menstrual cup meaning in hindi – मेंस्ट्रुअल कप थर्माप्लास्टिक एलेस्टोमेर, सिलिकॉन या लेटेक्स से निर्मित होता है, जो वजाइना से पीरियड ब्लड इकट्ठा करने का काम करते हैं। इसे पीरियड्स के दौरान महिला की वजाइना में डाला जाता है। मेंस्‍ट्रुअल कप के बारे में अभी लोग बहुत कम जानते हैं। इसका इस्तेमाल भी कम किया जाता है लेकिन महिलाओं और लड़कियों के लिए मेंस्‍ट्रुअल कप काफी उपयोगी है। इन कपों का उपयोग करना आसान है, आप पैसों की बचत भी कर सकते हैं और यह काफी स्वस्थ और नॉन टॉक्सिक होते हैं।

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जानिए किस तरह मेन्स्ट्रूअल कप का इस्तेमाल किया जाता है

1. Menstrual Cup के साथ मिले निर्देशों को पढ़ें। कप के साथ आए हुए पैम्फ़लेट्स को तब तक पढ़ें जब तक आप कप को प्रयोग करने का तरीका ना समझ पाए।

2. Menstrual Cup को इस्तेमाल करने से पहले अपने हाथों को अच्छे से धो लें। पहली बार प्रयोग करते समय मेन्स्ट्रूअल कप उबाल भी लेना चाहिए। मेन्स्ट्रूअल कप पर कभी भी साबुन का प्रयोग नहीं करना चाहिए।

3. वह पेल्विक मसल्स ही होती हैं, जिनका प्रयोग आप पेशाब करने के लिए करती हैं। इन मसल्स को ढीला छोड़ने का अभ्यास करें ताकि आप अंदर डालते समय उन्हें रिलैक्स कर सकें।

4. पहली बार मेन्स्ट्रूअल कप अंदर डालना हमेशा सबसे मुश्किल होता है इसलिए, यदि शुरू में आपको परेशानी होती है तो हार न मानें।‌ एक ब्रेक ले और फिर कोशिश करें।

5. अपने हाथ से अपने वजाइना के ओपेनिंग को खोजें। अब कप को अपने pubic bone की तरफ, सीधे नहीं बल्कि 45 डिग्री के ऐंगल पर अंदर धकेलें। कप पॉप करके खुला हुआ होना चाहिए। कप को तब तक धकेलते रहें जब तक यह आप कंफर्टेबल महसूस ना करें।

6. अगर ज्यादा ब्लड निकल रहा हो तो आपको इसे बार-बार खाली करना पड़ेगा, क्योंकि बारह घंटे ही अधिकतम रिकमेंडेड समयावधि है।

7. इसके प्रयोग के समय किसी भी प्रकार की क्रीम का प्रयोग नहीं करें। यह इसके शेप को बिगाड़ सकती है, जिससे आपको दर्द महसूस हो सकता है।

आइए जानते हैं कि पेड्स और टैम्पोन से बेहतर क्यों है – मेंस्ट्रुअल कप (menstrual cup meaning in hindi)

1. मेंस्ट्रुअल कप सेनेटरी पैड की तुलना में सस्ते पड़ते हैं। एक मेंस्ट्रुअल कप को आप कई बार इस्तेमाल में ला सकती हैं। Sterilize करके इसे दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है। इसलिए इनपर खर्च कम पड़ता है‌।

2. कई बार महिलाओं को सबसे बड़ी चिंता होता है कि पैड को कहां फेंका जाएं। इसमें ऐसी कोई परेशानी नहीं होती है। आप इसे धोकर फिर से इस्‍तेमाल करने लग जाएं।

3. इसका सबसे बड़ा फायदा है कि ये वातावरण को दूषित नहीं करते। यह एनवायरमेंट फ्रेंडली (enviornment friendly) होते हैं।

 सेनेटरी पैड को बनाते समय उपयोग होने वाले केमिकल से वेजाइनल एरिया में इन्फेक्शन होने का डर बना रहता है। वहीं दूसरी तरफ मेंस्ट्रुअल कप सिलिकॉन से बना होता है, जिसमें इंफेक्शन का खतरा कम होता है।

4. सेनेटरी पैड को बनाते समय उपयोग होने वाले केमिकल से वेजाइनल एरिया में इन्फेक्शन होने का डर बना रहता है। वहीं दूसरी तरफ मेंस्ट्रुअल कप सिलिकॉन से बना होता है, जिसमें इंफेक्शन का खतरा कम होता है।

5. कप को  उचित सफाई और सही से प्रयोग के साथ इसका कई बार प्रयोग किया जा सकता है।

6. सेनेटरी पेड को हर 6 से 7 घंटे में बदलना पड़ता है। जबकि कप को एक बार इन्सर्ट करने के बाद कम से कम 12 घंटे तक इसे निकालने की जरूरत नहीं पड़ती है। यह लंबे समय तक ब्लड फ्लो को रोकने में सफल होता है।

7. मेंस्ट्रुअल कप्स आपकी वेजिनल हेल्थ के लिए बहुत अच्छे होते हैं। इसलिए ज़रूरी है कि महिलाओं को मेंस्ट्रुअल कप्स के बारे में ज़्यादा से ज़्यादा जागरूक किया जाए।

हमने ऐसी तीन महिलाओं से बात करी जिन्होंने मेंस्‍ट्रुअल कप को इस्तेमाल किया, टेस्ट किया और लोगोंं को इस्तेमाल करने केेे लिए रिकमेंड भी किया

बैंगलोर की 26 वर्षीय HR प्रोफेशनल अस्मिरा अली ने हमें बताया कि एनवायरमेंटल इंपैक्ट के कारण मेंस्‍ट्रुअल कप का इस्तेमाल करना शुरू किया।

“मुझे लगता है कि महिलाएं मेंस्‍ट्रुअल कप का इस्तेमाल करना सीख जाएंगी, जब वह एक सिंगल पैड‌ के वेस्ट इंपैक्ट के बारे में सोचेंगीं। यह हमारे जीवन में बदलाव के लिए पहला कदम होगा।एक और कारण है कि हम मेंस्‍ट्रुअल कप की सलाह देते हैं – एक सिंगल कप पूरे 10 साल चल सकता है! अगर आप इसके बारे में सोचेंगे तो आप बहुत सारी सेविंग्स भी कर सकते हैं। ‌

बैंगलोर की प्रोफेशनल डिजाइनर मालविका तिवारी ने भी एक बात कही, “अगर आप अपने शहर के लैंडफिल को देखे, तो यह अनदेखा करना मुश्किल होता है कि हम कितना सैनिटरी वेस्ट पैदा करते हैं। आंकड़ों को देखें और जाने कि किस तरह वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम इस वॉल्यूम को हैंडल कर पाने में काफी असमर्थ है। इसलिए हमें sustainable method की ओर मुव करना चाहिए।

बैंगलोर की एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर मंजू बाशा ने बताया कि, “हाल ही में, 6-7 महीने पहले, मेरे एक दोस्त ने मुझे ‘मेंस्‍ट्रुअल कप ‘ के कॉन्सेप्ट  के बारे में बताया। अब मुझे नैपकिन को छिपाने या किसी दुकानदार से खरीदने या उनके फेंकने के बारे में परेशान होने की जरूरत नहीं पड़ती है। पीरियड्स के दौरान, मैं स्विमिंग भी कर सकती हूं! इस सब से अधिक, अब मैं संतुष्ट हूं कि मैं बायो वेस्ट डिस्पोज नहीं कर रही हूं और एनवायरनमेंट को बचाने में अपना योगदान दे रही हूं।”

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