Ganesh Chaturthi 2022: जानिए गणेश जी कैसे पूज्य बने और इनकी जन्म कथा

Ganesh Chaturthi 2022: जानिए गणेश जी कैसे पूज्य बने और इनकी जन्म कथा Ganesh Chaturthi 2022: जानिए गणेश जी कैसे पूज्य बने और इनकी जन्म कथा

Vaishali Garg

02 Sep 2022

Ganesh Chaturthi 2022: गणेश उत्सव की शुरुआत 31 अगस्त को हो चुकी है और चारों तरफ हर्षोल्लास का माहौल देखा जा सकता है। लोग गणेश भक्ति में लीन हैं। आज के इस गणेश चतुर्थी 2022 स्पेशल ब्लॉग में हम आपको बताएंगे कि कैसे भगवान श्री गणेश पूज्य बने व की जन्म कथा क्या है तो आइए जानते हैं।

Ganesh Chaturthi 2022: गणेश जी प्रथम पूज्य कैसे बने ?

भगवान गणेश जी को बुद्धि दाता और प्रथम पूज्य माना जाता है। सनातन धर्म कोई भी शुभ काम शुरू करते समय सबसे पहले गणपति की पूजा का ही विधान है, भगवान गणेश को बुद्धि दाता और प्रथम पूज्य माना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि महादेव और माता पार्वती के लाडले पुत्र गणेश भगवान कैसे बने प्रथम पूज्य?

पौराणिक कथा के अनुसार एक बार सभी देवताओं के बीच इस बात पर बहस छिड़ गई कि कौन सबसे ज्यादा श्रेष्ठ है और किसकी पूजा पृथ्वी पर सबसे पहले की जानी चाहिए। तब नारद जी ने इस गुत्थी को सुलझाने के लिए सभी देवगणों द्वारा को भगवान शिव की शरण में जाने की सलाह दी।

ये देखकर माता गौरी और महादेव अत्यंत प्रसन्न हुए। जब सभी देवी - देवता ब्रह्माण्ड की परिक्रमा करके वहां लौटे तो भगवान शिव ने गणपति को प्रथम पूज्य घोषित कर दिया। सभी देवताओं ने भगवान से इसकी वजह जाननी चाही तो शिवजी ने कहा कि माता - पिता को समस्त ब्रह्माण्ड ही नहीं बल्कि सभी लोकों में सर्वोच्च स्थान दिया गया है।

गणेश ने अपनी बुद्धिमत्ता का परिचय देते हुए उन माता - पिता की परिक्रमा की और आप सबसे पहले उपस्थित हुए। इसलिए वो प्रथम पूज्य हुए। सभी देवतागण शिवजी के इस कथन से सहमत हुए और तभी से उन्हें प्रथम पूज्य कहा जाने लगा।

Ganesh Chaturthi 2022: गणेश जी की जन्म कथा

शिवपुराण अनुसार भगवान श्री गणेश जी माहाराज के जन्म लेकर एक कथा है, इस कथा अनुसार, माता पार्वती ने एकबार अपने शरीर पर मैल हटाने के लिए हल्दी और चन्दन का ऊबटन लगाती थी। इसके बाद जब उन्होंने हल्दी और चन्दन का उबटन उतारा तो उससे एक पुतला बना दिया और फिर उसमें प्राण डाल दिए और प्राण डालते ही उस पुतले ने एक बहुत सुंदर और दिव्य बच्चे का रूप ले लिया और उसकी उत्पत्ती से सब जगह खुशाली आ गई और सब जगह शुभता बड गयी और सभी देवी देवता माँ पार्वती के पुत्र से मिलने आये और माँ पार्वती ने सभी देवी देवतायों के सामने उनका नाम विनायक रखा।

अनुशंसित लेख