Goal Based Planning: आखिर कैसे करें गोल के अनुसार अपनी प्लानिंग

गोल बेस्ड प्लानिंग में हम एक विशेष लक्ष्य के लिए अपनी फाइनैंशल प्लानिंग कर रहे होते हैं फिर चाहे वह कोई खरीद हो या कोई बड़ी पेमेंट। आइए इस ब्लॉग के जरिए समझे कैसे कर सकते हैं हम गोल बेस्ड प्लानिंग।

Aastha Dhillon
27 Dec 2022
Goal Based Planning: आखिर कैसे करें गोल के अनुसार अपनी प्लानिंग

Goal Based Planning

Goal Based Planning: क्या आपने कभी कोई मैराथन में भाग लिया है? अगर हां तो आप यह बात बखूबी समझते होंगे कि एक मैराथन के लिए तैयार होना और अपने आप को फिट रखना दोनों ही अलग-अलग बात है। मैराथन के लिए आप एक पर्टिकुलर दिन के लिए तैयारी कर रहे होते हैं वही आमतौर पर फिट रहने के लिए आपको रोज समान रूप से सोचना और अपने शरीर का ख्याल रखना होता है।

कुछ इसी प्रकार की है गोल बेस्ड प्लानिंग। गोल बेस्ड प्लानिंग में हम एक विशेष लक्ष्य के लिए अपनी फाइनैंशल प्लानिंग कर रहे होते हैं फिर चाहे वह कोई खरीद हो या कोई बड़ी पेमेंट। आइए इस ब्लॉग के जरिए समझे कैसे कर सकते हैं हम गोल बेस्ड प्लानिंग।

कुछ इसी प्रकार की है गोल बेस्ड प्लानिंग। Goal Based Planning: आखिर कैसे करें गोल के अनुसार अपनी प्लानिंग

अगर करनी है गोल बेस्ड प्लानिंग तो अपनाएं यह टिप्स

1. गुड लोन

हम उस लोन को अच्छा मानेंगे जिसको लेने से हमारे जीवन में वैल्यू ऐड होती है और उसे हम एक इन्वेस्टमेंट की तरह देख सकते हैं। ऐसे में गुड लोन का सबसे बेहतर उदाहरण है एजुकेशन लोन (Education Loan), जब हम अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए लोन लेते हैं तो हम इनडायरेक्टली उनके फ्यूचर को बेहतर बनाने के लिए इन्वेस्टमेंट कर रहे हैं।

2.बनें फाइनेंशली एजुकेटेड

यदि आपको ऐसी प्लानिंग करनी है तो आपको फाइनेंशली एजुकेटेड बनना होगा आपको फाइनेंस से संबंधी हर चीज का ध्यान रखना होगा जैसे इंटरेस्ट रेट एसआईपी लोन इंस्टॉलमेंट और ना जाने कितने ही ऐसे शब्द। फाइनेंशली एजुकेटेड बंद कर आप अपने गोल को अच्छे और सबसे सस्ते तरीके पर पूरा कर पाएंगे।

3.SIP करे शुरू

आज के जमाने में एसआईपी एक अच्छा उपाय है अपनी गोल्स को अचीव करने के लिए। हम एक एसआईपी में लगातार पैसे डालते हैं ताकि जब हमें जरूरत हो तो हम उन्हें निकाल कर यूज कर सके। एसआईपी(SIP) से हमें इंटरेस्ट भी बेहतर मिलता है और रिस्क भी थोड़ा कम होता है।

4. बनाए एक प्लान बी

जब हम अपने पैसों को इन्वेस्ट करने का सोचते हैं तो हम केवल अच्छी चीजों को ही एक्सपेक्ट करते हैं परंतु हमें समझना होगा कि जहां हमें प्रॉफिट हो सकता है तो लॉस होने के भी पूरे चांसेस है। ऐसे में अपने पोर्टफोलियो को डायवर्सिफाई करें जिससे यदि आपको एक जगह लॉस होता है तो दूसरी जगह के प्रॉफिट से आपको इतना घाटा नहीं होगा। यह डायवर्सिफिकेशन आपके लिए आप का प्लान बी बनके साबित हो सकती है।

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