Surrogacy Law in India: क्या इसे भारत में मंज़ूरी हैं?

Rajveer Kaur
18 Oct 2022
Surrogacy Law in India: क्या इसे भारत में मंज़ूरी हैं?

सरोगेसी भारत में विवादित टॉपिक है। इसको लेकर हमेशा यह रहता है कि भारत में यह क़ानूनन है या नहीं। आज हम आपको बताएँगे कि  भारत का क़ानून सरोगेसी के बारे में क्या कहता है? क्या इसे भारत में मंज़ूरी हैं? आज हम इन सारे सवालों के जवाब जानेंगे-

क्या हैं सरोगेसी? 

यह एक ऐसी प्रक्रिया हैं जिसमें कोई भी कपल जिसके बच्चा नहीं हो रहा है वे किसी महिला की कोख किराए पर ले सकता है। इसमें कोख किसी और महिला होगी लेकिन बच्चा कपल होगा।

कैसे हालतों में आप सरोगेसी की इजाज़त है-

भारत में सरोगेसी के लिए क़ानून बनाया गया है जिसके तहत आप सरोगेसी कर सकते है।इसके लिए सरोगेसी रेगुलेशन ऐक्ट, 2021 और सहायक प्रजनन तकनीक (एआरटी) अधिनियम है।

एक कपल ने अक्तूबर 2021 को एक अस्पताल में सरोगेसी के ज़रिए माँ बनने के लिए संपर्क किया था क्योंकि उन्होंने अपने बच्चों  को खो दिया था।इसके साथ ही वह अब माँ नहीं बन सकती थी। इसके बाद वे  बॉमबे हाईकोर्ट गए थे।

-भारत में सिर वे कपल ही सरोगेसी से बच्चा पैदा कर सकते है जिनके बच्चा नहीं हो सकता है। जिसका मतलब ऐसे कपल जो बाँझ हैं वे इसकी सहायता ले सकते है।

-जिस कपल की शादी को पाँच साल हो चुके हो वे इसके लिए योग्य हैं।

-पत्नी की उम्र 25-50 और पति की उम्र 26-55 साल की उम्र के बीच होनी चाहिए।

कमर्शियल सरोगेसी भारत में बैन है। इसका मतलब है माँ को इलाज के खर्चे के अलावा पैसे देने लेकिन भारत में सरोगेसी औरत को कुछ भी नहीं दिया जाएगा चाहे वे पैसे, गिफ़्ट या कोई फ़ीस हो।

-सरोगेसी माँ की उम्र 25-35 साल की उम्र के बीच होनी चाहिए और वे सिर्फ़ एक बार के लिए ऐसे माँ बन सकती है।इसके साथ ही वे कपल की कोई करीबी होनी चाहिए।

-जो औरत सरोगेसी के ज़रिए माँ बनने जा रही है उसे अपना शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का सर्टिफ़िकेट देना होगा।

-जिस कपल के पहले बच्चे हैं वे सरोगेसी के ज़रिए माँ नहीं बैन सकते।

-जो सरोगेसी क्लिनिक्स सरकार से रजिस्टर होंगे उनमें ही आप यह प्रक्रिया करवा सकते है।

-अगर आप कमर्शियल सरोगेसी करते हो तो आप को 10 साल की जेल और 10 लाख का जुर्माना भी लग सकता है।

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