गुजरात सरकार ने 11 नवम्बर को ही 23 नवम्बर से 9वीं से 12वीं कक्षा तक स्कूल्स, फाइनल ईयर के बच्चों के लिए कॉलेज, मेडिकल और पैरामेडिकल कॉलेजेस दोबारा खोलने की प्रस्तावना रख दी थी, लेकिन जल्दी ही इस फै़सले को रद्द कर दिया गया था।

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हालाँकि अटेंडेंस कम्पल्सरी नहीं है और ऑनलाइन क्लासेस भी चलती रहेंगी, फिजिकल क्लासेस अटेंड करने के लिए बच्चों का पेरेंट्स द्वारा साइन किया हुआ कंसेट लेटर ले जाना अनिवार्य है।

“स्कूल्स और कॉलेजेस को केंद्र सरकार द्वारा बनायें गए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) को फॉलो करना होगा, जिसके बारे में सभी एजूकेशनल इंस्टिट्यूशन्स को पहले ही बताया जा चुका है। बाकी कक्षाओं को रीओपन करने के विषय में चर्चा जारी है और उम्मीद है कि 10 दिन के अंदर उनके लिए भी घोषणा कर दी जाएगी”, एक मंत्री ने बताया।

गुजरात मुख्यमंत्री ऑफिस ने अपने ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया कि “गुजरात कैबिनेट ने मुख्यमंत्री विजय रूपानी की अध्यक्षता में स्कूल्स में 10वीं और 12वीं कक्षा, और कॉलेजेस में अंडरग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट के फाइनल ईयर स्टूडेंट्स के लिए 11जनवरी से ऑफलाइन क्लासेस लगवाने का निर्णय लिया है। इन इंस्टिट्यूशन्स में कोरोना से जुड़े सभी गाइडलाइन फॉलो किए जाएँगे और पेरेंट्स से कंसेट लेटर लिया जाएगा।” इसके अलावा ये भी स्पष्ट किया गया कि किसी का भी मास प्रोमोशन नहीं होगा। हालाँकि पेपर उतने ही सिलेबस का होगा, जितना पढ़ाया गया है।

कंसेट लेटर में पेरेंट्स को ये आश्वासन देना होगा कि उन्होंने स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर को ठीक तरह से पढ़ा है और उसका पालन करने को तैयार हैं। एजूकेशन डिपार्टमेंट द्वारा इशू किये गए एक सैंपल कंसेट लेटर में पेरेंट्स को इस बात का ध्यान रखने को कहा गया था कि बच्चे मास्क लगा कर आएँ। बच्चों को अपने साथ टिफ़िन और वॉटर बॉटल लाना होगा, जिसे वे किसी और के साथ शेयर नहीं कर सकते।

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