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क्या प्रेग्नेंसी में पपीता खाने से मिसकैरिज हो सकता है?

Published by
Yasmin Ansari

प्रेग्नेंसी में फ़ल खाना काफ़ी फायदेमंद होता है, लेकिन सभी फ़ल फायदेमंद नहीं होते| प्रेग्नेंसी में पपीता खाना चाहिए या नहीं? यह सवाल प्रेग्नेंसी के दौरान दिमाग में ज़रूर आता है। आज हम इस आर्टिकल में आपके इन सभी डाउट्स को क्लियर करेंगे।

क्या मुझे प्रेग्नेंसी में पपीता खाना चाहिए?

प्रेग्नेंसी के दौरान पपीता खाने को लेकर काफी मिथ फैले हुए है| दरअसल पका पपीता प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए अच्छा होता है जबकि कच्चा पपीता नुकसान कर सकता है। क्योंकि कच्चे पपीते में पेप्सिन और पपाइन एंजाइम्स पाए जाते हैं, जो मिसकैरिज का कारण बन सकते हैं। इसके साथ ही पपीते की तासीर भी गर्म होती है। जो गर्भवती महिला को नुकसान पहुंचा सकती है।

क्या प्रेग्नेंसी में कच्चा पपीता खाने से मिसकैरिज हो सकता है?

कई रीसर्च के मुताबिक, आधा पका या कच्चा पपीता प्रेग्नेंसी के दौरान हानि पहुंचा सकता है, क्योंकि इसमें लेटेक्स की मात्रा अधिक होती है। जिससे असमय गर्भाशय में संकुचन (Uterine contractions) शुरू हो सकता है और यह स्थिति मिसकैरिज की वजह भी बन सकती है। कच्चे पपीते में पपाइन मौजूद होता है जो शरीर में पाए जाने वाले प्रोस्टाग्लैंडिंस (prostaglandins) को  बढ़ावा दे सकता है। दरअसल, प्रोस्टाग्लैंडिंस एक लिपिड कंपाउंड है, जिसके बढ़ने से समय से पहले ही लेबर पेन शुरू हो सकता है।

प्रेग्नेंसी में पका पपीता खाने के क्या फ़ायदे है?

अच्छी तरह से पका हुआ पपीता प्रेग्नेंसी में फायदेमंद होता है। अगर प्रेग्नेंसी के दौरान पूरी तरह से पका हुआ पपीता खाया जाए, तो इसके कई लाभ होते हैं :

  • प्रेग्नेंसी के दौरान पका पपीता मॉर्निंग सिकनेस से राहत दिलाने में मदद कर सकता है।
  • पके हुए पपीते का सही मात्रा में सेवन करने से मां के शरीर में दूध उत्पादन की वृद्धि में मदद मिलती है।
  • पपीते में मौजूद विटामिन इम्यूनिटी सिस्टम में सुधार करती है, जो हमे विभिन्न संक्रमणों से बचाती है।
  • पपीते में मौजूद फाइबर पाचन (digestion) को आसान बनाते हैं| गर्भावस्था के दौरान कब्ज़ एक आम समस्या है जो पपीता खाने से दूर हो सकती है|
  • पके हुए पपीते में लेटेक्स की मात्रा बहुत कम होती है, जो प्रेग्नेंसी में नुकसान नहीं पहुंचाता है।

लेकिन अगर आपको लेटेक्स से एलर्जी है तो पपीता खाने से बचें। इससे सिर चकराना, खुजली की समस्या, सूजन, पेट-दर्द की समस्या व त्वचा लाल होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

क्या पपीते के बीज से भी मिसकैरिज हो सकता है?

जी हां , प्रेग्नेंसी के दौरान पपीते के बीज के  सेवन से मिसकैरिज हो सकता है क्योंकि इसमें एंटी-इंप्लांटेशन तत्व मौजूद होते हैं। इसकी वजह से समय से पहले ही यूट्रस में Contraction शुरू हो सकता है। जिससे मिसकैरिज की स्थिति पैदा हो सकती है। यही कारण है कि डॉक्टर प्रेग्नेंसी के दौरान पपीते का सेवन हर तरह से मना कर देते हैं, ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना का सवाल ही न रहे।

प्रेग्नेंसी के दौरान पपीते का सेवन सोच-समझकर करना चाहिए। पपीते को खाते समय यह सुनिश्चित करें कि वह कच्चा या अधपका न हो।

पढ़िए : क्या प्रेगनेंसी के दौरान सेक्स करना सुरक्षित है?

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