14 अप्रैल को पूरे एक्सपर्ट्स के पैनल ने साथ में मिलकर डिस्कस किया कि क्यों कोरोना की जॉनसन एंड जॉनसन वैक्सीन से लोगों को ब्लड क्लॉट हो रहे हैं। ऐसे 7 लोगों के केसेस सामने आए हैं जिनको वैक्सीन का पहला डोज़ लेते ही ब्लड क्लॉट हुआ। यहां तक कि एक महिला की क्लॉटिंग के कारण जान तक चली गयी। इस मामले के बाद से ही इस जॉनसन एंड जॉनसन वैक्सीन पर स्टे लगा दिया गया था। आज हम आपको बताएंगे कोरोना की जॉनसन एंड जॉनसन वैक्सीन में क्या है दिक्कत

क्या है जॉनसन एंड जॉनसन वैक्सीन का साइड-इफ़ेक्ट ?

जब एक्सपर्ट द्वारा अनुमान लगाया गया कि इस वैक्सीन का साइड-इफेक्ट क्या हो सकता है तब ये सामने आया कि वैक्सीन को लगने के बाद लोगों को ब्लड क्लॉट होता है जिस से कि नसें दिमाग का खून पूरा खींच लेती हैं। इसके कारण वैक्सीन लेने वाले की परिस्तिथि सीरियस हो जाती है।

कैसे आए थे इसके साइड- इफेट्स सामने ?

अप्रैल 13 को US में कई लोगों को वैक्सीन दीं गयी थीं। इन में से 1 मिलियन में से एक इंसान को ब्लड क्लॉट की शिकायत आयी थी । ये शिकायत होने वाले सभी 6 लोग महिलाएं थीं और 18 से 48 की उम्र के बीच की थीं। जैसे ही इसका 7th केस सामने आया था इस वैक्सीन को रिव्यु के लिए रोक दिया गया था।

जो जॉनसन एंड जॉनसन वैक्सीन ले चुके हैं वो क्या करें ?

जिन लोगों ने पिछले 3 हफ्ते में ये वैक्सीन ली है और उनको दिक्कते हो रही हैं जैसे की बहुत ज्यादा सर में दर्द, पेट में दर्द, पैर में दर्द और सांस की कमी। ऐसे लोग सीधा अपने डॉक्टर को दिखाएं। जिनको भी ब्लड क्लॉट की समस्या हो रही है उसके लिए डॉक्टर ने ब्लड पतली करने वाली टेबलेट की सलाह दी है जैसे कि ” एंटीकोगुलेंट हिपेरिन “। ये मेडिसिन ज्यादातर सभी जगह इस्तेमाल की जाती है।

भारत में वैक्सीन को लेकर क्या परिस्तिथि है ?

अभी हाल में ही सभी जगह ये अफवाह भी चल रही है कि भारत में बनी कोविशिल्ड वैक्सीन और कोवाक्सिन वैक्सीन से सभी को रिएक्शन हो रहा है और ब्लड क्लॉट जैसी समस्या हो रही है। भारत ने रूस द्वारा विकसित COVID-19 के खिलाफ स्पुतनिक वी वैक्सीन को अब ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) द्वारा भारत में आपातकालीन उपयोग के लिए अनुमोदित और मंजूरी दे दी गई है। वैक्सीन को 11 अप्रैल को DCGI द्वारा अनुमोदित किया गया था और भारत स्पुतनिक वी को मंजूरी देने वाला 60 वां देश है।

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