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Exam Stress: एग्ज़ाम में करें अच्छा प्रदर्शन, जानिएं 5 ज़रूरी टिप्स

एग्जाम के आते ही बच्चे घर से निकलना, लोगों से बातचीत करना, यहां तक की खेलना और कूदना भी बंद कर देते हैं। जानिए किस तरह से किया जा सकता है एग्जाम स्ट्रेस को मैनेज इस पेरेंटिंग संबंधी ब्लॉग के माध्यम से

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Aastha Dhillon
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NEET aspirants

Exam Stress

Exam Stress: आजकल के बच्चों पर पढ़ाई का प्रेशर कुछ ज्यादा ही है। रेगुलर पढ़ाई तो फिर भी हैंडल हो जाती है, लेकिन एग्जाम आते ही बच्चों पर शारीरिक और मानसिक दोनों तरह का दबाव देखने को मिलता है। एग्जाम के आते ही बच्चे घर से निकलना, लोगों से बातचीत करना, यहां तक की खेलना और कूदना भी बंद कर देते हैं। जिस तरह से इंसान के सोचने की एक सीमा है ठीक उसी तरह बच्चों के दिमाग पर भी टेंशन देने की एक क्षमता होती है। ये स्ट्रेस जब तक सीमा में है तब तक तो ठीक है पर कई बार यह इतना बढ़ जाता है कि छात्र के प्रदर्शन और सेहत पर असर डालने लगता है।

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5 टिप्स जो कर सकती हैं एग्जाम स्ट्रेस को कम 

1.टाइम टेबल बनाएं (Prepare A Time Table)

अगर आप शरीर और मस्तिष्क को शांत रखना चाहते हैं, तो सोने से कम से कम एक घंटे पहले आराम करें। अपने स्मार्टफोन को ना ही चलाए। इसके अलावा आप गर्म पानी से ना सकते है गर्म पानी से नहाएं, किताब पढ़े, म्यूजिक सुने और ध्यान करें। मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए ये सभी आदतें बहुत प्रभावी साबित हो सकती है।

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2.ब्रेक लेना ना भूलें

अपनी परीक्षा से पहले एक सही रूटीन बना ले। पढ़ाई के बाद याद से रिवाइस करें ताकि आपसे कोई भी हिस्सा छूट ना जाए। इसके अलावा बीच-बीच में थोड़ा ब्रेक ले। आपको भी आराम मिलेगा और आप एक हल्के मन के साथ दोबारा पढ़ाई कर पाएंगे।

3.नींद भरपूर ले

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प्री के बाद जैसे ही बच्चा मिडिल स्कूल में जाता है पेरेंट्स बच्चों पर पढ़ाई करने का ज्यादा प्रेशर बनाने लगते हैं। बच्चे रात-रात भर जागकर पढ़ाई करने लगते हैं। रात भर जागकर पढ़ने से स्ट्रेस का लेवल और भी ज्यादा बढ़ सकता है। एग्जाम के दौरान बच्चे को कम से कम 7 से 8 घंटे की नींद जरूर लेने दें। 

4.रखिए खाने-पीने का ध्यान

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परीक्षाओं के दौरान खाने-पीने का ख्याल रखना भी बहुत जरूरी है। कुछ भी तला हुआ या बाहर का खाना सेहत के लिए खराब हो सकता है। इससे दस्त या एसिडिटी हो सकती है जिससे पढ़ाई करने में अड़चन आ सकती हैं। ऐसा करने से आपका समय भी बर्बाद होगा। साथ में आप ठीक तरह से पढ़ाई में ध्यान नहीं लगा पाएंगे।

5.फिजिकल एक्टिविटी है जरूरी (Maintain Physical Activity)

एग्जाम या लाइफ के किसी भी स्ट्रेस को खत्म करने के लिए फिजिकल एक्टिविटी बहुत मायने रखती है। एग्जाम के दौरान बच्चे को बाहर खेलने से न रोकें। बच्चे को थोड़ी देर खेलने, रनिंग या कोई भी फिजिकल एक्टिविटी करने दें। हर वक्त एक ही जगह बैठे रहने से भी स्ट्रेस बढ़ता है। लिहाजा बॉडी को थोड़ा मूव करें और कुछ एक्टिविटी जरूर करें।

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एक पैरंट होने के नाते आप भी जान ले कैसे अपने बच्चे के लिए कर सकते हैं स्ट्रेस को कम, इन टिप्स के जरिए

  • अपने बच्चों में परीक्षा को लेकर दबाव डालने की आदत से दूर रहें। इससे उनमें तनाव और भी बढ़ सकता है और वह और भी चिंता ग्रस्त हो सकते हैं। परीक्षा का दबाव महसूस करने से बच्चों में एक आत्मविश्वास की कमी आ सकती है जिसका प्रभाव उनकी पढ़ाई पर भी पड़ सकता है और उनकी मानसिक स्थिति भी पर भी पड़ 
  • तुलना करने से बचे। कभी भी अपने बच्चे की तुलना किसी और बच्चे से ना करें। उनसे कभी ना कहे कि कोई और उनसे बेहतर कर रहा है या कोई और उनसे ज्यादा मेहनत कर रहा है। ऐसा करने से उनमें एक तनाव पैदा हो जाता है जिससे उनकी पढ़ाई पर भी असर पड़ता है। 
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