Dating And Anxiety:एंग्जायटी से पीड़ित व्यक्ति को डेट करने के लिए टिप्स

Dating And Anxiety:एंग्जायटी से पीड़ित व्यक्ति को डेट करने के लिए टिप्स Dating And Anxiety:एंग्जायटी से पीड़ित व्यक्ति को डेट करने के लिए टिप्स

Monika Pundir

16 Aug 2022

कहा जाता है कि रिलेशनशिप में घुसना आसान है पर उसे मेंटेन करना मुश्किल, और यह सच भी है। यह बात आपको ज़्यादा महसूस हो सकती है अगर आप किसी ऐसे व्यक्ति को डेट कर रहे हैं जिसे एंग्जायटी हो, और आपको इससे डील करना न आता हो। इसलिए इस ब्लॉग में पढ़िए, एंग्जायटी से पीड़ित व्यक्ति को डेट करने के लिए टिप्स।

एंग्जायटी से पीड़ित व्यक्ति को डेट करने के लिए टिप्स:

1. एंग्जायटी के बारे में ज्ञान बढ़ाए

एंग्जायटी क्या होती है, इसे समझें। आपके पार्टनर को किस तरह की एंग्जायटी है, और उसके कारण उनको कैसे समस्या हो सकते हैं, इसके बारे में पढ़ने का कोशिश करें। आप इंटरनेट या किताबों की मदद ले सकते हैं।

2. अपने पार्टनर के ट्रिगर्स को पहचानिए 

हर व्यक्ति के लिए एंग्जायटी ट्रिगर्स अलग होते हैं। आपके पार्टनर के एंग्जायटी को क्या ट्रिगर करता है, इसके बारे में जानिए। उनसे इस बारे में बात करना एक अच्छा विचार है। साथ ही, आपको ऑब्ज़र्व भी करना चाहिए, की किन चीज़ों से उन्हें अन्सिएटी हो रही है। ज़्यादा शोर, कैफीन का सेवन, कम नींद, कुछ ट्रिगर्स हो सकते हैं।

3. पैनिक अटैक के लिए तैयार रहें 

अगर कोई एंग्जायटी से पीड़ित है, हो सकता है की उसे पैनिक अटैक्स भी होते हैं। इसलिए आपको ऐसी स्थिति के लिए तैयार रहना चाहिए, की अगर आपके पार्टनर को आपके सामने पैनिक अटैक आए तो आप क्या करेंगे।

एंग्जायटी या पैनिक अटैक से डील करने के लिए एक टिप है की पीड़ित को 5 रंग, 4 ध्वनि, महक और कुछ चीज़ें छू कर पहचान और महसूस करनी चाहिए। इस सेंसरी स्टिम्युलेशन से पैनिक अटैक से राहत मिल सकती है।

4. उन्हें सुरक्षित महसूस करवाए 

एंग्जायटी से पीड़ित व्यक्ति को इनसेक्योर महसूस हो सकता है। यह इनसिक्योरिटी फिजिकल भी हो सकती है और इमोशनल भी। अगर आपके पार्टनर को इनसिक्योरिटी महसूस हो रही है तो उन्हें दोबारा सुरक्षित महसूस करवाए। उन्हें भरोसा दिलाए की आप उनके साथ हैं।

5. कपल्स थेरेपी के बारे में सोचें 

अगर आप एक लॉन्ग टर्म रिलेशनशिप में हैं तो आप कपल्स थेरेपी के लिए जा सकते हैं। आपका थेरेपिस्ट आपके और आपके पार्टनर के इमोशंस को अचे तरह से व्यक्त करने में मदद करेगा।

6. इंडिविजुअल थेरेपी के लिए प्रोत्साहन दे 

मेंटल इलनेस और थेरेपी आज भी बहुत परिकरो में स्टिग्मा के नज़र से देखा जाता है। इसलिए, अगर आपके पार्टनर ने अभी तक थेरेपी या काउंसलिंग नहीं ली है, पर आपको मेंटल रोग के संकेत दिख रहे हैं, तो उन्हें मेडिकल सहायता लेने के लिए प्रोत्साहित करे। 

7. अपने पार्टनर को जज न करें 

जब एक व्यक्ति एंग्जायटी या पैनिक अटैक से पीड़ित होता है, वह बच्चे जैसा आचरण कर सकता है। इसके लिए उन्हें जज न करे। उन्हें आश्वासन दिलाए की आप उनके साथ हैं। अगर वे ऐसा कुछ करते या कहते हैं जो आपको दुखी करती है, उनसे इस बारे में बाद में बात करें। 

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