Myths About Hymen: हाइमन से जुड़ी 5 बड़ी अफवाहें

वजाइना के contraction और एक्सपेंशन(expansion)के समय हाइमन एक अहम रोल निभाता है। परंतु आजकल हाइमन से जुड़े न जाने कितने ही अवधारणाएं समाज में प्रचलित है आइए जानते हैं ऐसी ही कई myths के बारे में इस हैल्थ संबंधी ब्लॉग में-

Aastha Dhillon
19 Dec 2022
Myths About Hymen: हाइमन से जुड़ी 5 बड़ी अफवाहें

Hymen

Myths about Hymen: आजकल एक शब्द है जो बहुत चलन में है। खासकर लड़कियों को नीचा दिखाने के लिए यह शब्द एक औज़ार की तरह काम कर रहा है। शब्द है “virginity”। शायद आप में से कई लोगों ने यह पहली बार सुना हो। मगर आजकल इस शब्द की वजह से लड़कियों के लिए मुसीबत खड़ी हो जाती है। लड़के लड़कियों के कैरेक्टर(character) को इसी शब्द से मापते हैं।

हाइमन फीमेल बॉडी का एक अहम भाग है। यह एक प्रकार का tissue है जो वेजाइना के अंदर मौजूद होता है। वजाइना के contraction और एक्सपेंशन (expansion) के समय हाइमन एक अहम रोल निभाता है। परंतु आजकल हाइमन से जुड़े न जाने कितने ही अवधारणाएं समाज में प्रचलित है आइए जानते हैं ऐसी ही कई myths के बारे में इस हैल्थ संबंधी ब्लॉग में-

क्या है हाइमन से जुड़ी अवधारणाएं


1.पहली बार सेक्स करने पर टूटता है हाइमन

हाइमन कभी टूटता नहीं है। हाइमन एक tissue है। वह चिर सकता है, फैल सकता है, या अंदर की ओर जा सकता है, लेकिन यह टूटता नहीं है। लड़कियों के एडल्ट बनने से पहले और फिर सेक्स लाइफ के दौरान एस्ट्रोजन(estrogen) हाइमन का लचीलापन बढ़ाता है। जिसका अर्थ है कि यह सेक्स के बाद भी खिंच सकता है, जैसा कि महिलाएं व्यायाम सहित गतिविधियों में भाग लेती हैं और बच्चे के जन्म का अनुभव करती हैं।

2.मास्टरबेशन से टूटता है हाइमन

जैसा कि हमने पहले पॉइंट में समझा हाइमन एक टिशू है जो टूट नहीं सकता बल्कि खींच जाता है। एक अवधारणा यह भी जुड़ी हुई है की मास्टरबेशन करने से हाइमन टूट जाता है परंतु ऐसा नहीं है एक्सटर्नल मास्टरबेशन(external masturbation) हाइमन पर किसी भी प्रकार का असर नहीं डालता। एक्सटर्नल masturbation में केवल वजाइना को बाहर से रब करके ही ऑर्गेज्म (orgasm) लिया जाता है।

3. जन्म से ही होता है हाइमन मौजूद

अक्सर समझा जाता है कि हर महिला में जन्म से ही हाईमन होता है परंतु यह बस एक myth है। बचपन से ही हाइमन ना होना किसी भी प्रकार की डिफिकल्टी नहीं बनाता क्योंकि फिजियोलॉजिकली उसका कोई रोल नहीं होता। ऐसे में वह किसी भी चीज में सहायता नहीं कर रहा होता।

4. हाइमन स्ट्रैचिंग पर होती है ब्लीडिंग

अक्सर यह समझा गया है की जब भी हाइमन स्ट्रैच होता है तो ऐसे में ब्लीडिंग एक नॉर्मल चीज है परंतु यह सच बात नहीं है। यह भी समझा जाता है कि पहली बार सेक्स करने पर भी होती है ब्लीडिंग परंतु हमें यह समझना होगा कि यह केवल एक टिशू है जो स्ट्रेच होता है और अक्सर इसके स्ट्रेच होने पर ब्लीडिंग नहीं होती। हां यह जरूर है कि यह स्ट्रैचिंग पेनफुल हो सकती है।

5. हाइमन वजाइना को करता है कवर

एक बड़ी अवधारणा यह भी बनी हुई है कि हाइमन वजाइना को पूर्ण रूप से कवर करके रखता है परंतु यह भी बाकी अवधारणाओं की तरह बिल्कुल गलत है। हाइमन वजाइना के एक छोटे भाग या कभी-कभी बिल्कुल भी कवर नहीं कर रहा होता।

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