क्या आपने कभी पब्लिक प्लेस में “सैक्स” शब्द बोला है ? अगर हां, तो आपने लोगों के रिएक्शंस तो ज़रूर देखे होंगे| सैक्स शब्द सुनते ही लोगो के रिएक्शन “टाइम बॉम्ब” वाले होते हैं और वो हमे ऐसे घूरते है जैसे हम आतंकवादी है! सेक्स के बारे में बात करने से हम इतना डरते क्यों हैं ?

सैक्स के बारे में बात करने से क्यों कतराते है लोग

सोसाइटी का माइंडसेट – हमारी सोसाइटी ने अपने कुछ रूल्स और रेगुलेशंस बनाए है  इस रूल्स और रेगुलेशंस की बुक में “सैक्स” शब्द नहीं है| अगर आप इस मुद्दे पर खुलकर बात करते हो तो आप में तमीज़ नहीं है |

“शादी से पहले सैक्स पर बात करना पाप है” – सोसाइटी हमे शुरु से इस टॉपिक पर बात करने पर जज करती है , लोगो के अनुसार “शादी से पहले सैक्स पर बात करना पाप है”| लेकिन अगर हम शादी से पहले इस पर बात नहीं करेंगे तो शादी के बाद क्या होगा!

डिस्कशन ना होने के साइड इफ़ेक्ट

मुश्किल सिचुएशन में पड़ सकते हो – कई बार आपको सैक्स के बारे में ठीक से ज्ञान नहीं होता , आपको contraceptives , इसका प्रयोग जैसी बातों के बारे में ठीक से पता नहीं होता| इन वजहों से आप अनवांटेड प्रेग्नेंसी जैसी सिचुएशन में पड़ सकते हैं|

शादी के बाद क्या होगा – ये सोसाइटी हमे शादी से पहले तक सैक्स पर बात भी नहीं करने देती और वहीं शादी होते ही हमसे खुशखबरी की उम्मीद करती है| अगर आपको सैक्स के बारे में ज्ञान नहीं है , तो शादी के बाद आप ब्लेंक फील करेंगी।

छुप कर पॉर्न विडियोज देखना – सैक्स टॉक नॉर्मल ना होने की वजह से लड़के/ लड़किया पॉर्न विडयोज देखने लगते है| उनके मन में सैक्स को लेकर काफी सवाल होते हैं , जो कोइ क्लियर नहीं करता| वो इन पॉर्न विडियोज़ से ज्ञान लेने लगते है जो कि गलत और ओवर इमेजनरी नॉलेज होती है|

रेप और हरासमेंट को बढ़ावा – सेक्स नॉलेज ना मिलने, पॉर्न विडयोज़ देखने , या गलत माइंडसेट की वजह से लड़के/ लड़कियां सेक्स के लिए उतावले हो जाते हैं | इन वजहों से रेप और हैरासमेंट के केस बढ़ते चले जा रहे है|

सैक्स के बारे में बात कैसे करे

पेरेंट्स बच्चो से इस टॉपिक पर बात करे – बच्चो को धीरे – धीरे सैक्स के बारे में बताएं | उन्हें बॉडी डेवलपमेन्ट, हार्मोन चेंजिस , गुड टच – बैड टच , सेफ सेक्स आदि के बारे में बताए | अगर वो आपसे सैक्स से रिलेटिड कोई सवाल पूछे तो कैजुअल तरीके से उनके सवालों के जवाब दे।

स्कूलों में सैक्स पर बात हो – ऐसा नहीं है के हमारी स्कूल की किताबों में सैक्स एजुकेशन मिसिंग है| ये टीचर पर डिपेंड करता है के वो बच्चो को सैक्स के बारे में कैसे और क्या – क्या बताती है | इसलिए बच्चो को इस टॉपिक पर अच्छी तरह जागरुक करने के लिए एक बैटर सिलेबस और टीचर दोनो की ज़रूरत है|

दोस्तों/ पार्टनर से बात करे – दोस्तों या अपने पार्टनर से बात करे, अगर आपको कुछ पता है तो उन्हें बताए, अगर उन्हें कुछ पता है तो वो आपको बताए| एक दूसरे से ज्ञान शेयर करें।

सैक्स पर बात करना क्यों ज़रूरी है

सैक्स लाइफ का एक ज़रूरी हिस्सा है| जैसे खाना पीना ,सोना ज़िन्दगी जीने के लिए ज़रूरी है वैसे ही सैक्स भी ज़रूरी है| सैक्स आपको प्लेजर, सेटिस्फेक्शन और ख़ुशी देता है| सैक्स , consent जैसे टॉपिक पर ज्ञान ना होने की वज़ह से मेरिटल रेप , हैरासमेंट , रेप जैसे इश्यूज आज भी हमारे समाज को खोखला बना रहे है|

हमें सोसाइटी में बदलाव लाना होगा और इसकी शुरुआत सबको करनी होगी| सैक्स टॉक नॉर्मल है | अगर हमें शुरु से ही इन सबके बारे में पता होगा तो सही टाइम आने पर कोई परेशानी नहीं होगी| सैक्स क्राइम नहीं है, इसलिए सेक्स के बारे में बात करने में शर्म किस बात की!

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