Mindful Parenting: क्या है माइंडफुल पेरेंट बनने के टिप्स?

Rajveer Kaur
22 Oct 2022
Mindful Parenting: क्या है माइंडफुल पेरेंट बनने के टिप्स?

पैरेंट बनना बहुत मुश्किल है इसमें बच्चे की छोटी से छोटी जरूरत को पूरा करने से लेकर बढ़ी जरूरत  शामिल होती हैं जैसे बच्चे की पढाई का ध्यान रखना, उसके कपडे, खाना-पीना, सेहत, पॉटी और उसको बहार लेकर जाना यह सब आपकी ज़िम्मेदारी होती हैं। अगर आप वर्किंग पैरेंट है तो आपकी ज़िम्मेदारी और बढ़ जाती है। इन सब चीज़ो के बाद आपको शायद ही अपने लिए समय बचता होगा। आज के समय में हमारे पास बिलकुल समय नहीं है। पेरेंट्स भी वर्किंग होते है और वे यह चाहते है उनका बच्चा भी अच्छे  से पल जाए और उन्हें अपना काम भी न छोड़ना पड़े। आज हम आपको बताएंगे पेरेंटिंग के तरीके जिससे आपकी पेरेंटिंग आसान और अच्छी हो जाएगी। इससे आपका बच्चा भी खुश रहेगा और आप भी। 

क्या है माइंडफुल पेरेंटिंग?

माइंडफुल पेरेंटिंग ऐसी तकनीक है जिसमें आपको वर्तमान में रहना सिखाया जाता है। आप को उस पल में ही जीना है जिसका मतलब है कि आपको हर पल अपना ध्यान वर्तमान और आसपास की गतिविधियों पर हो। इस तकनीक को  पेरेंटिंग में भी शामिल किया गया है ताकि आप मुश्किल परस्थिति में अपना धीरज न खोए और माइंडफुलनेस तरीके से अपने बच्चे की परवरिश करें। आप अपने बच्चे के किसी भी व्यवहार को समझें और उस पर कोई रिएक्शन देने से पहले सारी परिस्थितियों को समझने की कोशिश करें। इससे बच्चे के साथ आपका  रिलेशनशिप बेहतर और मजबूत हो सकता है। 

Mindful Parent Tips-

1. आप जागरूक रहें
अपने आस-पास के हालातों से जागरूक रहें कि क्या हो रहा है। अगर आप ऐसे रहेंगे तो आप बच्चे को ज़्यादा समझ पायेंगे कि बच्चा को क्या चाहिए। आप अपने दिमाग, आँख, कान, नाक यानी अपने पाँचों सेंस को खुला रखें। अपने आप में मत रहिए बच्चे को सुने और देखे कि क्या कर रहा है?

2. जज मत करें 
इसके लिए आपको चाहिए कि आप बच्चे को जज मत करें। उसे बिना जज करें स्वीकार करें। बच्चे की अपने दिमाग में कोई छवि मत बनाए जब फिर बच्चा उसके हिसाब से नहीं निकलता तब आप परेशान होते हो। इसलिए अपने दिमाग में बनी छवि को तोड़िये। अपने बच्चे को स्वीकार करें जैसे वे है।

3. मेडिटेट करें
माइंडफुल बनने के लिए मेडिटेट करें। इससे आपमें धीरज भी आएगा। आप अपने इमोशंस, फीलिंग और आसपास को समझने लगेगे। बच्चे को साथ में मेडिटेशन की आदत डालें।

4. आज में रहे 
अपने बच्चे के भविष्य को सोचकर आज में परेशान मत हों। इससे बेहतर आप उसके आज के बारे में सोचो। जो बीता उसे बदला नहीं जा सकता है और जो आने वाला है उसके बारे में हम जानते नहीं है। इसलिए आज पर फोकस करें।


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