फेमिनिस्ट कहते हैं कि लड़के लड़कियों का पीछा करते हैं, उन्हें छेड़ते हैं, इस हद तक की यह डरावना भी लगने लगता है। जब लड़के लड़कियों का पीछा करते हैं तो अजीब लगता है, लेकिन बात तब भी नहीं बनेगी जब लड़कियाँ लड़कों का इन्तज़ार करती रहती हैं कि कब वो आकर हमें प्रोपोज़ करेगा? एक लड़की लड़के को पहले प्रोपोज़ क्यों नहीं कर सकती ?

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इस बारे में मैंने अपनी फ्रेंड से उसकी डेटिंग का तरीका पूछा। आइए जानते हैं आगे क्या हुआ?

क्यों ना लड़कियाँ भी आगे बढ़कर लड़कों को पहले प्रोपोज़ करें?

जब मैंने अपनी फ्रेंड से उसकी डेटिंग का तरीका पूछा तो उसने कहा- ” मैं इंस्टाग्राम पर एक हॉट सी पिक्चर लगा कर इन्तज़ार करती हूँ कि मेरी पसंद का लड़का मुझे DM(direct message) करके प्रोपोज़ करेगा!”

इस इन्तज़ार के तरीके से अलग हमारी पौराणिक कहानियों में काफी बार औरतें अपने पसंद के पुरुषों को आगे बढ़कर प्रोपोज़ करती हैं। याद करिए भीम और हिडिम्बा की कहानी, जब हिडिम्बा को भीम से प्यार हो गया था और उसने खुद भीम से शादी करने को पूछा था।

और पार्वती ने भी अपने मनपसंद पति महादेव को पाने के लिये कितनी लम्बी तपस्या की थी। खैर, इतनी लम्बी तपस्या की तो आपको कोई जरुरत नहीं है, लेकिन एक बार खुद से हिम्मत जुटा कर प्रोपोज़ करना तो बनता है ना, अगर आप सामने वाले तो बेहद पसंद करती हों।

लड़कों की इस बारे में क्या राय है?

लड़कियाँ ज्यादातर पहला कदम नहीं उठाती। क्यों? क्योंकि पहले से ही काफी लड़के खड़े हैं लाईन में चूज करने के लिये या उन्हें लगता है की पहला कदम उठाना ‘फेमिनिन’ नहीं है? इस बारे में लड़कों की राय जानते हैं की उन्हें कैसा लगेगा जब पहली बार लड़कियाँ उन्हें प्रोपोज़ करेंगी?

आयुष ग्रोवर ने कहा,  “मुझे तो बहुत खुशी होगी अगर लड़कियाँ पहला कदम बढ़ाएँगी। ये बहुत कॉमन बात नहीं है इसलिए इसे बढ़ावा देना चाहिये। और तो और ये हम लड़कों पर से कुछ प्रेशर भी हटायेगा की हमें ही पहला कदम उठाना है।”

रघु विनायक सिन्हा ने कहा, “मुझे लगता है ये काफी अच्छा चेंज है और इससे मुझे बहुत अच्छा लगेगा। हमें इस बात को पीछे छोड़ने की जरुरत है की पहला कदम उठाना या पहले ask-out करना सिर्फ लड़कों का काम है।”

पहला कदम लड़कियों को भी ज़रूर उठाना चाहिये।

पहली बार अपने पसंद के इन्सान को ask-out करना काफी empowering हो सकता है। यह आपके आत्मविश्वास को काफी बूस्ट-अप करेगा।  पहला कारण है, आपको जो पसंद हो आप उसके पीछे जाएँ। इस सोसाइटी में आप सिर्फ उन लड़कों तक ही सिमित रह जाती हैं जिन्होनें आपको पहले ही पसंद करके अप्रोच किया है, और आपको मौका ही नहीं मिलता अपनी पसंद को फॉलो करने का सिर्फ अपनी झिझक की वजह से।

दूसरा कारण है, ज्यादातर लड़कों को यह desperate बिल्कुल नहीं लगता, बल्कि उन्हें भी अच्छा लगेगा अगर उन्हें अप्रोच किया गया है तो।सार्थक शर्मा का कहना है, “ये हम ज्यादातर लड़कों की ख्वाईश होती है की कोई लड़की हमें अप्रोच करे। यह काफी अच्छी फीलिंग होती है।”

तीसरा कारण है की आपको डर है की हो सकता है की आपको rejection झेलना पड़ेगा। लेकिन rejection को ऐक्सेप्ट करके आगे बढ़ना सिर्फ लड़कों ही नहीं, लड़कियों को भी सीखना चाहिये। और तो और पहला कदम आपके उठाने से यह लड़कों पर से काफी प्रेशर हटायेगा। इस तरह एक रिलेशनशिप की शुरुआत करना सेक्सिस्ट भी नहीं रहेगा और आप खुद को काफी ज्यादा empowered भी महसूस करेंगी।

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