Modern Girlfriend But Traditional Wife? पुरुषों के डबल स्टैंडर्ड

Modern Girlfriend But Traditional Wife? पुरुषों के डबल स्टैंडर्ड Modern Girlfriend But Traditional Wife? पुरुषों के डबल स्टैंडर्ड

Sanjana

11 Jul 2022

भारत मे अधिकतर आदमियों की गर्लफ्रेंड आपको मॉडर्न मिलेंगी लेकिन जब बात शादी की आती है तो उन्हें वहीं घरेलू और संस्कारी लड़की चाहिए जो उनके परिवार को पसंद आए। मेरी एक दोस्त है जो अपने बॉयफ्रेंड से शादी करना चाहती थी। उसने इसके लिए पूरे परिवार को मना लिया। लेकिन उसके परिवार ने भी सिर्फ इस वजह से शादी के लिए हा की क्योंकि लड़का उन्हीं की जाति का था।

भारतीय समाज में ज्यादातर लव मैरिज नहीं होती। हमारे परिवार में भी आज तक कोई लव मैरिज नहीं हुई। यह शादी हमारे परिवार की पहले लव मैरिज होने वाली थी। एक महिला होने के कारण परिवार की आदर्श तोड़ना मेरी दोस्त के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती थी।वह इस चुनौती को जीत गई।

लेकिन उसकी सभी कोशिशें बेकार हो गई क्योंकि उसके बॉयफ्रेंड ने शादी करने के लिए मना कर दी। उसका कहना था कि उसका परिवार मेरी दोस्त के जैसी किसी मॉडर्न लड़की को स्वीकार नहीं करेगा। मेरी दोस्त नहीं अपने बॉयफ्रेंड के इस डबल स्टैंडर्ड को पहचानने में बहुत देर कर दी जिस कारण उसे यह दिन देखना पड़ा।

गर्लफ्रेंड मॉडर्न और पत्नी घरेलू?

ज्यादातर पुरुषों को एक मॉडर्न लड़की परफेक्ट गर्लफ्रेंड मटेरियल लगती है लेकिन जब बात शादी की आती है तो उन्हें घरेलू और संस्कारी लड़की चाहिए होती है जो एक परफेक्ट वाइफ मटीरियल बनाती है। उन्हें लगता है कि एक मॉडर्न लड़की एक सही वाइफ मटेरियल नहीं है।

गर्लफ्रेंड और पत्नी की परिभाषा पुरुषों के लिए अलग-अलग क्यों? क्यों उन्हें गर्लफ्रेंड मॉडर्न लेकिन पत्नी घरेलू और संस्कारी चाहिए। क्या इस तरह से वह अपनी मॉडर्न गर्लफ्रेंड जो कि सबसे पहले एक लड़की है को इस्तेमाल नहीं कर रहे? और किसी आदमी को क्या अधिकार है यह बताने का कि कौन सी महिला पत्नी बनने के लायक है या नहीं?

अपनी सुविधा अनुसार महिलाओ का इस्तेमाल

पुरुष अपनी सुविधा के अनुसार महिलाओं का इस्तेमाल करते हैं। वे एक मॉडर्न गर्ल फ्रेंड बनाते हैं ताकि वे अपनी सेक्स की जरूरत को पूरा कर सकें। लेकिन उन्हें पत्नी के रूप में एक ऐसी लड़की चाहिए जो घरेलू हो और उनके और उनके परिवार की हर आज्ञा का पालन करें। वह उनसे कोई शिकायत ना करें और चुपचाप सब कुछ सहती रहे।

भारतीय समाज को यह लगता है कि जो महिलाएं पढ़ी-लिखी नहीं होती है और संस्कारी घरेलू होती हैं वह ज्यादा इज्जतदार, शुद्ध और एक पत्नी बनने के लायक है। इसी कारण से बहुत से पेरेंट्स अपनी बेटी को पढ़ाते नहीं है ताकि उसकी शादी एक अच्छे से घर में आसानी से हो सके।

मॉडर्न लड़की पत्नी नही बन सकती?

आखिर समाज को ऐसा क्यों लगता है कि एक मॉडर्न लड़की एक अच्छी पत्नी नहीं बन सकती? उन्हें क्यों लगता है कि वह उनके परिवार में फिट नहीं बैठेगी? क्या मॉडर्न और पढ़े लिखे होने से एक महिला शादी नहीं कर सकती? क्या आप इससे यह आज पाना चाहते हैं कि पुरुष प्रधान समाज में एक महिला के लिए क्या शर्त होती है?

महिलाओं को एक दूसरे को यह समझाने की जरूरत है कि किस तरह समाज और पुरुषों के डबल स्टैंडर्ड को पहचान कर उन्हें खुद को इस्तेमाल करने से रोका जाए। पुरुष मॉडर्न गर्लफ्रेंड चाहते हैं ताकि वे जब चाहे सेक्स कर सकें। लेकिन उन्हें एक घरेलू पत्नी चाहिए जो उनकी रूढ़िवादी और अत्याचारी मानसिकता पर कोई सवाल ना उठाए। जे अपनी पत्नी के फैसलों पर अपना कंट्रोल चाहते हैं इसलिए वे नहीं चाहते कि उनकी पत्नी मॉडर्न हो।

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