प्रेग्नेंसी में पीरियड का मिस होना आम बात है, लेकिन अगर आपने सेक्स ना किया हो फिर भी पीरियड मिस हो जाए तो? घबराइए नहीं, पीरियड के मिस होने की प्रेग्नेंसी के अलावा और भी कई वजहें होती हैं जैसे की स्ट्रेस। इस लॉकडाउन में हमारी लाइफस्टाइल भी प्रभावित हुई है जिसका असर आपके hormone और पीरियड पर पड़ता है। तो आइए मिसिंग पीरियड के बारे में डॉक्टर तान्यां नरेंद्र से और भी बातें जानते हैं। जानिए पीरियड मिस होने के कारण

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पीरियड मिस होने के कारण

स्ट्रेस (Stress)

डॉक्टर तान्या के अनुसार, स्ट्रेस और तनाव के कारण पीरियड मिस या डिले होना सबसे आम बात है। आप लोगों ने नोटिस किया होगा की लॉकडाउन में आपका पीरियड डिले या मिस हुआ है, क्योंकि काम और घरों की जिम्मेदारी उठाने में टेंशन और स्ट्रेस का प्रभाव हमारे पीरियड पर पड़ता है। इसलिए कोशिश करें ज्यादा तनाव में ना लेने का और लॉकडाउन में अपनी डाइट पर भी ज्यादा ध्यान दें। 

बॉडी फैट (Body Fat)

इस लॉकडाउन में कई लोगों का वेट बढा है तो कईयों का घटा भी है। बॉडी फैट में चेंज के कारण भी आपके पीरियड पर असर पड़ता है, क्योंकि अगर आप ओवरवेट या अंडरवेट हैं तो यह आपकी बॉडी हाॅर्मोन को अफेक्ट करता है जिससे पीरियड मिस या डिले हो जाते हैं। 

PCOS

डॉक्टर तान्या कहती हैं, पीरियड मिस होने के बड़े कारणों में PCOS(Polycystic Ovarian Syndrome) और थायराॅयड प्रॉब्लम भी शुमार है जिनसे कई लड़कियाँ और महिलाएँ जूझती हैं। इसमें बॉडी के हाॅर्मोन असंतुलित हो जाते हैं जिसका नतीज़ा है पीरियड का मिस या डिले होना। PCOS में तो कई कई महीनों तक पीरियड आते ही नहीं या हमेशा इररेगुलर होते हैं जिससे ट्रैक रख पाना भी बहुत मुश्किल हो जाता है। इसलिए अगर आप PCOS से जूझ रही हैं तो पीरियड मिस होने पर घबराएं नहीं। 

IUD और बर्थ कण्ट्रोल (IUD और Birth Control)

डॉक्टर तान्या बताती हैं, कई हाॅर्मोनल काॅन्ट्रासेपटिव जैसे की बर्थ कण्ट्रोल पिल्स और हाॅर्मोनल IUDs(Intrautriene Device) भी बॉडी के हाॅर्मोन बैलेंस को अफेक्ट करते हैं जिसका नतीज़ा मिस्ड पीरियड होता है। इनके साथ ही बीमारियाँ जैसे की TB और celiac diseases की वजह से भी महिलाओं के पीरियड पर प्रभाव पड़ता है।

ब्रेस्ट फीडिंग (Breast Feeding)

अगर आप अपने बच्चे को रेगुलर ब्रेस्ट फीड करवाती हैं तो यह भी मिस्ड या इररेगुलर पीरियड का एक कारण हो सकता है।

मेनोपाॅज (Menopause)

 डॉक्टर तान्या के अनुसार, जब आप 40 की उम्र के पार पहुंचती हैं तो इससे आपकी बॉडी में मेनोपाॅज की शुरुआत हो जाती है, यानी की बॉडी प्री मेनोपाॅजल स्टेट में पहुंच जाती है। इस स्टेट में पीरियड काफी इररेगुलर होते जाते हैं जब तक वे पूरी तरह से रुक नहीं जाते। इसलिए महिलाओं को कई बार मिस्ड पीरियड का सामना करना पड़ता है। 

इसलिए अगली बार पीरियड मिस होने पर सीधा प्रेग्नेंसी के बारे में सोचकर स्ट्रेस ना लें और इन सब कारणों से बॉडी को जांच परख लें। 

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