बच्चों को स्ट्रेस दिए बिना कैसे संभाले, अपनाएं यह 5 टिप्स

Published by
Yogita Maurya

Handle Children Without Stressing Them: बच्चों को सिर्फ डांटना या पीटना इकलौता उपाय नहीं है। बच्चे जैसे-जैसे बड़े होते है, वैसे ही उन्हें ये सब चीजों पर गुस्सा आना  या परेशान होने लगते है। कई बारी उन्हें स्ट्रेस भी होने लगता है। ऐसे में उन के लिए क्या किया जाए, समझ नहीं आता। लकिन ये आर्टिकल उन सभी चीजों के बारे में बताएगा, जो आपको आपके बच्चे के लिए करना चाहिए।

Handle Children Without Stressing Them: 5 चीजें जो आपको मदद करेंगी बच्चो को बिना स्ट्रेस दिए सँभालने के लिए-

1. बहस मत करो

बच्चे हमेशा आर्गुमेंट का सामना करने के लिए तैयार रहते हैं। तो, उन्हें वह अवसर न दें। इसके बजाय, अपने बच्चे को जो कुछ भी कहना है, उसे सुने और आर्गुमेंट के बजाय बातचीत में बदल दें। जब आप दिखाते हैं, कि आप उनकी बात सुनने के लिए तैयार हैं, तो इससे उनके भी आपकी बात सुनने की संभावना बढ़ जाती है।

2. एक कनेक्शन बनाए

अपने बच्चे को कुछ ऐसा करने के लिए मजबूर न करें जो वह नहीं चाहता। यह केवल उन्हें और अधिक रेबेलियस बना देगा और वे वही करेंगे, जो उन्हें नहीं करना चाहिए था। इसलिए, यदि आप चाहते हैं, कि आपका बच्चा टीवी देखना बंद कर दे, और इसके बजाय होमवर्क करे, तो कुछ समय के लिए उनके साथ टीवी देखने की कोशिश करें। थोड़ी देर के बाद, आप अपने बच्चे से पूछ सकते हैं, कि क्या वह होमवर्क करना चाहता है, जब आप अपनी किताब पढ़ते हैं, या पास बैठे कुछ काम कर सकते हैं।

3. घर में शांति बनाए रखें

सुनिश्चित करें, कि आपका घर एक ऐसी जगह है, जहां आपका बच्चा हर समय खुश, आरामदायक और सुरक्षित महसूस करता है। घर में सभी के प्रति पोलाइट रहें, विशेषकर अपने पत्नी के साथ, क्योंकि बच्चे बढ़ो को देखकर ही सीखते हैं। इसलिए यह आवश्यक है, कि आप शांति बनाए रखें और बच्चे के सामने आर्ग्यूमेंट्स के साथ-साथ लड़ाई करने से बचें।

4. पॉजिटिव व्यवहार को बढ़ावा दें

उनके लिए आप एक उदाहरण बने और पॉजिटिव ऐटिटूड रखे। यदि आप ‘नहीं’, ‘नहीं कर सकते’, या ‘नहीं’ शब्दों का बहुत अधिक उपयोग करते हैं, तो आपके बच्चे के भी ऐसा ही करने की संभावना है। अपने बच्चे की जिद को उसके बारे में नेगेटिव होने के बजाय पॉजिटिव तरीके से देखें। अपने बच्चे से ऐसे सवाल पूछकर उसमें से एक गेम बनाए, जिसका आंसर ‘हां’ या ‘नहीं’ में मिलता है। अपने सवाल को इस तरह तैयार करें कि, ज्यादा समय उत्तर ‘हां’ में हो। इससे यह संदेश जाता है, कि आपके बच्चे की बात सुनी जा रही है।

5. रूटीन बनाए

डेली रूटीन के साथ-साथ, वीकली रूटीन को फॉलो करते रहना आपके बच्चे के व्यवहार के साथ-साथ स्कूल में परफॉरमेंस को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। सोने के समय को ध्यान रखने की आवश्यकता है, और ऐसा होना चाहिए, कि यह आपके बच्चे भरपूर आराम करे। नींद की कमी और थके होने से तीन से बारह वर्ष की आयु के बच्चों में व्यवहार संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।

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