सेक्सलेस मैरिज में औरतें – भारत में 70-80% शादियां, एक अनुमान के अनुसार, बस दो लोगों के एक साथ रहने की होती हैं। कोई रिश्ता न होना, प्यार न होना, खुशी न होना निश्चित रूप से आपसी सुख नहीं होना। सवाल उठता है, अगर महिलाएं खुश नहीं हैं तो वे उस रिश्ते में क्यों रहती हैं? वे सेक्सलेस मैरिज से क्यों जुड़ी रहती हैं? क्या वे सेक्स को कम्पेटिबिलिटी से भ्रमित करती हैं? या क्या वे मानती हैं कि उनका सेक्सशुअल प्लेज़र ज़रूरी नहीं है ? या उन्हें कभी प्राथमिकता नहीं मिली? जानते हैं इन सवालों का जवाब।

कुछ प्रमुख कारण महिलाओं के सेक्सलेस मैरिज में रहने के

1 ) यह विश्वास कि शादी में सेक्सशुअल सैटिस्फैक्शन ज़रूरी नहीं है-

महिलाओं को अक्सर यह विश्वास दिलाया जाता है की शादी एक पवित्र रिश्ता होता है। शादी में बच्चे होना ज़रूरी है लेकिन आपका सेक्सशुअल सैटिस्फैक्शन नहीं। सेक्स के बारे में खुलके बात करना समाज में अच्छा नहीं माना जाता और इसीलिए महिलाएं बिना किसी को बताये चुप चाप सेक्सलेस मैरिज में कोम्प्रोमाईज़ करके रहती हैं।

2 ) सेक्सशुअल प्लेज़र महसूस ही नहीं किया

कई महिलओं को शादी में सेक्स करने के बाद भी सैटिस्फैक्शन नहीं मिलता। उन्हें शायद सही जानकारी भी नहीं होती। डॉ तनाया ने कहा – ” भारत में ऐसा होने की सबसे बड़ी वजह है , बॉडी की सही जानकारी न होना। आज के ज़माने में इंटरनेट है , वीडियोस है और भी कई सारी चीज़ें हैं जिनसे आज के समय के लोग जान सकते हैं की प्लेज़र क्या होता है। पहले के ज़माने में इस बारे में बात नहीं होती थी और इसीलिए महिलाएं कुछ नहीं बोलती थी।

3 ) महिलाएं स्वयं के मुकाबले पुरुषों के सेक्सशुअल प्लेज़र को अधिक महत्वता देती हैं

महिलाएं स्वयं के सुख से ज्यादा महत्वता पुरुषों के सुख को देती हैं। इस पर पल्लवी बर्नवाल- ने कहा – “ यह एक पोर्न-शिक्षित पैट्रिआर्की देश है और जिन्हे पता नहीं की सेक्स किस बारे में है। सेक्स आनंद के बारे में है, सेक्स व्यक्तित्व के बारे में है, सेक्स पहचान के बारे में है।” हम इनके बारे में कभी बात ही नहीं करते।

4 ) बच्चों की वजह से –

सबसे बड़ा कारण सेक्सलेस मैरिज में रहने का यह भी होता है की महिलाएं अपने बच्चों से अलग नहीं होना चाहती या उन्हें अपने पिता से अलग नहीं करना चाहती। सिंगल माँ माधुरी बैनर्जी ने कहा, “मैंने लगभग एक दशक पहले तलाक ले लिया था जब मेरा बच्चा दो या तीन साल का था, इसलिए मुझे लगता है कि मुझे इस बात का बहुत जल्दी एहसास हो गया था कि यह शादी नहीं चल रही है और मैं शादी में बच्चे के होने के कुछ समय पहले भी रह रही थी । लेकिन मुझे पता था कि यह वह रिश्ता नहीं था जो मैं चाहती थी । हम दोनों बहुत दुखी थे। और, मुझे लगता है कि कभी-कभी एक साथ हमेशा के लिए दुखी होने की बजाय अलग होकर खुश रहना बेहतर है।”

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