाफ भी लिया।

4. इनकी लाइफ की शुरुवात में हस्बैंड ने उनको 500 रूपए के लिए वैश्यालय में बेच दिया था। इसके बाद ये यहीं की मालिक बन गयीं थीं और इलेक्शन भी लड़ा था।

5. गंगूबाई ने सिखाया और आवाज उठायी की भले ही सेक्स वर्कर्स क्यों न हो सहमती लेना सबसे जरुरी होता है। ये हमेशा से महिलाओं के लिए खड़ी रहीं और उनके अपने हक़ के लिए लड़ना सिखाया। इन्होंने सिखाया कि कैसे महिलाएं एक दूसरे का सपोर्ट बन सकती हैं।

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