गैसलाइटिंग (Gaslighting) शब्द आपने भी कभी न कभी सुना होगा या सुनकर लगा होगा कि गैस जलाने वाले लाईटर को गैसलाइटिंग कहा जाता हैं। अगर ऐसा है तो आज हम आपको गैसलाइटिंग के बारे में कुछ नया और इसका असली मतलब बताने जा रहें हैं।

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क्या आपको कभी यह कहा गया है कि तुम बहुत सेंसेटिव हो, तुम बहुत सोचती हो, ओवररिएक्ट कम किया करो, तुम्हें कुछ याद नही रहता? या आपके सोच, आपके रियल इमोशन्स और रियल सेल्फ पर बार बार सवाल खड़े किए गए हो? अगर हां, तो मेंटल हेल्थ प्रोफेश्नल आस्था चतुर्वेदी के अनुसार आप गैसलाइट की शिकार हैं। जी हां, इन्हीं सब चीज़ो को गैसलाइटिंग कहा जाता है। यह एक तरह का इमोश्नल अब्यूस जैसा है। इसमे आपको सामने वाले के तरफ से बार बार यही समझाया जाता है कि जो वो बोल रहें हैं वो सच है और जो तुम्हें लग रहा है वो गलत है।

अब सवाल उठता है कि आखिर गैसलाइटिंग करता कौन है?

आस्था चतुर्वेदी कहती हैं कि आपको गैसलाइट कोई भी कर सकता है, लेकिन कुछ लोगों द्वारा ये करने पर इसका असर आपको ज्यादा पड़ सकता है, जैसे
-नज़दीकी रिश्तेदार
-आपका पार्टनर
-आपके करीबी दोस्त
और, खासकर वह लोग जो हमें अच्छे से समझते हैं। जो हमारी कमज़ोरियों और डर को जानते हैं। कभी-कभी यही लोग इसका गलत फायदा उठाते हैं।

गैसलाइटिंग क्यों होता है?

कुछ लोग रिलेशनशिप के दौरान अलग-अलग कारणों से एक कंट्रोल और पावर बनाएं रखना चाहते हैं। इसलिए वे अपने पार्टनर के वास्तविकता पर बार-बार सवाल उठाते हैं, झूठ बोलते हैं, विश्वास नहीं करते। इसका परिणाम यह होता हैं कि गैसलाइटिंग के शिकार व्यक्ति खुद पर ही भरोसा नहीं करते। उन्हें यह भी लगता है कि वे मानसिक रूप से कमजोर हैं। और सबसे अहम बात यह कि जब गैसलाइटिंग होती है तब वो गलत भी नही लगती क्योंकि जो आपको गैसलाइट करेगा वो आपको नेगेटिव कमेंट के साथ पॉजिटिव कमेंट भी देगा। इस वज़ह से जो पार्टनर गैसलाइट हो रहा होता है वो कन्फ्यूज़ हो जाता है कि आखिर वो है कैसा?

गैसलाइटिंग से कैसे पड़ता है असर?

गैसलाइटिंग आपको और आपके लाइफ को अलग-अलग तरीकों से काफी हद तक प्रभावित कर सकता है, जैसे-

अविश्वास की भावना पैदा हो सकती है

कुछ लोग अन्य लोगों पर भरोसा करने से बच सकते हैं या आगे इस तरह की घटना नहीं हो, उसके लिए अविश्वास की भावना पाल सकते हैं। लेकिन खुद को दोषी ठहराते हुए दूसरों पर विश्वास नहीं दिखाने से अन्य रिश्ते भी प्रभावित हो सकते हैं।

मानसिक स्वास्थ्य पर असर

किसी व्यक्ति के मेंटल हेल्थ के लिए गैसलाइटिंग के काफी खराब असर हो सकते हैं. यह प्रोसेस धीरे-धीरे होती है जिससे व्यक्ति का सेल्फ-कॉफिडेंस और सेल्फ-रिस्पेक्ट छिन जाता है. उन्हें यह भी लग सकता है कि वे दुर्व्यवहार के लायक हैं।

सामाजिक जीवन पर प्रभाव

गैसलाइटिंग से किसी व्यक्ति के सामाजिक जीवन पर असर पड़ सकता है। अपमान करने वाला व्यक्ति आपको मित्रों और परिवार से दूर कर सकता है। इससे पीड़ित व्यक्ति खुद को अस्थिर महसूस करते हुए सभी से अलग होकर आइसोलेशन में जा सकता है. इससे अपनों से दूर भी होने का डर होता है।

मानसिक चिंता

गैसलाइटिंग से मानसिक स्वास्थ्य जैसी चिंताओं का जन्म हो सकता है। हमेशा खुद पर ही शक पैदा होता रह सकता है। आत्म-सम्मान को लगी ठेस और निराशा से मानसिक तनाव भी उत्पन्न होने की संभावना बनी रहती है।

ज़्यादा लोगों से घुलमिल जाने से नुकसान

गैसलाइटिंग के बाद कुछ लोग अपने आस-पास ज्यादा खुश लोगों को रखने की कोशिश करते हैं और उनसे भी उन्हें नुकसान हो सकता है। कुछ लोग इससे ऐसे समय में आपका फायदा उठाकर फिर से ऐसा कर सकते हैं।

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