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Laxmmi Bomb Trailer ने ट्रांसजेंडर कम्युनिटी को निराश किया है

Published by
Yasmin Ansari

अक्षय कुमार की मच अवेटेड फिल्म Laxmmi Bomb का ट्रेलर रिलीज़ हो चुका ह। ट्रेलर के रिलीज़ होते ही लोगो के reviews आना भी शुरू हो गए हैं। इस फिल्म में कियारा आडवाणी और अक्षय कुमार लीड रोल में ह। यह एक हॉरर-कॉमेडी फिल्म है जिसमें अक्षय कुमार एक ट्रांसजेंडर का रोल प्ले कर रहे हैं। फॉक्स स्टूडियोज के प्रोडक्शन में बनी ये फिल्म डिज़्नी हॉटस्टार पर 9 नवंबर 2020 को डिजिटली रिलीज़ होगी।

फिल्म के ट्रेलर को देखते हुए ऐसा लग रहा है कि इस मूवी के ज़रिये कही न कही ट्रांसजेंडर और क्वीर (queer) कम्युनिटी को लैटडाउन करने की कोशिश कि गयी है।

रिप्रजेंटेशन में क्या – क्या प्रोब्लेम्स है

ट्रेलर के पहले दस सेकेंड में ही अक्षय कुमार ने कहा , “जिस दिन सच में मेरे सामने भूत आया ना, तो माँ कसम चूड़ियाँ पहन लूंगा”। यह लाइन्स ही पुरे ट्रेलर का फर्स्ट इम्प्रैशन है, तो इस लाइन को सुनने के बाद कोई भी पहले से ही ट्रांसफोबिया और ऑब्जेक्टिफिकेशन की उम्मीद कर सकता है।

पॉपुलर कल्चर में ट्रांसजेंडर को औरतो के कपड़े पहनने, मेकअप करने, औरतों की तरह बर्ताव करते हुए शो किया जाता है। फिल्म Laxmmi Bomb इन्ही stereotypes को बढ़ावा दे रहा है। मूवी में अक्षय कुमार को एक साड़ी और एक लाल बिंदी पहने देखा गया ,उनका ये साड़ी और बिंदी वाला सिग्नेचर लुक फिल्म की घोषणा के टाइम से ही चर्चे में था। हवेली में बैठे एक भूत से निपटने के लिए ट्रांसजेंडर कैरेक्टर को फनी वे में दिखाया गया है।

मार्जिनलाइज़्ड ग्रुप्स (Marginalised groups) को गॉड बताना या ये कहना के उनमे एक्स्ट्राऑर्डिनरी पावर्स है, ये सब बातें कर के हम इन्हे खुदसे अलग कर देते है और इस वजह से ये अपने बेसिक राइट्स से भी दूर हो जाते है। इस तरह का portrayal पूरे कम्युनिटी की इमेज ख़राब करता है।अक्षय कुमार घर में भूत से लड़ने के लिए एक ट्रांसजेंडर बन गए। मूवी ये शो करना चाहती है की ट्रांसजेंडर बनना या कोई भी जेंडर अपनाना हमारी खुदकी चॉइस है। किसी पर्टिकुलर कम्युनिटी का ऐसा portrayal काफी हानिकारक साबित हो सकता है और आगे चल के इन कम्युनिटी को और मार्जिनलाइज़ कर सकता है।

अक्षय कुमार एक बड़े एक्टर हैं। उनकी मूवीज लाखों – करोड़ो लोग देखते है और फॉलो करते है। ऐसे बिग एक्टर का Laxmmi Bomb जैसी फिल्म के साथ आना  ,काफी प्रोब्लॉमाटिक हो सकता है। कबीर सिंह याद है? इस मूवी ने ऑडियंस को किस तरह इन्फ्लुएंस किया था ये हम सबको पता है। ऑडियंस मूवीज के पॉपुलर कैरक्टर्स से काफी इन्फ्लुएंस होती है और अगर ये कैरक्टर्स अपनी मर्ज़ी से जेंडर आइडेंटिफिकेशन करेंगे तो उसकी इमेज ऑडियंस के माइंड में बन जाएगी।

क्या आपने देखा कि ट्रेलर में क्यारा आडवाणी (फीमेल लीड) का सिर्फ एक डायलॉग है? बाकी पुरे ट्रेलर में सिर्फ अक्षय कुमार ही नज़र आ रहे है। उस सीन के अलावा क्यारा सिर्फ अक्षय के साथ डांस करती हुई या फिर किसी बड़े सीन में सिर्फ एक साइड रोल के तौर पर नज़र आ रही है। ये ट्रेलर काफी हद तक हमारे बॉलीवुड में भी जेंडर रिप्रजेंटेशन को दिखता है।

पढ़िए : कुछ कुछ होता है फिल्म मुझे क्यों पसंद नहीं आयी

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