‘किशोरावस्था’ मनुष्य-जीवन की सबसे कठिन उम्र मानी गई है। इस उम्र मे शरीर कई तरह के बदलावो से गुज़रता है, जो मनुष्य के बाल-स्वरूप को किशोर बनाने मे जुटे होते है। अब अगर हम बात लड़कियों की करे तो, उनके शरीर में बदलावो का आना, 8 से 14 साल की उम्र के बीच शुरू हो जाता है। यह बदलाव कई तरह से होता है जैसे- स्तनों का बड़ा होना, शरीर में एकदम से बालों का बड़ना और ‘पीरियड्स’ का शुरू होना। इन सभी बदलावो में – पीरियड्स एक ऐसा बदलाव है, जो हमेशा से कई सवालों से घिरा रहता है। आज हम आपको बताएंगे क्या होते हैं पीरियड्स और क्यों होते हैं पीरियड्स.

image

क्या होते है पीरियड्स ?

‘पीरियड्स’ को ‘मासिक धर्म’, ‘माहवारी’, ‘ब्लीडिंग’, ‘मेन्स्ट्रूऐशन’ जैसे नामो से भी जाना जाता है। पीरियड्स का शुरू होना एक संकेत होता है कि ‘महिला का शरीर गर्भधारण करने को तैयार है’।

‘पीरियड्स’ के दौरान महिला के गर्भाशय से योनि के माध्यम से रक्त का स्राव या ब्लीडिंग होती है। और यह ‘ब्लीडिंग’ हर महीने 2 से 5 दिन या 2 से 7 तक चलती है। दो पीरियड के बीच के समय को ‘मासिक धर्म चक्र’ या ‘मेन्स्ट्रूऐशन साइकिल’ कहा जाता है। यह मासिक धर्म चक्र 28 से 35 दिन का हो सकता है। सामान्य तौर पर मासिक चक्र 28 दिन का होता है।

क्यों होते है पीरियड्स ?

‘मासिक धर्म चक्र’ या ‘मेन्स्ट्रूऐशन साइकिल’ के दौरान महिला का शरीर गर्भाशय को गर्भधारण करने के लिए तैयार कर रहा होता है, और इसी तैयारी के कारण शरीर मे कई तरह के ‘हॉर्मोन्स’ का बड़ना भी शुरू हो जाता है। इन सारी तैयारियों के बाद जब महिला के अंडों को ‘पुरुष के स्पर्म्स’ नहीं मिलते तो गर्भाशय में तैयार ब्लड व टिशू की परत की जरुरत ख़त्म हो जाती है। और ऐसे में यही परत नष्ट होकर, योनि मार्ग से बाहर निकल जाती है।

आज भी लोगों मे ‘पीरियड्स’ को लेकर एक चुप्पी है, जो इसको शर्म का विषय बना देती है। कभी भी ‘पीरियड्स’ शर्म का विषय नहीं होना चाहिए, यह शरीर की अन्य शारीरिक गतिविधियों की तरह ही सामान्य है।

पढ़िए : Irregular periods: इन 5 कारणों से आपके पीरियड्स इर्रेगुलर हो सकते हैं

Email us at connect@shethepeople.tv