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क्या आपको Good Girl Syndrome है ?

Published by
Shilpa Kunwar

आज के टाईम में भी मतलब 21वीं सदीं में भी बहोत सारी लड़कियों को Good Girl Syndrome वाली परेशानी तो है ही। अब आप सोच रही होंगी कि Good girl Syndrome भला परेशानी कैसे हो सकती है? तो आइये जानते हैं Good Girl Syndrome के बारे में, इसके इम्पेक्ट और इससे जुड़ी सोच के बारे में।

हर लड़की ने अपने बचपन में सुना होगा या अभी भी सुनती है कि तुम्हें एक अच्छी लड़की की तरह रहना है। और अच्छी लड़की बनते कैसे है? सबके साथ प्यार से रह कर, सबसे आराम से बात करके, प्यारी सी, भोली सी-शांत और हां में हां मिलाने वाली ही लड़कियों को अच्छी लड़कियों का ताज पहनाया गया है। और ये ताज सिर्फ घर वाले नही बल्कि सोसायटी और स्कूल के टीचर्स भी पहनाते हैं।

अपने पैर जोड़कर बैठों, शोर मत मचाओ, कोई रूल्स या नियम मत तोड़ो ये सब बातें लड़कियों को लगातार कही जाती है और स्कूलों में तो इन बातों को फॉलो करने पर इनाम भी दिया जाता है। अगर आप ऐसी लड़की है तो आप ज़रूर टीचर्स की फेवरेट स्टूडेंट रही होंगी, टीचर्स हर वक्त बस आपका ही नाम लेते होंगे..है ना। लेकिन इस तरह का स्वभाव सबसे अच्छे बने रहना, कुछ ना बोलना आपकी जिंदगी और आपके ग्रोथ को पॉजिटीव से ज्यादा नेगेटिवली अफेक्ट करता है।

जब हम दूसरों की बातें मानने लगते हैं या उनकी हां में हां मिलाते हैं तो उन्हें लगता है कि उन्हें फ्री टिकट मिल गया है हमें कैसे भी यूज़ करने का, हमें गलत तरीके से ट्रीट करने का।

ऐसा आपको लग सकता है कि अच्छी बने रहने से, दुसरों की खुशी अपने से पहले रखने से आपको बहोत अच्छा माना जाएगा और सराहा जाएगा तो शायद आप काफी गलत है। जब हम दूसरों की बातें मानने लगते हैं या उनकी हां में हां मिलाते हैं तो उन्हें लगता है कि उन्हें फ्री टिकट मिल गया है हमें कैसे भी यूज़ करने का, हमें गलत तरीके से ट्रीट करने का। ऐसा करने का यह कारण है कि वो जानते हैं कि जो भी वो आपको करने को कहेंगे या कुछ गलत बात बोलेंगे तो आप चुपचाप सहकर उनकी बातें मानती जाएंगी। और ऐसा हर लड़की को कभी नी कभी अपनी ज़िंदगी में लगा होगा कि उसकी अच्छाई का फायदा उठाया जा रहा है।

ऐसे समाज में जहां हर दिन रेप होता है वहां लड़कियों का इस हद तक अच्छा बनना मुझे काफी गलत लगता है। हो सकता है कि आप अपनी आवाज़ उठाने की हिम्मत ना कर पा रही हो क्योंकि आपको बचपन से अच्छी लड़की वाली घुट्टी पिला दी गई है लेकिन कोशिश करों। खुद को मजबूत करना और अच्छी लड़की की डेफिनेशन खुद लिखने की बारी है। सोसायटी ने अच्छी लड़की का पैमाना वही तय किया है जिसमें वो लड़कियों पर अपना हक़ आराम से जता सकें, उनका शोषण कर सकें। इसलिए ज़रूरी है कि लड़कियां खुद की अहमियत जानें और खुद पर वर्क करें।

काफी लड़कियां ऐसी भी हैं जो Good Girl Syndrome से उभरना तो चाहती है पर जानती नही कि कैसे उभरना हैं। हम आपको कुछ तरीकें बताते हैं जिसे अपनाकर शायद आप Good girl Syndrome से मुक्ति पा जाएं।

-खुद से पूछें कि तुम्हें क्या चाहिए और तुम क्या डिज़र्व करते हो।
-अपने बारें में सोचें।
– ना कहना सीखें।
– अपने फैसले खुद लें।
– गलतियां करने से ना डरें क्योंकि कोई परफेक्ट नही होता पर परफेक्ट बनने की कोशिश करने में कुछ गलत भी नही।

पढ़िये-  क्यों एक लड़का और एक लड़की अच्छे दोस्त हो सकते हैं?

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